परिवार का साहसिक कदम, अंगदान से 10 महीने की नन्ही जान बनी जीवनदाता

जहां अच्छे-खासे लोग अपने परिजन का अंगदान करने से कतराते हैं, वहां एक 10 महीने की बच्ची के माता-पिता ने ऐसा ऐतिहासिक फैसला लिया है, जिसने सब को सोचने पर मजबूर कर दिया.

अपना जीवन देकर 10 महीने की बच्ची बनी जीवनदाता
gnttv.com
  • केरल,
  • 13 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 9:36 PM IST

केरल में एक बेहद भावुक लेकिन प्रेरक घटना सामने आई है, जहां 10 महीने की बच्ची के माता-पिता ने गहरे दुख के बीच अपने बच्चे के अंग दान करने का फैसला लिया. बच्ची के पिता अरुण अब्राहम और माँ शेरिन ऐन जॉन ने Amrita Hospital में यह निर्णय लिया. दान किए गए अंगों में एक लीवर, दो किडनी, एक हार्ट वाल्व और दो आंखें शामिल हैं. इस फैसले से कई जरूरतमंद मरीजों को जीवन की नई उम्मीद मिली है.

लीवर सबसे छोटे मरीज को मिलेगा
दान किया गया लीवर KIMS Hospital में इलाज करा रहे 6 महीने के बच्चे को दिया जाएगा. बताया गया कि यह राज्य में मरणोपरांत अंगदान के जरिए लीवर पाने वाला सबसे कम उम्र का बच्चा है. स्वास्थ्य मंत्री Veena George ने माता-पिता के इस साहसिक फैसले के लिए आभार जताया और कहा कि वह परिवार के दुख में सहभागी हैं.

सड़क हादसे के बाद बिगड़ी हालत
पथानामथिट्टा जिले के मल्लप्पल्ली के रहने वाले परिवार की यह बच्ची 5 फरवरी को एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गई थी. परिवार कोट्टयम से तिरुवल्ला जा रहा था, तभी सामने से आई कार ने जंक्शन के पास  बच्चे को टक्कर मार दी. हादसे में बच्ची के साथ उसकी मां और नाना-नानी भी घायल हुए. बच्ची को पहले चंगनाश्शेरी और तिरुवल्ला के अस्पतालों में भर्ती कराया गया, फिर 7 फरवरी को कोच्चि लाया गया. 13 फरवरी को डॉक्टरों ने उसे ब्रेन डेड घोषित किया, जिसके बाद परिवार ने अंगदान की अनुमति दी.

अंग अलग-अलग अस्पतालों को भेजे गए
बच्ची की दोनों किडनी Thiruvananthapuram Medical College के बाल नेफ्रोलॉजी वार्ड में भर्ती एक बच्चे को दी जाएंगी. हार्ट वाल्व Sree Chitra Institute भेजा गया, जबकि आंखें उसी अस्पताल में उपयोग के लिए सुरक्षित रखी गईं. मेडिकल स्टाफ द्वारा अंगों को सुरक्षित तरीके से अलग-अलग संस्थानों तक पहुंचाया गया.

(रिपोर्ट- Shibi)

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