जयपुर में महिला चिकित्सालय के कर्मचारियों की घोर लापरवाही सामने आई है. दरअसल, कर्मचारियों की लापरवाही के कारण, दो नवजातों की अदला-बदली हो गई. मामला सामने आने के बाद, लगभग 10 दिनों तक मांओं को अपने-अपने बच्चे का इंतजार करना पड़ा.
कराना पड़ा DNA टेस्ट
अस्पताल प्रशासन ने पुलिस की मदद से दोनों शिशुओं के बायोलॉजिकल माता-पिता की पुष्टि के लिए डीएनए टेस्ट किया. अस्पताल प्रशासन के एक अधिकारी ने नाम न बताने की शर्त पर बताया कि निशा नामक एक महिला ने बेटे को जन्म दिया, जबकि रेशमा ने एक बच्ची को जन्म दिया.
1 सितंबर को दोनों माताओं के बच्चों को जन्म देने के बाद, बच्चे आपस में बदल गए. प्रसव के तीन दिन बाद अस्पताल के कर्मचारियों को अपनी गलती पता चली. शुरू में तो माता-पिता को विश्वास ही नहीं हुआ कि उनके बच्चे बदल गए हैं. इसकी पुष्टि करने के लिए ब्लड टेस्ट और बाद में डीएनए परीक्षण किया गया.
अधिकारी ने बताया डीएनए रिपोर्ट से लापरवाही की पुष्टि होने के बाद बायोलॉजिकल माता-पिता बच्चों को बदलने के लिए सहमत हुए.
(जयकिशन शर्मा की रिपोर्ट)