विधानसभा में सावित्रीबाई फुले की तस्वीर न लगाने पर AAP का विरोध, दलित आइकॉन के अपमान का आरोप, भाजपा पर बरसी आम आदमी पार्टी

माता सावित्रीबाई फुले की जयंती पर दिल्ली विधानसभा में तस्वीर को लेकर सियासी घमासान खड़ा हो गया है. आम आदमी पार्टी ने इसे दलित समाज के अपमान से जोड़ते हुए भाजपा पर तीखा हमला बोला है.

आप दिल्ली के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 04 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 3:42 PM IST

आम आदमी पार्टी ने देश की पहली शिक्षिका माता सावित्रीबाई फुले की जयंती पर उनकी जगह अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय की तस्वीर विधानसभा में लगाने पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है. आप दिल्ली के प्रदेश संयोजक सौरभ भारद्वाज का कहना है कि दलित आइकॉन की जयंती पर भाजपा ने दो पंडितों के चित्र लगाए. यह ठीक नहीं है. सौरभ भारद्वाज ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले की जयंती पर भाजपा सरकार को उनकी भी तस्वीर विधानसभा में लगानी चाहिए थी. लेकिन उनकी जगह सिर्फ अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय की तस्वीर लगाकर भाजपा सरकार ने पूरे दलित समाज का अपमान किया है.

विशेषाधिकार हनन का मामला उठाया गया मुद्दा
सौरभ भारद्वाज ने आरोप लगाया कि दलित विरोधी भाजपा सरकार ने माता सावित्रीबाई फुले की तस्वीर लगाने की मांग करने पर विधायकों पर विशेषाधिकार हनन का मामला भी चलाया. इस मामले में कई दलित विधायक भी शामिल हैं. शनिवार को आप मुख्यालय पर सौरभ भारद्वाज ने कहा कि यह बहुत अजीब बात है कि माता सावित्रीबाई फुले की जयंती वाले दिन विधानसभा में पंडित अटल बिहारी वाजपेयी और पंडित मदन मोहन मालवीय का चित्र लगाया जा रहा है.

जातिवाद पर प्रहार का मौका गंवाया भारद्वाज
उन्होंने कहा कि अगर आज एक दलित आइकॉन का चित्र भी लगता, तो हजारों वर्षों से जो जातिवाद की तोहमत लगती रही है, उस पर एक वार किया जा सकता था. दिल्ली की भाजपा सरकार ने यह मौका भी गंवा दिया और वहां दो ब्राह्मणों का चित्र लगा दिया. आगे सौरभ भारद्वाज ने कहा कि इन्हें एक दलित आइकॉन का चित्र लगाने में इतनी तकलीफ है कि विधानसभा में माता सावित्रीबाई फुले की तस्वीर लगाने की मांग करने वाले विधायकों के ऊपर विशेषाधिकार हनन का मामला चला दिया गया. इनमें से कुछ विधायक दलित समाज से ही आते हैं.

कुलदीप कुमार ने रखी पूरी बात
वहीं, कुलदीप कुमार ने बताया कि कुछ दिन पहले विधानसभा कमेटी की एक मीटिंग हुई थी. उसमें आप विधायकों ने प्रस्ताव रखा था कि दिल्ली विधानसभा के अंदर माता सावित्रीबाई फुले का चित्र स्थापित किया जाए. उन्होंने कहा कि आज उनकी जयंती है. माता सावित्रीबाई फुले ने देश की महिलाओं के लिए पहला स्कूल खोला था. उन्होंने खूब अत्याचार सहे, लेकिन महिलाओं को शिक्षा देनी नहीं छोड़ी और भारत की प्रथम शिक्षिका बनीं.

लाखों खर्च, लेकिन फुले का चित्र नहीं
कुलदीप कुमार ने दुख जताते हुए कहा कि इस मांग को दबाने के लिए कमेटी के सदस्यों और खुद मेरे ऊपर विशेषाधिकार हनन का मामला चलाया गया. लेकिन माता सावित्रीबाई फुले का चित्र वहां नहीं लगाया गया. उन्होंने कहा कि ऐसा इसलिए किया गया क्योंकि वे दलित और पिछड़े समाज से आती थीं. आज विधानसभा के अंदर लाखों रुपये खर्च करके भाजपा की दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार ने मिलकर अटल बिहारी वाजपेयी और मदन मोहन मालवीय का चित्र लगाया है.

AAP का साफ संदेश
कुलदीप कुमार ने कहा कि आप को महापुरुषों के चित्र लगने से कोई आपत्ति नहीं है. लेकिन अगर दलित महापुरुषों का अपमान किया जाएगा और उनसे नफरत की जाएगी, तो हम इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे. उन्होंने कहा कि ऐसी पार्टी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा जो माता सावित्रीबाई फुले का अपमान करती है और उनकी जयंती पर उनका चित्र स्थापित नहीं करती. यह भाजपा की दलित विरोधी मानसिकता को दर्शाता है.

 

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