NEET मामले को लेकर पिछले एक महीने से आंदोलन कर रहे कॉकरोच जनता पार्टी के प्रमुख अभिजीत दीपके ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद आंदोलन को सफल बताया है. दीपके ने कहा कि छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लेने और आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को आर्थिक सहायता देने की उनकी प्रमुख मांगों पर अब अदालत ने फैसला सुनाया है. इसके बाद उन्होंने 5 सितंबर को प्रस्तावित आंदोलन रद्द करने का ऐलान किया.
SC के फैसले से मिला है इंसाफ- दीपके
अभिजीत दीपके ने कहा कि पिछले एक महीने से छात्रों के न्याय के लिए लगातार संघर्ष किया जा रहा था. उनकी दो प्रमुख मांगें थीं, छात्रों पर दर्ज मामलों को वापस लिया जाए और NEET से जुड़े आत्महत्या पीड़ित छात्रों के परिवारों को आर्थिक मदद दी जाए. उनका कहना है कि सरकार की ओर से इन मांगों को स्वीकार नहीं किया जा रहा था, लेकिन अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से उन्हें न्याय मिला है.
दबाव में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा हुआ- दीपके
दीपके ने जंतर-मंतर पर हुए आंदोलन को भी इस संघर्ष की महत्वपूर्ण कड़ी बताया. उन्होंने दावा किया कि आंदोलन के दबाव के कारण केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना पड़ा और अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले से आंदोलन को सही मायनों में सफलता मिली है.
पीड़ित परिवारों की मदद की जाएगी- दीपके
फैसला आने के बाद अभिजीत दीपके ने आत्महत्या पीड़ित परिवारों से भी संवाद किया और उन्हें मानसिक संबल देने की कोशिश की. उन्होंने कहा कि जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनके नुकसान की भरपाई संभव नहीं है, लेकिन उनके परिवारों को हर संभव सहारा देने का प्रयास किया जाएगा.
दीपके के मुताबिक, पिछले कुछ दिनों में दिल्ली से आए आंदोलन के साथियों के साथ कई दौर की बैठकें हुईं. इन बैठकों में विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की गई और आगे की रणनीति तय की गई. अब सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद उन्होंने आंदोलन को विराम देने का निर्णय लिया है.
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