अक्सर माना जाता है कि बार-बार डाइटिंग करके वजन घटाना और फिर दोबारा बढ़ जाना सेहत के लिए नुकसानदायक होता है. लेकिन एक नई रिसर्च में चौंकाने वाली बात सामने आई है. जर्नल BMC Medicine में पब्लिश रिसर्च के मुताबिक, अगर कोई व्यक्ति बार-बार वजन कम करने की कोशिश करता है, तो भले ही बाद में वजन फिर बढ़ जाए, फिर भी शरीर को लंबे समय में फायदा मिल सकता है खासकर विसरल फैट कम करने में.
यो-यो डाइटिंग क्या होती है?
जब कोई व्यक्ति डाइटिंग या एक्सरसाइज से जल्दी वजन कम करता है, लेकिन कुछ समय बाद फिर से वजन बढ़ जाता है और यह प्रक्रिया बार-बार दोहराई जाती है, तो इसे यो-यो डाइटिंग या वेट साइक्लिंग कहा जाता है.
नई स्टडी में क्या सामने आया?
करीब 300 लोगों पर 5 से 10 साल तक की गई स्टडी में पाया गया कि जिन लोगों ने दोबारा वजन कम करने की कोशिश की, उनका वजन भले पहले जैसा हो गया था. लेकिन पेट के अंदर की खतरनाक चर्बी 15% से 25% तक कम हो गई. उनके शरीर में इंसुलिन सेंसिटिविटी बेहतर हुई. इसके अलावा कोलेस्ट्रॉल और मेटाबॉलिक हेल्थ में भी सुधार देखा गया.
वैज्ञानिकों ने इसे 'कार्डियो-मेटाबॉलिक मेमोरी' कहा है. यानी शरीर पहले किए गए हेल्दी बदलावों को कुछ हद तक याद रखता है.
यो-यो डाइटिंग के फायदे
नई रिसर्च के मुताबिक इसके कुछ संभावित फायदे भी हो सकते हैं जैसे
पेट की अंदरूनी चर्बी कम हो सकती है
विसरल फैट हार्ट और डायबिटीज के लिए ज्यादा खतरनाक होता है.
मेटाबॉलिक हेल्थ बेहतर हो सकती है
इंसुलिन और कोलेस्ट्रॉल प्रोफाइल में बेहतर होती है.
भले वजन वापस बढ़ जाए, शरीर को कुछ फायदे मिलते रहते हैं.
यो-यो डाइटिंग के नुकसान भी हो सकते हैं
पहले की कई रिसर्च में यो-यो डाइटिंग से जुड़े कुछ जोखिम भी बताए गए हैं जैसे,
हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है
ब्लड प्रेशर और डायबिटीज का जोखिम
मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है
बार-बार वजन बदलने से मानसिक तनाव
एक्सपर्ट क्या कहते हैं?
रिसर्च के मुताबिक, सिर्फ वजन की संख्या (किलो) से हेल्थ का सही आकलन नहीं होता. अगर कोई व्यक्ति बार-बार हेल्दी डाइट और लाइफस्टाइल अपनाने की कोशिश करता है, तो लंबे समय में शरीर को फायदा मिल सकता है.