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बिहार सरकार ने निकाली 32 हजार टीचर्स की भर्ती, फिर भी पटना में धरने पर डटे हैं छात्र, आखिर क्यों?

पटना के गर्दनीबाग में प्रतियोगी छात्र धरना दे रहे हैं. हालांकि सरकार ने छात्रों की मुख्य मांग TRE-4 भर्ती का नोटिफिकेशन जारी कर दिया है. लेकिन इसके बावजूद छात्रों की कई और भी मांगे हैं, जिसपर अभी तस्वीर साफ नहीं हो पाई है. जिसको लेकर छात्रों का आंदोलन जारी है.

Bihar Students Protest (Photo/PTI)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 19 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:58 AM IST

दिल्ली में जंतर-मंतर और झारझंड में जयपाल मुंडा स्टेडियम की तर्ज पर पटना के गर्दनीबाग में प्रतियोगी छात्र धरना दे रहे हैं. छात्र आमरण अनशन पर बैठे हैं. छात्रों के धरने के शुरुआत के बाद ही बिहार सरकार ने 32388 पदों पर शिक्षकों की भर्ती की अधिसूचना जारी कर दी. इसके बावजूद प्रतियोगी छात्र धरने पर बैठे हुए हैं. चलिए आपको बताते हैं कि इससे पीछे क्या वजह है?

छात्रों का अनशन, सरकार एक्टिव-
पटना के गर्दनीबाग में प्रतियोगी छात्र धरने पर बैठे हैं. इस बीच सरकार ने टीचर्स भर्ती की अधिसूचना जारी की है. विद्यालय अध्यापक भर्ती परीक्षा (TRE-4.O) की आधिकारिक अधिसूचना के मुताबिक चतुर्थ चरण में कुल 32388 रिक्त पदों पर शिक्षकों की भर्ती की जाएगी.

TRE-4 भर्ती की अधिसूचना जारी, फिर भी प्रदर्शन क्यों?
गर्दनीबाग में धरने पर बैठे छात्रों की मांग थी कि सरकार TRE-4 भर्ती का विज्ञापन जारी करें. अब सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है. इसके बाद भी छात्र आंदोलन पर क्यों बैठे हैं? तो आपको बता दें कि TRE-4 भर्ती का विज्ञापन जारी करना छात्रों के कई मांगों में से एक था. लेकिन अभी भी छात्रों की कई मांग है, जिसपर अब तक कुछ भी अपडेट नहीं है.

क्या है छात्रों की मांग?
TRE-4 भर्ती का विज्ञापन जारी करने की मांग पूरी होने के बाद भी छात्र धरने पर बैठे हैं. आंदोलनकारी छात्रों का कहना है कि सिर्फ वादों पर नहीं, बल्कि लिखित नियमों और पारदर्शिता पर नजर रखेंगे. इसके साथ ही छात्रों की कई और भी मांगे हैं. छात्र सिंगल फेज परीक्षा, बीएसएससी में संविदा वेटेज को हटाना और 18 साल से अटकी लाइब्रेरियन भर्ती पर सरकार से जवाब मांग रहे हैं.

विधानसभा घेराव की दी थी चेतावनी-
आंदोलनकारी छात्रों ने चेतावनी दी थाी कि 5 दिनों के भीतर नोटिफिकेशन नहीं आया तो सीधे विधानसभा का घेराव होगा. हालांकि सरकार ने नोटिफिकेशन जारी कर दिया है और छात्रों की एक मुख्य मांग मान ली गई है. अब देखना है कि छात्र इस मांग के माने जाने के बाद अनशन खत्म करते हैं या दूसरी मांगों को लेकर धरने पर डटे रहते हैं.

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