Neuroendocrine Cancer Symptoms: गैस की समस्या को नजरंदाज न करें, हो सकता है जानलेवा न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर, जानें क्या है इसके लक्षण

न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर जिसने बदल दी 52 साल की महिला की जिंदगी, जानें वह कौन से लक्षण हैं जिसे वह नजरंदाज कर रही थी.

Neuroendocrine Cancer (AI Generated Image)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 11 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 7:52 PM IST

ब्रिटेन के बकिंघमशायर में रहने वाली 52 साल की केरी आइवरी, जो दो बच्चों की मां हैं और वह एक ऐसे कैंसर से जूझ रही हैं जिसे अकसर पहचानना मुश्किल होता है. शुरुआत में उन्हें लगातार खांसी, एसिडिटी और थकान की शिकायत थी. डॉक्टरों ने इसे राइनाइटिस, पोस्ट-नेजल ड्रिप और अस्थमा बताया. लेकिन असल वजह बाद में सामने आई, जिसने उनके पूरे परिवार को हिला कर रख दिया. बाद में डॉक्टर ने उन्हें बताया कि उन्हें न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर है.

देर से पहचान और बढ़ती परेशानी
करीब 15 महीनों तक उन्हें यह लक्षण नॉर्मल लगा. इस दौरान उन्हें पेट फूलना, गैस और दर्द जैसी दिक्कतें भी होने लगीं. दिन चढ़ते-चढ़ते उनका पेट काफी फूल जाता था. उन्हें शुरूआती दिनों में लगने लगा कि उन्हें नॉर्मल ब्लॉटिंग की समस्या आ रही है, लेकिन कई जांच के बाद डॉक्टरों को उनके आंत में ट्यूमर मिला. इसके बाद उन्हें बड़ी सर्जरी से गुजरना पड़ा, जिसमें डॉक्टरों को उनके आंत के हिस्से के साथ-साथ शरीर के दूसरे प्रभावित हिस्सों को भी हटाना पड़ा. 

न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर और लक्षण
यह कैंसर उन ग्लैंड में शुरू होता है जो हार्मोन बनाते हैं. यह शरीर के कई हिस्से जैसे पेट, पेनक्रियाज, फेफड़े या आंत में हो सकता है. इसके लक्षण अकसर सामान्य बीमारियों जैसे लगते हैं, इसलिए कई बार कैंसर के खतरों को पहचान पाना मुश्किल होता है. इसमें थकान, वजन कम होना, पेट संबंधी परेशानी, लगातार खांसी या अस्थमा जैसे लक्षण शामिल हो सकते हैं.

कैंसर ने बदल दी केरी की रोजमर्रा की जिंदगी
कैंसर से ग्रसित केरी बताती हैं कि बीमारी ने उनकी रोजमर्रा की जिंदगी बदल दी है. इस बीमारी के कारण होने वाले ज्यादा थकान के कारण उन्हें काम छोड़ना पड़ा. फिलहाल डॉक्टर ट्यूमर की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं ताकि समय से पहले इलाज किया जा सके. हालांकि उनके शरीर में अभी भी ये बीमारी मौजूद है, जिसपर भी डॉक्टरों की कड़ी नजर है.

लगातार करवाते रहें जांच
यूके के अनुसार, न्यूरोएंडोक्राइन कैंसर से हर साल हजारों लोग प्रभावित होते हैं. कई गोलों में इसकी पहचान बहुत देर से होती है. अगर आपके शरीर में भी कुछ परेशानी लंबे समय तक बनी हुई है तो इसे नजरंदाज न करें. समय रहते इलाज और जागरूकता से इस बड़ी बीमारी से लड़ा जा सकता है, इसलिए समय-समय पर बल्ड टेस्ट और डॉक्टर से सलाह लेते रहें. 

 

ये भी पढ़ें 

 

Read more!

RECOMMENDED