अब तीसरे बच्चे पर 25 हजार देगी सरकार, महिलाओं के लिए खोले जाएंगे चाइल्ड केयर सेंटर और हॉस्टल

सीएम नायडू ने कहा कि 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में हर साल करीब 6.70 लाख बच्चों का जन्म हो रहा है. हालांकि मौजूदा रुझान जारी रहा तो 2047 तक बुजुर्ग आबादी का प्रतिशत बढ़कर करीब 23% तक पहुंच सकता है.

Birth rate decline (Photo: Unsplash)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 06 मार्च 2026,
  • अपडेटेड 2:00 PM IST

आंध्र प्रदेश सरकार राज्य में गिरती जन्म दर को देखते हुए पॉपुलेशन मैनेजमेंट पॉलिसी लाने की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने विधानसभा में इसकी घोषणा करते हुए कहा कि सरकार इस महीने के अंत तक नीति को अंतिम रूप देकर 1 अप्रैल से लागू करने की योजना बना रही है.

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में कुल प्रजनन दर (Total Fertility Rate) लगातार घट रही है. 1993 में जहां यह दर 3.0 थी, वहीं अब घटकर 1.5 रह गई है. अगर यही स्थिति बनी रही तो आने वाले समय में काम करने वाली युवा आबादी कम हो जाएगी और राज्य को जापान, दक्षिण कोरिया और इटली की तरह तेजी से बढ़ती बुजुर्ग आबादी की समस्या का सामना करना पड़ सकता है.

हर साल 6.7 लाख जन्म
सीएम नायडू ने कहा कि 2023 की रिपोर्ट के मुताबिक राज्य में हर साल करीब 6.70 लाख बच्चों का जन्म हो रहा है. हालांकि मौजूदा रुझान जारी रहा तो 2047 तक बुजुर्ग आबादी का प्रतिशत बढ़कर करीब 23% तक पहुंच सकता है.

उन्होंने कहा कि राज्य की आर्थिक प्रगति के लिए युवाओं की संख्या का संतुलन बनाए रखना जरूरी है. इसके साथ ही महिलाओं की दफ्तरों में भागीदारी भी बढ़ाने की जरूरत है. फिलहाल यह दर करीब 31% है, जिसे बढ़ाकर 59% तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है.

पांच चरणों पर आधारित होगा नया मॉडल
सरकार की प्रस्तावित पॉपुलेशन मैनेजमेंट पॉलिसी पांच चरणों के लाइफ साइकिल मॉडल पर आधारित होगी. इसमें मातृत्व, महिला सशक्तिकरण, कौशल विकास, कल्याण और स्वास्थ्य सेवाओं पर विशेष ध्यान दिया जाएगा.

सरकार महिलाओं को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं देने के लिए मातृत्व सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोलने की योजना बना रही है. इन केंद्रों में आईवीएफ जैसी आधुनिक सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी. इसके अलावा अनावश्यक सीजेरियन ऑपरेशन को कम करने की भी योजना है.

महिलाओं की सुरक्षा और सुविधाओं पर जोर
नई नीति में महिलाओं की सुरक्षा और सुविधाओं को भी प्रमुखता दी गई है. इसके तहत हर 50 बच्चों के लिए एक चाइल्ड केयर सेंटर स्थापित किया जाएगा.

172 करोड़ रुपये की लागत से वर्किंग वुमन हॉस्टल
साथ ही सार्वजनिक स्थानों पर पिंक टॉयलेट बनाए जाएंगे और महिलाओं की सुरक्षा के लिए शी कैब सेवा शुरू की जाएगी. कामकाजी महिलाओं के लिए विशाखापत्तनम में 172 करोड़ रुपये की लागत से वर्किंग वुमन हॉस्टल बनाने की योजना भी सरकार ने घोषित की है.

ज्यादा बच्चों को बढ़ावा देने के लिए प्रोत्साहन
सरकार जन्म दर बढ़ाने के लिए कई प्रोत्साहन भी देने की तैयारी में है. प्रस्ताव के मुताबिक तीसरे बच्चे के जन्म पर पोषण-शिक्षा-सुरक्षा पैकेज के तहत 25 हजार रुपये दिए जाएंगे. इसके अलावा तीसरे बच्चे को पांच साल तक हर महीने 1000 रुपये की सहायता दी जाएगी और 18 साल की उम्र तक मुफ्त शिक्षा की सुविधा भी दी जाएगी. सरकार माता-पिता को भी राहत देने के लिए 12 महीने की पैरेंटल लीव और पिता के लिए दो महीने की पैटरनल लीव देने की योजना बना रही है.

स्थानीय निकाय चुनाव में भी छूट
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य की गठबंधन सरकार ने दो से ज्यादा बच्चों वाले लोगों को भी स्थानीय निकाय चुनाव लड़ने का मौका दिया है. इसके अलावा 'तल्लीकी वंदनम' योजना के तहत बच्चों की संख्या की परवाह किए बिना आर्थिक सहायता देने का प्रावधान किया गया है.

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