पदयात्रा में संजय सिंह गरजे, बोले लड़े लड़ाई रोजगार की.. पेपर लीक से करोड़ों के टूटे अरमान, जाति पर हो रहा भेदभाव

नीट सहित 93 पेपर लीक कर भाजपा सरकार ने करोड़ों युवाओं और उनके परिवारों की पीठ में छुरा घोंपा, बोले संजय सिंह. रोजगार की लड़ाई सिर्फ सरकारी नौकरी की नहीं, रेडी-पटरी, ठेला और छोटे व्यापारियों के सम्मान की भी लड़ाई है.

Sanjay Singh
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 16 मई 2026,
  • अपडेटेड 10:01 PM IST

आम आदमी पार्टी उत्तर प्रदेश प्रभारी और राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने शनिवार को मेरठ के कमिश्नरी पार्क से ‘रोजगार दो-सामाजिक न्याय दो’ पदयात्रा के पांचवें चरण का शुभारंभ किया. 16 से 20 मई तक मेरठ से गाजियाबाद तक चलने वाली इस पदयात्रा की शुरुआत एक विशाल जनसभा से हुई, जहां जगह-जगह लोगों ने सांसद संजय सिंह का फूल-मालाओं और पुष्प वर्षा कर भव्य स्वागत किया.

जनसभा में संजय सिंह ने कहा कि भाजपा शासित राज्यों में लगातार पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों युवाओं का भविष्य बर्बाद कर दिया है. उन्होंने कहा कि नीट समेत अब तक 93 पेपर लीक हो चुके हैं, जिससे करीब 4 करोड़ अभ्यर्थी प्रभावित हुए हैं. उन्होंने कहा कि यह पदयात्रा युवाओं के रोजगार, सरकारी नौकरियों, रेडी-पटरी वालों, ठेला चालकों, छोटे व्यापारियों और बुलडोजर की कार्रवाई से उजाड़े जा रहे लोगों की आवाज उठाने के लिए निकाली गई है. उन्होंने आशा बहुओं, शिक्षामित्रों, रोजगार सेवकों और बेरोजगार युवाओं से इस पदयात्रा से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि रोजगार की लड़ाई हर उस व्यक्ति की लड़ाई है जिसका हक छीना जा रहा है. 

सामाजिक न्याय पर बोले सिंह
सामाजिक न्याय के मुद्दे पर संजय सिंह ने कहा कि आज भी देश में जाति के आधार पर भेदभाव और दलित उत्पीड़न की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. उन्होंने कहा कि कहीं दलितों को घोड़ी पर नहीं चढ़ने दिया जाता, तो कहीं मंदिर की सीढ़ियों पर अपमानित किया जाता है. उन्होंने कहा कि बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर का संविधान हर नागरिक को सम्मान और बराबरी का अधिकार देता है और आम आदमी पार्टी इसी संवैधानिक अधिकार की लड़ाई लड़ रही है.

आम आदमी की पहुंच से बाहर 'सोना'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा देशवासियों से एक वर्ष तक सोना न खरीदने की अपील पर निशाना साधते हुए संजय सिंह ने कहा कि आज डेढ़ लाख रुपये तोला सोना हो चुका है और 80 करोड़ लोग पांच किलो राशन पर जीवन चला रहे हैं, ऐसे में आम आदमी सोना खरीदेगा कैसे. उन्होंने कहा कि नीरव मोदी और मेहुल चौकसी जैसे लोग हजारों करोड़ रुपये लेकर विदेश भाग गए, लेकिन सरकार ने उनके खिलाफ ठोस कार्रवाई नहीं की.

पेट्रोल-डीजल से की सरकार ने अंधी कमाई
महंगाई और पेट्रोल-डीजल के बढ़ते दामों पर हमला बोलते हुए संजय सिंह ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र सरकार ने पेट्रोल-डीजल पर टैक्स के जरिए करीब 44 लाख करोड़ रुपये वसूले, जबकि तेल कंपनियों ने 3.5 लाख करोड़ रुपए का मुनाफा कमाया. उन्होंने कहा कि जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल 20 से 30 डॉलर प्रति बैरल था, तब भी जनता को महंगा पेट्रोल-डीजल बेचा गया.

जनता की कमर फिर टूटेगी बोझ से
संजय सिंह ने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का बहाना बनाकर जनता पर फिर बोझ डालने की तैयारी हो रही है, जबकि सरकार और कंपनियों को जनता को राहत देनी चाहिए. उन्होंने मांग की कि पेट्रोल-डीजल पर टैक्स कम किया जाए, सब्सिडी दी जाए और महंगाई से राहत देने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं. उन्होंने कहा कि संकट के समय कंपनियों को भी कुछ घाटा सहना चाहिए, हर बार पूरा बोझ जनता पर नहीं डाला जा सकता.

पारदर्शी चुनाव के लिए लड़ें लड़ाई 
एसआईआर और चुनावी प्रक्रिया के मुद्दे पर संजय सिंह ने कहा कि बिहार चुनाव से पहले ही उन्होंने एसआईआर के जरिए एकतरफा चुनाव कराने की आशंका जताई थी. उन्होंने आरोप लगाया कि बंगाल चुनाव में लाखों वोटरों के नाम जोड़े और हटाए गए. उन्होंने कहा कि निष्पक्ष चुनाव के लिए विपक्ष और जनता को मिलकर लड़ाई लड़नी होगी और अंतिम वोटर लिस्ट आने के बाद भाजपा के खेल का पर्दाफाश होगा.

 

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