अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन को बढ़ावा देने के लिए लागू की गई ब्याज माफी योजना 2025-26 के तहत, साल के पहले महीने जनवरी यानी 1 जनवरी से 31 जनवरी, 2026 के दौरान शहर के सभी 7 जोन से कुल 128.05 करोड़ रुपये की नेट इनकम प्राप्त हुई है.
अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की रेवेन्यू कमेटी के चेयरमैन अनिरुद्ध सिंह जाला ने कहा शहर के 7 जोन के हिसाब से इन इनकम के आंकड़ों के मुताबिक, सबसे ज़्यादा 28.38 करोड़ रुपये की नेट इनकम नॉर्थ वेस्ट ज़ोन से हुई है. फिर वेस्ट ज़ोन से 22.36 करोड़ रुपये और साउथ वेस्ट ज़ोन से 17.77 करोड़ रुपये मिले हैं. सेंट्रल ज़ोन से 18.49 करोड़ रुपये, ईस्ट ज़ोन से 16.37 करोड़ रुपये, साउथ ज़ोन से 13.47 करोड़ रुपये और नॉर्थ ज़ोन से 11.20 करोड़ रुपये की नेट इनकम हुई है. ये आंकड़े बताते हैं कि इस स्कीम को टैक्सपेयर्स से बहुत अच्छा और पॉजिटिव रिस्पॉन्स मिला है.
इंसेंटिव रिबेट स्कीम के कुल आंकड़ों के मुताबिक, शहर के कुल लगभग 99,904 टैक्सपेयर्स ने इस स्कीम का फायदा उठाया है. कुल ग्रॉस कलेक्शन 143.19 करोड़ रुपये रहा है, जिसमें से 15.14 करोड़ रुपये इंटरेस्ट वेवर के तौर पर दिए गए हैं और AMC को मिली अनुमानित नेट इनकम 128.05 करोड़ रुपये है. इसलिए, इंटरेस्ट वेवर देने से भी टैक्स कलेक्शन में काफी बढ़ोतरी हुई है.
प्रॉपर्टी टैक्स के ब्याज पर 100 परसेंट माफी दी जाएगी
रेवेन्यू कमेटी के चेयरमैन अनिरुद्ध सिंह झाला ने कहा, AMC की तरफ से अनाउंस की गई इस स्कीम के तहत पुराने टैक्स फार्मूले के हिसाब से रेजिडेंशियल और नॉन-रेजिडेंशियल (कमर्शियल) प्रॉपर्टी के लिए जनवरी से मार्च 2026 तक 100 परसेंट इंटरेस्ट वेवर दिया जाएगा. नए टैक्स फार्मूले के हिसाब से, जनवरी में रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के लिए यह 85 परसेंट था. अब फरवरी में 80 परसेंट और मार्च में 75 परसेंट इंटरेस्ट वेवर मिलेगा. हर महीने ब्याज माफी में 5 पर्सेंट की कटौती की गई है, ताकि जल्दी टैक्स देने वालों को ज़्यादा फ़ायदा मिल सके. इसी तरह, नए टैक्स फ़ॉर्मूले के मुताबिक, नॉन-रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी के लिए ब्याज माफी जनवरी में 65 परसेंट, फरवरी में 60 परसेंट और मार्च में 50 परसेंट हो जाएगी. इसके अलावा, शहर में चालियों और झोपड़ियों वाली सभी रेजिडेंशियल प्रॉपर्टी को भी 1 जनवरी से 31 मार्च, 2026 तक प्रॉपर्टी टैक्स के ब्याज पर 100 परसेंट माफी दी जाएगी.
हालांकि, यह इंसेंटिव रिबेट स्कीम साल 2025-26 के मौजूदा प्रॉपर्टी टैक्स पर लागू नहीं होगी. अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन की इस ब्याज माफी स्कीम से एक तरफ़ तो बकाया प्रॉपर्टी टैक्स का कलेक्शन काफ़ी बढ़ेगा, वहीं दूसरी तरफ़ शहर के टैक्सपेयर्स को ब्याज में बड़ी फाइनेंशियल राहत मिलेगी.
व्हीकल टैक्स कलेक्शन 197.93 करोड़ रुपये
इसके अलावा, टैक्स रिकवरी डाटा के अनुसार 31 जनवरी 2026 तक प्रॉपर्टी टैक्स, प्रोफेशनल टैक्स और व्हीकल टैक्स से मिले रेवेन्यू की ज़ोन-वाइज़ और साल-दर-साल तुलना करें, तो 2024-25 के दौरान 1745.61 करोड़ रुपये जमा हुए थे, जबकि 2025-26 में 1 अप्रैल 2025 से अभी तक प्रॉपर्टी टैक्स से 1493.62 करोड़ रुपये जमा हुए हैं. इसके अलावा, 2025-26 में अब तक प्रोफेशन टैक्स का कलेक्शन लगभग 217.15 करोड़ रुपये और 2025-26 में व्हीकल टैक्स का कलेक्शन लगभग 197.93 करोड़ रुपये है.
रेवेन्यू में 11.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी
पिछले साल के मुकाबले यह टैक्स 1 अप्रैल 2024 से 31 जनवरी 2025 तक 1339.88 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो 1 अप्रैल 2025 से 30 जनवरी 2026 तक कुल 1493.62 करोड़ रुपये है. इस तुलना के अनुसार, जिसमें इस साल 153.74 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी दर्ज की गई है, यानी पिछले साल के मुकाबले इस साल रेवेन्यू में लगभग 11.5 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है.
रिपोर्टर: अतुल तिवारी
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