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कोरोना के नए वैरिएंट को WHO ने दिया ओमिक्रॉन नाम, बताया बेहद खतरनाक

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 के हाल ही में खोजे गए बी.1.1.529 स्ट्रेन को लेकर चिंता व्यक्त की है. इस वैरिएंट को पहली बार दक्षिण अफ्रीका में देखा गया था, जिसका नाम बदलकर अब ओमिक्रॉन रख दिया गया है.

Corona virus new variant named as Omicron
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 27 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 8:42 AM IST
  • अध्ययन करने में लगेगा समय
  • दक्षिण अफ्रीका में 100 से अधिक मामले

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कोविड-19 के हाल ही में खोजे गए बी.1.1.529 स्ट्रेन को लेकर चिंता व्यक्त की है. इस वैरिएंट को पहली बार दक्षिण अफ्रीका में देखा गया था, जिसका नाम बदलकर अब ओमिक्रॉन रख दिया गया है. 

खतरनाक है वैरिएंट
इस क्लासीफीकेशन के अनुसार ओमिक्रॉन को विश्व स्तर पर प्रमुख डेल्टा के साथ-साथ इसके कमजोर प्रतिद्वंद्वी अल्फा, बीटा और गामा के साथ कोविड -19 वेरिएंट की सबसे खतरनाक श्रेणी में रखा है. जहां एक तरफ कई राष्ट्र ने दक्षिण अफ्रीका से आने वाली फ्लाइटों पर बैन लगा दिया है. वहीं शेयर बाजार और तेल की कीमतें वैरिएंट के बढ़ते प्रकोप की आशंका के बीच घट गईं, जोकि वैश्विक सुधार के लिए भारी झटका है.

अध्ययन करने में लगेगा समय
डब्ल्यूएचओ (WHO)ने कहा कि ओमाइक्रोन के अध्ययन को पूरा करने में कई सप्ताह लग सकते हैं. हम यह देखने की कोशिश करेंगे कि कोविड के ट्रांसमिशन, गंभीरता, टीकों, परीक्षणों में क्या बदलाव हुआ है. ओमिक्रॉन की सबसे पहले पुष्टि 9 नवंबर को दक्षिण अफ्रीका में हुई थी.डब्ल्यूएचओ ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा, "इस वैरिएंट में म्यूटेशन काफी तेजी से हो रहा है, जिनमें से कुछ बेहद खतरनाक हैं." 

दक्षिण अफ्रीका में 100 से अधिक मामले
दक्षिण अफ्रीका के लगभग सभी प्रांतों में ओमिक्रॉन के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं. दक्षिण अफ्रीका में इस वैरिएंट के 100 से अधिक मामले सामने आए थे. बोत्सवाना में तेजी से मामले बढ़ रहे हैं. हांगकांग में भी इस वैरिएंट के दो मामलों का पता चला है. सभी वायरस समय के साथ म्यूटेट होते हैं और इनमें SARS-CoV-2 भी शामिल है, जो कोविड -19 रोग का कारण बनता है. डब्ल्यूएचओ ने अन्य देशों के साथ इस पर बातचीत करने के लिए और वायरस के वैरिएंट को बेहतर ढंग से समझने के लिए एक मीटिंग बुलाई थी. 

वायरस के संपर्क में आने से बचें 
कोविड -19 पर डब्ल्यूएचओ की टेक्निकल प्रमुख मारिया वान केरखोव ने लोगों से वायरस के संपर्क में आने की संभावना को कम करने के लिए कहा है. उन्होंने कहा, "हम समझते हैं कि लोग चिंतित हैं. एक व्यक्ति के रूप में वास्तव में महत्वपूर्ण यह है कि आप अपने जोखिम को कम करें." इसके लिए जरूरी है कि आप सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करें, मास्क लगाएं, भीड़-भाड़ वाले इलाके में जाने से बचे और समय से वैक्सीनेशन लें.

यात्रा संबंधी चिंताएं
दक्षिण अफ्रीका के अलावा यह वैरिएंट इज़राइल में malawi,बोत्सवाना, बेल्जियम और हांगकांग से आने वाले एक व्यक्ति में पाया गया है. इसके चलते कई देशों ने यहां से आने वाली उड़ानों पर प्रतिबंध लगा दिया है. ब्रिटेन ने दक्षिण अफ्रीका के साथ-साथ बोत्सवाना, लेसोथो, इस्वातिनी, जिम्बाब्वे और नामीबिया से आने वाले लोगों पर प्रतिबंध लगाए हैं. ब्रिटेन ने इन देशों को यात्रा प्रतिबंध की 'रेड लिस्‍ट' में शामिल किया है.

 

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