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नहीं पड़ेगी फिलर्स की जरूरत, इस एक चीज से 50 की उम्र में आएगा 28 जैसा निखार... डॉक्टर्स भी करते हैं इस्तेमाल!

Volufiline एक प्लांट से बना इंग्रीडिएंट है, जो चेहरे की फैट सेल्स को प्लंप करता है. साथ ही इस सीरम में Pal-Isoleucine है, जो कोलेजन बढ़ाता है. इसे सिर्फ उन जगहों पर लगाएं जहां स्किन पतली हो गई हो. चलिए आपको इसके बारे में पूरी डीटेल में बताते हैं.

50 की उम्र में भी 30 जैसा आएगा निखार
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 दिसंबर 2025,
  • अपडेटेड 11:43 AM IST

कल्पना कीजिए, 45 की उम्र में आप 28 कि दिखने लगे तो? जब आप आईने में देखें तो पहले जो गहरी स्माइल लाइन्स थीं, अब वो हल्की हो गई हैं. चेहरा थोड़ा भरा-भरा और जवान लग रहा है, वो भी बिना किसी इंजेक्शन के! आजकल सोशल मीडिया पर एक सीरम बहुत चर्चा में है. नाम है The Ordinary का Volufiline 92% + Pal-Isoleucine 1% सीरम. लोग इसे 'बोतल में फिलर' कह रहे हैं. लेकिन क्या ये सच में काम करता है? चलिए जानते हैं.

एक ब्यूटी एडिटर ने बताया कि उन्होंने 41 साल की उम्र में फिलर्स लगवाए थे. उनके चेहरे पर जॉलाइन्स ढीली पड़ गई थीं, गाल और मुंह के आसपास लाइन्स दिखने लगी थीं. फिलर्स से चेहरा अच्छा भरा और शार्प हो गया. हर डेढ़ साल में दोबारा फिलर्स लगवाती थीं. लेकिन फिलर्स के साइड इफेक्ट्स की बात करें तो ज्यादा फिलिंग से चेहरा सूजने लगा. साथ ही इसे करवाने में हजारों रुपये खर्च हो रहे थे. इसलिए उन्होंने दो साल पहले फिलर्स छोड़ दिए. अब वो रेटिनॉल, पेप्टाइड्स, बॉटॉक्स और माइक्रोनीडलिंग यूज करती हैं.

एक दिन उन्होंमे सोशल मीडिया पर ये नया सीरम देखा. जिसकी कीमत सिर्फ 1500-2000 रुपये थी. लगाने में आसान, सुई की जरूरत नहीं. उन्होंने बताया कि, पहले तो उन्हें शक हुआ, क्योंकि ज्यादातर प्लंपिंग प्रोडक्ट्स तो हयालुरॉनिक एसिड से टेम्परेरी हाइड्रेशन देते हैं. लेकिन ये अलग था. इसमें Volufiline नाम का प्लांट से बना इंग्रीडिएंट है, जो चेहरे की फैट सेल्स को प्लंप करता है. साथ ही इस सीरम में Pal-Isoleucine है, जो कोलेजन बढ़ाता है. इसे सिर्फ उन जगहों पर लगाएं जहां स्किन पतली हो गई हो. जैसे- आंखों के नीचे, गाले पर, मुंह के किनारों की लाइन्स (स्माइल लाइन्स) पर.

Volufiline क्या है?
ये एक प्लांट-बेस्ड इंग्रीडिएंट है, जो फैट सेल्स को प्लंप करता है. इसमें 92% Volufiline (सार्सासैपोजेनिन) और 1% Pal-Isoleucine है. Pal-Isoleucine कोलेजन और इलास्टिन को सपोर्ट करता है. ये सीरम खासतौर पर उन जगहों पर लगाने के लिए है जहां उम्र के साथ वॉल्यूम कम हो जाता है. कई स्टडीज का कहना है कि Volufiline फैट सेल्स में लिपिड बढ़ाता है, जिससे जगह फुलर लगती है. हालांकि इसे लेकर डॉक्टर्स का कहना हैं कि इसे लगाते समय सावधानी बरतना चाहिए. अगर इसे गलत जगह लगाया जाए तो जॉलाइन्स या चिन के नीचे अनचाहा फैट बढ़ सकता है, साथ ही स्किन और ढीली लग सकती है.

लंदन की एस्थेटिक्स डॉक्टर सिंधु सिद्दीकी कहती हैं, 'Volufiline फैट सेल्स को बड़ा करता है, लेकिन सिर्फ वहीं जहां लगाओ. स्माइल लाइन्स पर अच्छा काम करता है. मैंने खुद एक महीना ट्राई किया.'

कैसे करें इस्तेमाल
इस्तेमाल बड़ा ही आसान है मॉइश्चराइजर के बाद थोड़ा सा स्माइल लाइन्स पर लगाओ. थोड़ा टिंगल करता है, ऑयली टेक्सचर है, इसलिए कम ही लगाए. इसे आप सुबह-शाम लगा सकते हैं. इसके साथ ही आपको चार हफ्तों में फर्क नजर आने लगेगा और आपको फ्रेश फील होगा.

फिलर्स जितना पावरफुल?
जी नहीं, फिलर्स स्ट्रक्चरल सपोर्ट देते हैं, जिससे इंस्टेंट रिजल्ट मिलता है. वहीं ये छोटा, नेचुरल और सस्ता ऑप्शन है. अगर आप 30-50 की उम्र में हैं, इंजेक्शन से डरती हैं या मेंटेनेंस चाहती हैं, तो इसे ट्राई कर सकती हैं.
 

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