बारिश का मौसम गर्मी से राहत तो देता है, लेकिन साथ ही कई तरह की बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है. इस मौसम में सर्दी-जुकाम, वायरल फीवर, फूड पॉइजनिंग, डायरिया और पेट से जुड़ी समस्याएं तेजी से फैलती हैं. डॉक्टरों के मुताबिक, मानसून में हमारी पाचन क्षमता थोड़ी कमजोर हो जाती है और वातावरण में नमी बढ़ने से बैक्टीरिया, वायरस और फंगस तेजी से पनपते हैं. ऐसे में खानपान और साफ-सफाई को लेकर थोड़ी सी लापरवाही भी बीमारी की वजह बन सकती है.
बारिश के मौसम में इंफेक्शन का खतरा क्यों बढ़ जाता है?
मानसून के दौरान हवा में नमी का स्तर बढ़ जाता है. यह बैक्टीरिया और फंगस के लिए अनुकूल माहौल तैयार करता है. इसके अलावा जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छरों की संख्या भी बढ़ती है, जिससे डेंगू, मलेरिया और चिकनगुनिया जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है.
इस मौसम में दूषित पानी और खराब भोजन सबसे बड़ी समस्या होते हैं. कई बार खाने-पीने की चीजें जल्दी खराब हो जाती हैं, लेकिन हमें इसका पता नहीं चल पाता. ऐसे भोजन के सेवन से पेट का संक्रमण, उल्टी और दस्त जैसी परेशानियां हो सकती हैं.
बरसात में किन चीजों को खाने से बचना चाहिए?
1. सड़क किनारे मिलने वाले कटे फल
बारिश के मौसम में खुले में रखे कटे फल बैक्टीरिया और धूल-मिट्टी के संपर्क में आ जाते हैं. इनमें संक्रमण का खतरा अधिक होता है. इसलिए ताजे और घर पर काटे गए फल ही खाएं.
2. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, पत्तागोभी जैसी हरी पत्तेदार सब्जियों में मानसून के दौरान कीड़े और सूक्ष्म जीव अधिक पनप सकते हैं. अगर इन्हें अच्छी तरह साफ न किया जाए तो संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है.
3. स्ट्रीट फूड
गोलगप्पे, चाट, पकौड़ी और अन्य खुले खाद्य पदार्थ बारिश के मौसम में संक्रमण का बड़ा कारण बन सकते हैं. इनमें इस्तेमाल होने वाला पानी और साफ-सफाई अक्सर संदेह के घेरे में रहती है.
4. बासी खाना
मानसून में भोजन जल्दी खराब हो सकता है. फ्रिज में रखा खाना भी लंबे समय तक सुरक्षित नहीं रहता. इसलिए ताजा बना भोजन खाने की कोशिश करें और कई घंटों पुराना खाना खाने से बचें.
5. कच्चा या अधपका भोजन
कच्चे सलाद, अधपके अंडे, मांस या सी-फूड में बैक्टीरिया मौजूद हो सकते हैं. बारिश के मौसम में इन्हें अच्छी तरह पकाकर ही खाना चाहिए.
क्या खाना फायदेमंद रहेगा?
मानसून में हल्का और आसानी से पचने वाला भोजन बेहतर माना जाता है. दाल, खिचड़ी, सूप और ताजा घर का बना खाना शरीर को जरूरी पोषण देने के साथ पाचन को भी बेहतर बनाए रखता है. अदरक, हल्दी, काली मिर्च और तुलसी जैसी चीजें रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में मदद कर सकती हैं. इसके अलावा पर्याप्त मात्रा में पानी पीना भी जरूरी है, लेकिन हमेशा साफ और उबला या फिल्टर किया हुआ पानी ही पिएं.
इन बातों का भी रखें ध्यान
खाने से पहले और बाद में हाथ जरूर धोएं.
बाहर का पानी पीने से बचें.
फलों और सब्जियों को अच्छी तरह धोकर इस्तेमाल करें.
घर और आसपास पानी जमा न होने दें.
मच्छरों से बचाव के लिए जरूरी उपाय अपनाएं.
बुखार, उल्टी या दस्त की समस्या होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें.
मानसून में बीमारियों से बचाव का सबसे आसान तरीका साफ-सफाई और संतुलित खानपान है. यदि खाने-पीने की चीजों की गुणवत्ता और स्वच्छता का ध्यान रखा जाए तो इस मौसम में होने वाले अधिकांश संक्रमणों से बचा जा सकता है.