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अमेरिका ने दी सभी वयस्कों को कोरोना वैक्सीन के बूस्टर डोज देने की मंजूरी

अमेरिकी ने शुक्रवार से सभी वयस्कों के लिए कोरोनोवायरस वैक्सीन के बूस्टर डोज को मान्यता दे दी है. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से बूस्टर डोज देने का फैसला लिया गया.

Covid-19 booster dose.
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 20 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 11:43 AM IST
  • 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का हर व्यक्ति होगा पात्र
  • फैसला लेने के लिए सैकड़ो लोगों का लिया गया डेटा

अमेरिकी ने शुक्रवार से सभी वयस्कों के लिए कोरोनोवायरस वैक्सीन के बूस्टर डोज को मान्यता दे दी है. कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए सुरक्षा के लिहाज से बूस्टर डोज देने का फैसला लिया गया.

फेडरल स्वास्थ्य अधिकारियों को उम्मीद है कि एक बूस्टर-फॉर-ऑल नीति लाखों लोगों को कोविड वैक्सीन लेने के लिए प्रेरित करेगी. चूंकि ये छुट्टियों का टाइम है इसलिए इस दौरान कई लोग यात्रा या छुट्टियां मनाने के लिए भी निकलेंगे. हम चाहते हैं कि मौका रहते सब लोग वैक्सीन की बूस्टर डोज प्राप्त कर लें. सर्दियां आते ही कई लोग बिगड़ती तस्वीर को लेकर चिंतित रहते हैं. अमेरिका में 25 अक्टूबर को कोविड के नए मामलों में लगभग 69, 000 तक की गिरावट देखी गई थी, जोकि उस महीने में सबसे कम थी. हालांकि शुक्रवार से कोरोना मामलों में फिर से तेजी देखी गई, जिसके बाद केस 96,000 से अधिक हो गए.

18 वर्ष या उससे अधिक उम्र का हर व्यक्ति होगा पात्र
इस आधार पर 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र का हर वयस्क बूस्टर डोज के लिए पात्र होगा. कोविड-19 एफडीए आयुक्त जेनेट वुडकॉक ने कहा, "इस निर्णय से कोविड -19 से पीड़ित होकर अस्पतालों में भर्ती होने वाले मरीजों की संख्या और मृत्यु दर को रोकने में काफी मदद मिलेगी. वालेंस्की ने एक बयान में कहा, "बूस्टर शॉट्स ने संक्रमण और गंभीर परिणामों के खिलाफ लोगों की सुरक्षा को सुरक्षित रूप से बढ़ाने की क्षमता का प्रदर्शन किया है और सर्दियों के आते ही छुट्टियों का दौर भी शुरू हो जाता है. ऐसे में कोरोना वायरस के खिलाफ हमारी सुरक्षा को मजबूत करने के लिए  यह एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है."

काफी समय बाद लिया गया फैसला
पहले 50 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों को इसमें शामिल करने का फैसला सीडीसी एडवाइजरी पैनल का नहीं था, इसे एंड मौके पर शामिल किया गया. पैनल के सदस्यों ने कहा कि यह बताना महत्वपूर्ण है कि एमआरएनए टीकों से दुर्लभ लेकिन गंभीर हृदय संबंधी कुछ दुष्प्रभाव देखे गए, जो युवा लोगों की तुलना में वृद्धों में अधिक थे. स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी में बाल रोग की प्रोफेसर और सलाहकार पैनल की अध्यक्ष ग्रेस ली ने कहा कि वह वृद्ध लोगों के लिए लिए गए इस फैसले का समर्थन करती हैं क्योंकि इस दौरान कई लोगों ने काफी कठिन समय देखा और यह सूची बदलती रहती है." मुझे यह भी यकीन नहीं है कि मैं इस बात का ध्यान रख सकती हूं कि कौन पात्र है या कौन नहीं."

फैसला लेने के लिए सैकड़ो लोगों का लिया गया डेटा  
इससे पहले फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन ने फाइजर-बायोएनटेक और मॉडर्न बूस्टर को 18 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए अधिकृत किया था, जिसमें दो शॉट छह महीने के अंतराल पर दिए जाते थे. एफडीए ने कहा कि यह फैसला वैक्सीन की दोनों डोज लेने वाले सैकड़ों लोगों की मजबूत इम्यूनिटी के डेटा पर आधारित है. वहीं मॉडर्ना के सीईओ स्टीफन बैंसेल ने कहा, "यह अनुमति ऐसे महत्वपूर्ण समय पर मिली है जब हम सर्दियों के महीनों में प्रवेश कर रहे हैं. इस दौरान देश में कोरोना के मामलों की संख्या बढ़ रही है.

AMA ने की तारीफ
अमेरिकन मेडिकल एसोसिएशन ने एजेंसियों के इस फैसले की सराहना करते हुए कहा, “वैज्ञानिक प्रमाण स्पष्ट करते हैं कि टीके COVID-19 के खिलाफ सुरक्षित और प्रभावी हैं. हम उन सभी से आग्रह करना चाहते हैं कि, जिन्होंने अभी तक COVID-19 के खिलाफ टीका नहीं लगवाया है और वे इसके पात्र हैं, वो कृपया करके इसे लगवा लें. इसमें 5 वर्ष और उससे अधिक उम्र के बच्चे और गर्भवती महिलाएं शामिल हैं.”

बता दें कि फाइजर की वैक्सीन का 30 माइक्रोग्राम लगाया जाएगा, जो कि पहले लग चुकी डोज के समान है, जबकि मॉडर्न का 50 माइक्रोग्राम है, जो पहली डोज का आधा है लेकिन एफडीए द्वारा इसका उल्लेख नहीं किया गया था, क्योंकि इसका निर्णय लेने के लिए डेटा का उपयोग किया गया था. 


 

 

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