साल 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से नरेंद्र मोदी लगातार देश की नीतियों और व्यवस्था में बदलाव कर रहे हैं. डिजिटल भारत से लेकर आत्मनिर्भर भारत के कैनवास के तहत पीएम मोदी ने देशवासियों के लिए बहुत सी छोटी-बड़ी योजनाएं शुरू की हैं.
इस दौरान कई बड़े बदलाव भी उन्होंने किए. मोदी की इस बदलाव लहर से भारतीय सेना भी अछूती नहीं रही है. डिफेंस सेक्टर पर पीएम ने खास ध्यान दिया है ताकि देश की सुरक्षा के साथ किसी तरह की कोई लापरवाही न हो. Agnipath Scheme को लेकर आज जगह-जगह विरोध हो रहा है क्योंकि इस स्कीम से सरकार सेना में भर्तियों के तरीके को बिल्कुल बदल रही है.
हालांकि, यह कोई पहला बदलाव नहीं है जो इस सरकार ने सेना में किया है या करने की कोशिश में है. अग्निपथ समेत मोदी सरकार अब तक भारतीय सेना में 5 बड़े बदलाव कर चुकी है.
1. वन रैंक वन पेंशन
वन रैंक वन पेंशन की अधिसूचना साल 2015 में जारी की गई थी. यह स्कीम अलग-अलग समय पर रिटायर हुए समान रैंक के फौजियों को समान पेंशन देने के लिए लाई गई थी. 30 जून, 2014 तक रिटायर होने वाले फौजी इसके अंतर्गत आते हैं. इस स्कीम के पहले तक पूर्व सैनिकों को वेतन आयोग की सिफारिशों के अनुसार पेंशन मिलती थी.
लेकिन अब पहले रिटायर हुए अफसर को भी उतनी ही पेंशन मिलेगी जितनी कि हाल-फिलहाल में रिटायर हुए अफसर को. इससे लगभग 3 लाख पूर्व-सैनिकों को फायदा हुआ है.
2. बनाई गई चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पोस्ट
तीनों सेनाओं के बीच आपसी सहयोग को सुगम और प्रभावी बनाने के लिए साल 2019 में चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ पोस्ट बनाई गई. CDS का काम रक्षा मंत्री के सैन्य सलाहकार के रूप में होता है. वह सेना के तीनों अंगों को मामले में रक्षा मंत्री को सुझाव और सलाह देते हैं.
भारत के पहले CDS जनरल बिपिन रावत थे जिनका देहांत एक विमान दुर्घटना में हो गया. उनके बाद, देश के दूसरे CDS तो अभी तक नियूक्त नहीं किया गया है.
3. डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी को बढ़ावा
मोदी सरकार ने डिफेंस सेक्टर में आत्मनिर्भरता और स्वदेशी को बढ़ावा देने के लिए 2020 में 100 से ज्यादा सैन्य प्रॉडक्ट विदेशों से खरीदने पर रोक लगा दी. ताकि आर्मी में स्वदेशी तकनीकों को बढ़ावा मिले. आर्मी के लिए काम करने वाले स्टार्टअप्स को भी बढ़ावा दिया जा रहा है.
4. अग्निपथ स्कीम की लागू
14 जून 2022 को मोदी सरकार ने सेना में 4 साल की भर्ती के लिए Agnipath Schee लॉन्च की. इस स्कीम को लॉन्च करने का उद्देश्य ज्यादा से ज्यादा युवाओं को रोजगार देना है. साथ ही, ज्यादा से ज्यादा युवा इससे स्किल्ड होंगे. लेकिन इस स्कीम का विरोध किया जा रहा है क्योंकि युवा आर्मी में 4 साल के बाद अपने करियर को लेकर असमंजस में हैं.
5. बनेगा नया थिएटर कमांड
इस साल 15 अगस्त से देश में नया Integrated Theater Command शुरू हो सकता है. थिएटर कमांड का मकसद भविष्य की सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए तीनों सेनाओं को एक साथ लाना है. बताया जा रहा है कि आने वाले समय में चार नए थिएटर कमांड बन सकते हैं और ये चीन और पाकिस्तान से आने वाले खतरों से निपटने में मददगार होंगे.