क्या होती है Arsenic Poisoning जिसे खाने से MP में गई 3 लोगों की जान, मिठाई में मिलाई गई थी

आर्सेनिक एक प्राकृतिक तत्व है, जो मिट्टी, पानी, हवा और खाने-पीने की चीजों में थोड़ी मात्रा में पाया जाता है. लेकिन जब इसकी मात्रा ज्यादा हो जाए, तो यह बेहद जहरीला बन जाता है.

Chhindwara Poisoned Sweets Case
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 04 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 1:00 PM IST
  • जहर मिली मिठाई खाने से एमपी में 3 मौतें
  • छिंदवाड़ा में मिठाई बनी मौत का कारण

मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में मिठाई खाने से एक महिला, उसके बुजुर्ग दादा और एक गार्ड की मौत हो गई. शुरुआत में इसे सामान्य फूड पॉइजनिंग माना गया, लेकिन जांच में पता चला कि यह एक सोची-समझी साजिश थी, जिसे परिवार के ही कुछ लोगों ने अंजाम दिया.

क्या है पूरा मामला?
9 जनवरी को 50 साल के गार्ड दशरू यादववंशी ड्यूटी के दौरान मिठाई खाते हैं. कुछ ही देर में उन्हें तेज उल्टी और दस्त होने लगते हैं. हालत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 11 जनवरी को इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई. उस समय पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ, इसलिए कारण साफ नहीं हो सका.

कुछ दिन बाद वही मिठाई पास की दुकान के एक परिवार ने भी खा ली. इस परिवार की 22 साल की खुशबू कथूरिया, उनके 72 साल के दादा और अन्य सदस्य गंभीर रूप से बीमार पड़ गए. इलाज के बावजूद खुशबू और उनके दादा की मौत हो गई, जबकि मां और बहन की जान मुश्किल से बच पाई.

जब मिठाई की फॉरेंसिक जांच हुई, तो चौंकाने वाला खुलासा हुआ. जांच में मिठाई में आर्सेनिक की मात्रा तय सीमा से हजारों गुना ज्यादा पाई गई, जो कई लोगों को मारने के लिए काफी थी.

कैसे रची गई साजिश ?
खुशबू ने शादी (जनवरी 2024) के बाद अपने ससुराल वालों पर प्रताड़ना और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए थे. इन आरोपों से ससुराल पक्ष को समाज में शर्मिंदगी उठानी पड़ी. पुलिस के मुताबिक, इसी का बदला लेने के लिए खुशबू के ससुर झाडू कासर, देवर शुभम और ननद शिवानी ने साजिश रची.

आरोप है कि इन तीनों ने पेड़ों में आर्सेनिक मिलाया और मिठाई का पैकेट जानबूझकर खुशबू के पिता की दुकान के पास रख दिया, ताकि वह या परिवार का कोई सदस्य इसे खा ले.

आर्सेनिक जहर क्या होता है?
आर्सेनिक एक प्राकृतिक तत्व है, जो मिट्टी, पानी, हवा और खाने-पीने की चीजों में थोड़ी मात्रा में पाया जाता है. लेकिन जब इसकी मात्रा ज्यादा हो जाए, तो यह बेहद जहरीला बन जाता है. खासतौर पर इनऑर्गेनिक आर्सेनिक बहुत खतरनाक होता है और कैंसर तक का कारण बन सकता है.

आर्सेनिक पॉइजनिंग के लक्षण
अगर ज्यादा मात्रा में आर्सेनिक शरीर में चला जाए, तो 30 मिनट के अंदर पेट दर्द, उल्टी और दस्त, सांस लेने में दिक्कत, सीने में दर्द, दिल की धड़कन गड़बड़ होना, हाथ-पैर में झनझनाहट, सांस से लहसुन जैसी बदबू जैसे लक्षण दिखने लगते हैं:

लंबे समय तक आर्सेनिक के संपर्क में रहने से त्वचा काली पड़ना, नाखूनों पर सफेद लाइन, पाचन तंत्र की समस्या और गंभीर बीमारियां हो सकती हैं.

कितना खतरनाक है यह जहर?
WHO के अनुसार, आर्सेनिक जहर से लीवर, दिल और नसों की बीमारी हो सकती है. यह ब्लैडर, फेफड़े, लिवर, किडनी, स्किन और ब्लड कैंसर तक का कारण बन सकता है. गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर इसका असर और भी गंभीर होता है.

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