उत्तर प्रदेश के अमेठी जनपद में पुलिस की संवेदनहीनता का एक बड़ा मामला सामने आया है. यहां कई सालों से चारपाई पर बीमार पड़ी लगभग 82 वर्षीय बुजुर्ग महिला के खिलाफ पुलिस ने कई धाराओं में मुकदमा दर्ज कर दिया.
मुकदमा दर्ज होने के बाद बुजुर्ग महिला की पोती अपनी नानी को न्याय दिलाने के लिए कई दिनों से अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रही है, लेकिन अब तक उसकी कोई सुनवाई नहीं हो सकी है. वहीं इस मामले में पुलिस भी बात करने से बचती नजर आ रही है.
नौगिरवा गांव का है पूरा मामला
यह मामला अमेठी कोतवाली क्षेत्र के नौगिरवा गांव का बताया जा रहा है. गांव की रहने वाली निशा यादव 2 तारीख को नौगिरवा प्राथमिक विद्यालय में बीएलओ के तहत एसआईआर का काम कर रही थीं.
इसी दौरान पास में रहने वाले दयाराम कश्यप ने अपने पिता के नाम के आगे “श्री” लगाने को लेकर विवाद खड़ा कर दिया. आरोप है कि उन्होंने एसआईआर की नोटिस फाड़ दी और बीएलओ को धमकी देते हुए वहां से चले गए.
रात में घर पहुंचकर मारपीट का आरोप
बताया जा रहा है कि उसी दिन रात करीब 8 बजे दयाशंकर कश्यप अपने समर्थकों के साथ बीएलओ निशा यादव के घर पहुंच गया. आरोप है कि वहां निशा यादव और उनके परिवार के लोगों के साथ मारपीट की गई, जिससे बीएलओ को गंभीर चोटें आईं. इसके बाद निशा यादव ने डायल 112 पर फोन कर पुलिस को सूचना दी, तब जाकर स्थिति संभली और उनकी जान बच सकी.
पीड़िता और बुजुर्ग नानी पर ही दर्ज हो गया मुकदमा
घटना के अगले ही दिन दयाशंकर कश्यप ने बीएलओ निशा यादव और उनकी 82 साल की बुजुर्ग नानी के खिलाफ कई धाराओं में मुकदमा दर्ज करा दिया.
इसके बाद से पीड़िता निशा यादव न्याय की मांग को लेकर लगातार अधिकारियों के दफ्तरों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक उनकी समस्या का समाधान नहीं हो सका है.
पीड़िता ने लगाए गंभीर आरोप
बीएलओ निशा यादव का कहना है कि उनके साथ मारपीट भी की गई और उल्टा उनके ही खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया गया.
उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मुकदमे से नाम हटाने के बदले 25 हजार रुपये की मांग कर रही है.
बुजुर्ग महिला ने बताई अपनी हालत
बुजुर्ग महिला लखपति ने बताया कि उनकी पोती को लगातार धमकियां दी जा रही हैं और एसआईआर के कागज भी फाड़ दिए गए.
उन्होंने कहा कि वह कई सालों से बीमार हैं और चारपाई से उठ भी नहीं पातीं. ऐसे में उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे की जांच होनी चाहिए.
थाना प्रभारी ने दी सफाई
इस मामले में थाना प्रभारी रवि सिंह का कहना है कि शिकायत पत्र में बुजुर्ग महिला की उम्र का उल्लेख नहीं किया गया था, इसलिए मुकदमा दर्ज कर लिया गया. उन्होंने कहा कि जांच के बाद अगर जरूरत होगी तो नाम हटा दिया जाएगा.
(अभिषेक कुमार त्रिपाठी)
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