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मोदी सरकार के सत्ता में 8 साल पूरे, देखिए इन 'अच्छे दिनों' का पूरा रिपोर्ट कार्ड

2014 में लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने पूर्ण बहुमत से जीत हासिल की. केंद्र की सत्ता पर अब बीजेपी ने 8 साल पूरे कर लिए हैं. केंद्र की सत्ता संभालते ही मोदी सरकार ने 'अच्छे दिन', 'महंगाई से मुक्ति' किसानों की आय दोगुनी करने का वादा किया था. मोदी सरकार अपने वादे पर कितनी खरी उतरी है, उस पर बात करेंगे.

मोदी सरकार के सत्ता में 8 साल पूरे
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 25 मई 2022,
  • अपडेटेड 10:49 AM IST
  • अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में हुआ इजाफा
  • 8 सालों में स्कूलों की संख्या घटी

2014 में लोकसभा चुनाव हुए तो बीजेपी ने 282 सीटों पर जीत हासिल की. ये पहली बार था जब किसी गैर-कांग्रेसी पार्टी ने बहुमत हासिल किया था. 'अच्छे दिन', 'महंगाई से मुक्ति' किसानों की आय दोगुनी करने के वादे के साथ अब बीजेपी केंद्र की सत्ता में 8 साल पूरे कर चुकी है तो कितना बदलाव हुआ है, इसे समझ लेते हैं.

अर्थव्यवस्था के क्षेत्र में कितना हुआ बदलाव
इकोनॉमिक सर्वे 2021-22 के आंकड़ों के मुताबिक नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री बने, तब भारत की जीडीपी 112 लाख करोड़ रुपये के आसपास थी. आज भारत की जीडीपी 232 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा है. मोदी सरकार में आम आदमी की कमाई में बड़ा इजाफा हुआ है. मोदी सरकार से पहले आम आदमी की सालाना आय 80 हजार रुपये से भी कम थी. अब वो 1.50 लाख रुपये से ज्यादा है. मोदी सरकार में विदेशी मुद्रा भंडार ढाई गुना तक बढ़ा है. कारोबार करने और अपनी मुद्रा को मजबूत बनाए रखने के लिए विदेशी मुद्रा भंडार जरूरी होता है. अभी देश में 45 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का विदेशी मुद्रा भंडार है. एक्सपोर्ट की बात करें तो 2021-22 में भारत ने 28 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का सामान एक्सपोर्ट किया था, जबकि 2014 में 19.05 लाख करोड़ का एक्सपोर्ट हुआ था.

शिक्षा के क्षेत्र में इतना हुआ बदलाव
किसी भी देश के विकास के लिए अच्छी शिक्षा बहुत जरूरी है. मोदी सरकार में शिक्षा का बजट 1.4 लाख करोड़ हो गया है, जबकि 2014 से पहले ये 79,451 करोड़ था. हालांकि मोदी सरकार के 8 सालों के दौरान देश में स्कूलों की संख्या कम हुई है. मोदी सरकार के आने से पहले देश में 15.18 लाख स्कूल थे, जो अब घटकर 15.09 लाख हो गए हैं. स्कूली शिक्षा में भारत भले ही अब भी कमजोर है. लेकिन, यूडीआईएसई (UDISE) के मुताबिक मोदी सरकार में मेडिकल कॉलेज और एमबीबीएस की सीट, दोनों की ही संख्या बढ़ी है. अभी देश में 596 मेडिकल कॉलेज हैं, जिनमें 88 हजार से ज्यादा एमबीबीएस की सीटें हैं. 

स्वास्थ्य का ये है हाल
कोरोना ने बता दिया कि किसी देश के लिए मजबूत हेल्थ इंफ्रास्ट्रक्चर कितना जरूरी है. मोदी सरकार में स्वास्थ्य बजट में 130 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई. इस साल स्वास्थ्य के लिए सरकार ने साढ़े 86 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का बजट रखा है.  मोदी सरकार में डॉक्टरों की संख्या में 4 लाख से ज्यादा का इजाफा हुआ है. देश में 13.01 लाख एलोपैथिक डॉक्टर्स हैं. इनके अलावा 5.65 लाख आयुर्वेदिक डॉक्टर्स भी हैं. इस हिसाब से हर 834 लोगों पर एक डॉक्टर है.

खेती-किसानी का हाल
मोदी सरकार में किसानों का सबसे बड़ा आंदोलन हुआ. ये आंदोलन एक साल से ज्यादा चला. किसानों के आंदोलन के बाद मोदी सरकार ने तीनों कृषि कानूनों को वापस ले लिया था. किसानों का एमएसपी को लेकर भी विरोध था. आंकड़ों के मुताबिक, मोदी सरकार में प्रति क्विंटल गेहूं पर 665 रुपये और चावल पर 630 रुपये एमएसपी बढ़ी है. मोदी सरकार ने 2022 तक किसानों की कमाई दोगुनी करने का वादा किया था. लोकसभा में एग्रीकल्चर पर बनी संसदीय समिति की रिपोर्ट के मुताबिक - 2018-19 में किसानों की हर महीने की कमाई 10,248 रुपये है, जबकि इससे पहले किसानों की कमाई और खर्च पर 2012-13 में सर्वे हुआ था. उस समय किसानों की महीने भर की कमाई 6,426 रुपये थी.

 

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