पैकेट वाले स्नैक्स, मीठे ड्रिंक और रेडी-टू-ईट खाना हमारी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन चुके हैं. समय बचाने और लंबे समय तक खराब न होने की वजह से लोग इनका खूब इस्तेमाल करते हैं. लेकिन इन खाद्य पदार्थों की ज्यादा मात्रा सेहत के लिए परेशानी बढ़ा सकती है. Family Medicine and Community Health जर्नल में प्रकाशित एक नई स्टडी में अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड (UPF) और कई गंभीर बीमारियों के बीच संबंध पाया गया है.
शोधकर्ताओं ने अमेरिका, यूरोप, एशिया और ओशिनिया के 88 लाख 19 हजार 894 वयस्कों को शामिल करने वाली 51 स्टडीज के आंकड़ों का विश्लेषण किया. इनमें लोगों पर 2 से 32 साल तक नजर रखी गई. रिसर्च में हार्ट डिजीज, कैंसर, मोटापा, डायबिटीज, मेटाबॉलिक सिंड्रोम और समय से पहले मौत जैसे स्वास्थ्य जोखिमों को देखा गया.
रोज 100 ग्राम ज्यादा UPF खाने पर हार्ट रिस्क 14% बढ़ा
स्टडी का सबसे अहम निष्कर्ष दिल की सेहत से जुड़ा है. रिसर्च के मुताबिक, हर दिन अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की मात्रा 100 ग्राम बढ़ने पर कार्डियोवस्कुलर इवेंट का जोखिम करीब 14% ज्यादा पाया गया. इसमें हार्ट अटैक, स्ट्रोक और हृदय रोग से होने वाली मौत जैसी घटनाएं शामिल थीं. हालांकि इसका मतलब यह नहीं है कि कोई व्यक्ति 100 ग्राम पैकेट वाला खाना खाते ही हार्ट अटैक का शिकार हो जाएगा. यह स्टडी मुख्य रूप से पहले से मौजूद ऑब्जर्वेशनल रिसर्च के आंकड़ों पर आधारित है. इसलिए इससे सीधा कारण और परिणाम साबित नहीं होता, बल्कि दोनों के बीच संबंध सामने आता है.
सिर्फ दिल ही नहीं, इन बीमारियों का जोखिम भी बढ़ा
कैंसर का जोखिम 4% ज्यादा पाया गया.
किसी भी कारण से मौत का जोखिम 3% ज्यादा पाया गया.
मेटाबॉलिक सिंड्रोम या डायबिटीज का जोखिम 2% ज्यादा पाया गया.
कौन-से खाने Ultra-Processed Food हैं?
हर पैकेट में मिलने वाला या प्रोसेस किया हुआ खाना UPF नहीं होता. खाद्य पदार्थों को प्रोसेस करने की कई अलग-अलग श्रेणियां होती हैं. UPF के आम उदाहरणों में पैकेट वाले चिप्स, कुकीज, कन्फेक्शनरी, मीठे सॉफ्ट ड्रिंक, इंस्टेंट नूडल्स, कई रेडी-टू-ईट फूड, कुछ प्रोसेस्ड मीट और बाजार में बने पैकेज्ड बेकरी प्रोडक्ट शामिल हैं. वहीं दूध का पाश्चराइजेशन, फ्रोजन सब्जियां, डिब्बाबंद बीन्स या साबुत अनाज की ब्रेड जैसी चीजें प्रोसेस्ड हो सकती हैं, लेकिन जरूरी नहीं कि वे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड की कैटेगरी में आएं.
दिल के लिए क्यों नुकसानदायक है?
कई UPF में नमक, अतिरिक्त चीनी और सैचुरेटेड फैट ज्यादा, जबकि फाइबर और जरूरी पोषक तत्व अपेक्षाकृत कम होते हैं. इन्हें बार-बार खाने से जरूरत से ज्यादा कैलोरी लेना आसान हो सकता है. इससे मोटापा, हाई ब्लड प्रेशर, खराब कोलेस्ट्रॉल और ब्लड शुगर जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है, जो आगे चलकर दिल की बीमारी के जोखिम को प्रभावित करते हैं.