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90 साल के रिटायर्ड एयरफोर्स अधिकारी से 2.52 करोड़ की ठगी, 27 दिन रखा डिजिटल अरेस्ट में, दिल्ली से 4 आरोपी गिरफ्तार

ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने 90 वर्षीय रिटायर्ड एयरफोर्स रेडियोलॉजिस्ट को 27 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर 2 करोड़ 52 लाख 16 हजार रुपए की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय साइबर गैंग के चार सदस्यों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है

digital arrest scam.(Photo: Representational)
gnttv.com
  • ग्वालियर ,
  • 02 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 11:10 AM IST
  • 90 साल के रिटायर्ड अफसर से 2.52 करोड़ की ठगी
  • दिल्ली से 4 आरोपी गिरफ्तार

ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने 90 वर्षीय रिटायर्ड एयरफोर्स रेडियोलॉजिस्ट से 2 करोड़ 52 लाख 16 हजार रुपए की ठगी करने वाले साइबर गैंग के चार सदस्यों को दिल्ली से गिरफ्तार किया है. आरोपियों ने बुजुर्ग को 27 दिन तक डिजिटल अरेस्ट में रखकर डराया और करोड़ों रुपए ट्रांसफर करा लिए.

खुद को CBI अधिकारी बताया
पीड़ित नारायण महादेव टिकेकर, विंडसर हिल्स टाउनशिप के निवासी हैं और एयरफोर्स के मेडिकल विभाग से रेडियोलॉजिस्ट पद से सेवानिवृत्त हैं. 28 जनवरी 2026 को उन्हें व्हॉट्सऐप कॉल आया. कॉल करने वाले ने खुद को CBI अधिकारी बताया और कहा कि उनके आधार-पैन से जुड़े सिम का इस्तेमाल फ्रॉड में हुआ है. ठगों ने गिरफ्तारी का डर दिखाया और कहा कि मामला RBI जांच में है. इसी बहाने उन्हें डिजिटल अरेस्ट जैसा माहौल बनाकर लगातार निगरानी में रखा गया.

डर की वजह से ट्रांसफर किए 2.52 करोड़
डर और दबाव में आकर टिकेकर ने अलग-अलग तारीखों में कुल 2.52 करोड़ 16 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए. बाद में शक होने पर उन्होंने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई. FIR के बाद क्राइम ब्रांच ने बैंक खातों की ट्रांजेक्शन ट्रेल खंगालना शुरू किया.

ऐसे पकड़ में आए ठग
जांच में सामने आया कि ठगी की रकम पहले पांच अलग-अलग खातों में डाली गई. इसके बाद यह रकम देश के 15 राज्यों के 300 से ज्यादा म्यूल अकाउंट्स में ट्रांसफर की गई, ताकि पैसों का स्रोत छिपाया जा सके. दिल्ली में ‘जिग्गा क्रंच एंड स्नैक्स’ नाम से फर्जी फर्म रजिस्टर्ड कर एक करंट अकाउंट खोला गया था. इसी खाते में 30 लाख रुपए से ज्यादा का ट्रांजेक्शन मिला.

लोकेशन ट्रेस करने के बाद पुलिस ने दिल्ली से मोहित मिश्रा और साहिल खान को पकड़ा. पूछताछ में खुलासा हुआ कि राहुल प्रजापति और हरीश रावत के कहने पर फर्म खोलकर खाता चालू कराया गया था. खाते में आई रकम के बदले उन्हें करीब 2.5 लाख रुपए कमीशन मिला. बैंक वेरिफिकेशन के एक महीने बाद फर्म बंद कर दी गई थी.

रिमांड पर लिए गए आरोपी
पुलिस ने आगे कार्रवाई करते हुए राहुल प्रजापति और हरीश रावत को भी दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया. जांच में पता चला कि आरोपियों ने कई लोगों के बैंक खाते कमीशन पर खरीदकर साइबर ठगों को उपलब्ध कराए थे. चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया है. क्राइम ब्रांच अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश कर रही है.

रिपोर्ट-सर्वेश पुरोहित

 

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