अब आपकी Reel बनेगी कमाई का जरिया, बिहार पर्यटन विभाग दे रहा है लाखों के इनाम... जानिए कैसे कर सकते हैं आवेदन

बिहार के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल श्रावणी मेला 2026 को देशभर में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नई पहचान दिलाने के लिए बिहार पर्यटन विभाग ने खास पहल की है. विभाग ने सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए राष्ट्रीय स्तर की वीडियो प्रतियोगिता शुरू की है.

Bihar Tourism influencer video contest Shravani Mela 2026
रोहित कुमार सिंह
  • पटना,
  • 18 जुलाई 2026,
  • अपडेटेड 10:18 AM IST

बिहार के सबसे बड़े धार्मिक आयोजनों में शामिल श्रावणी मेला 2026 को देशभर में डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए नई पहचान दिलाने के लिए बिहार पर्यटन विभाग ने खास पहल की है. विभाग ने सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और कंटेंट क्रिएटर्स के लिए राष्ट्रीय स्तर की वीडियो प्रतियोगिता शुरू की है. इस प्रतियोगिता का उद्देश्य श्रावणी मेले, कांवड़ यात्रा और बिहार की धार्मिक, सांस्कृतिक व आध्यात्मिक विरासत को रचनात्मक वीडियो के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाना है. इस प्रतियोगिता का नाम 'श्रावणी मेला 2026: एन इन्फ्लुएंसर्स पर्सपेक्टिव' रखा गया है. इसमें फेसबुक, इंस्टाग्राम, एक्स और यूट्यूब जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर सक्रिय कंटेंट क्रिएटर्स हिस्सा ले सकते हैं. आवेदन करने के लिए इन चारों प्लेटफॉर्म पर मिलाकर कम से कम 25 हजार फॉलोअर्स होना जरूरी है.

विजेताओं को मिलेंगे लाखों रुपये के इनाम
बिहार पर्यटन विभाग ने प्रतियोगिता के लिए आकर्षक पुरस्कारों की घोषणा की है. पहले स्थान पर आने वाले प्रतिभागी को 3 लाख रुपये, दूसरे स्थान पर 2 लाख रुपये और तीसरे स्थान पर 1 लाख रुपये का पुरस्कार मिलेगा. इसके अलावा दो प्रतिभागियों को 50-50 हजार रुपये का चौथा पुरस्कार और पांच प्रतिभागियों को 25-25 हजार रुपये के प्रशंसा पुरस्कार भी दिए जाएंगे. पर्यटन विभाग के अनुसार, श्रावणी मेला 2026 का आयोजन 30 जुलाई से 28 अगस्त तक होगा. पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने कहा कि इस प्रतियोगिता का मकसद मेले की सांस्कृतिक, धार्मिक और आध्यात्मिक परंपराओं को डिजिटल रूप में दस्तावेज करना और सोशल मीडिया के जरिए बिहार की विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाना है.

वीडियो बनाने के लिए ये नियम जरूरी
प्रतियोगिता में केवल 18 वर्ष या उससे अधिक उम्र के भारतीय नागरिक हिस्सा ले सकेंगे. प्रतिभागियों को श्रावणी मेला और मुंगेर, बांका तथा भागलपुर से गुजरने वाले कांवड़िया मार्ग पर आधारित 30 सेकंड से 2 मिनट तक का वीडियो या रील बनानी होगी. वीडियो सिर्फ श्रावणी मेले से जुड़ा होना चाहिए. किसी अन्य विषय पर बनाई गई प्रविष्टि स्वीकार नहीं की जाएगी. प्रतिभागियों को पहले 3 अगस्त 2026 की पहली सोमवारी के बाद अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर वीडियो पोस्ट करना होगा. इसके बाद दूसरी सोमवारी के दो दिनों के भीतर वही वीडियो बिहार पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध गूगल फॉर्म के जरिए अपलोड करना होगा. अंतिम तिथि 13 अगस्त 2026 तय की गई है. आवेदन के साथ नाम, पता, जन्मतिथि, संपर्क विवरण, पहचान पत्र और वीडियो का 50 शब्दों तक का हिंदी या अंग्रेजी विवरण देना होगा.

AI से बने वीडियो होंगे अयोग्य
विभाग ने वीडियो के लिए कुछ तकनीकी नियम भी तय किए हैं. वीडियो HD क्वालिटी का होना चाहिए. उसका आकार 100 MB से 1 GB के बीच होना चाहिए और वह जियोटैग्ड होना जरूरी है. जरूरत पड़ने पर प्रतिभागियों से मूल रॉ फुटेज भी मांगी जा सकती है. वीडियो में किसी तरह की आपत्तिजनक सामग्री, कॉपीराइट का उल्लंघन, लोगो या वॉटरमार्क नहीं होना चाहिए. कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI से तैयार किए गए वीडियो सीधे प्रतियोगिता से बाहर कर दिए जाएंगे.

जमा हुए वीडियो का मूल्यांकन विभाग की ओर से बनाई गई जूरी करेगी. चुने गए वीडियो विभाग के आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किए जाएंगे. इसके बाद 45 दिनों तक उनके रीच, लाइक्स और शेयर के आधार पर प्रदर्शन का आकलन किया जाएगा. एक्स प्लेटफॉर्म पर रीपोस्ट को भी शेयर के रूप में गिना जाएगा. बिहार पर्यटन विभाग का मानना है कि यह पहल श्रावणी मेले की लोकप्रियता बढ़ाने के साथ-साथ राज्य के पर्यटन को भी नई पहचान दिलाने में मदद करेगी.

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