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Bijnor: 14 बीघा में हाथियों का तहलका, पैरों तले रौंदी गन्ने की फसल, अन्य इलाकों में भी फैला डर

बिजनौर में जंगली हाथियों का कहर ऐसा बरपा कि रातोंरात 14 बीघा से ज्यादा गन्ने की फसल को पैरों तले रौंद डाला. सुबह बर्बाद फसल देखकर किसान सिर पकड़कर बैठ गए. साथ ही उन्हें जो नुकसान हुआ उसका गम सता रहा है.

खेत में घुस हाथियों ने फसल की बर्बाद
ऋतिक राजपूत
  • बिजनौर,
  • 17 अक्टूबर 2026,
  • अपडेटेड 3:40 PM IST

सालभर खेत में पसीना बहाया, फसल को अपने बच्चों की तरह पाला और अच्छी कमाई की उम्मीद लगाकर गन्ना तैयार किया. लेकिन जंगल से निकले जंगली हाथियों के झुंड ने किसानों की इस मेहनत पर पानी फेर दिया. हाथियों ने खेतों में घुसकर 14 बीघा से ज्यादा गन्ने की फसल को पैरों तले रौंदकर बर्बाद कर दिया. सुबह जब किसान अपने खेतों में पहुंचे तो चारों तरफ टूटा और कुचला हुआ गन्ना देखकर उनके होश उड़ गए. एक बुजुर्ग किसान अपनी बर्बाद फसल को देखकर सिर पकड़कर बैठ गया. उसकी आंखों के सामने सालभर की मेहनत बिखरी पड़ी थी.

यह मामला बिजनौर के बढ़ापुर थाना क्षेत्र के इनायतपुर गांव का है. यहां जंगल से निकलकर खेतों में पहुंच रहे जंगली हाथी किसानों के लिए परेशानी का सबब बन गए हैं. हाथियों के खेत में दाखिल होने की लाइव वीडियो भी किसानों ने अपने कैमरे में कैद की है. वीडियो में हाथियों की खेतों में मौजूदगी को लेकर ग्रामीणों की चिंता साफ नजर आती है.

खेत में घुस पैरौं तले रौंदी फसल

ग्रामीणों के मुताबिक, जंगली हाथियों का झुंड जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंच गया. हाथियों ने गन्ने के खेतों में घुसकर फसल को बुरी तरह कुचल दिया. देखते ही देखते किसानों की महीनों की मेहनत बर्बाद हो गई. खेतों में खड़ा गन्ना जमीन पर गिर गया और किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ा.

किसान राजेश पाल, राजपाल सिंह, बलराज सिंह, राजेंद्र सिंह समेत अन्य किसानों की 14 बीघा से अधिक गन्ने की फसल को नुकसान पहुंचा है. किसानों के लिए यह सिर्फ खेत में खड़ी फसल का नुकसान नहीं है, बल्कि उस कमाई पर भी चोट है, जिसके भरोसे उन्होंने पूरे साल घर-परिवार की जरूरतें पूरी करने की उम्मीद लगाई थी.

बर्बादी देख किसान रह गए सन्न

दरअसल सुबह जब किसान अपने खेतों की तरफ पहुंचे तो वहां का नजारा देखकर परेशान हो गए. जिस खेत में हरा-भरा गन्ना खड़ा था, वहां फसल जमीन पर बिखरी पड़ी थी. बुजुर्ग किसान अपनी बर्बाद फसल को देखकर सिर पकड़कर बैठ गया. उसकी हालत देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि किसान के लिए अपनी मेहनत को इस तरह बर्बाद होते देखना कितना मुश्किल है.

किसानों की चिंता सिर्फ एक दिन की नहीं है. फसल तैयार करने में बीज, खाद, सिंचाई और मजदूरी पर खर्च होता है. इसके बाद किसान को गन्ने की बिक्री से कमाई की उम्मीद रहती है. ऐसे में हाथियों के झुंड द्वारा फसल रौंदे जाने से किसानों के सामने आर्थिक नुकसान की चिंता खड़ी हो गई है.

अन्य इलाकों में भी किसान डरे हुए

इनायतपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में जंगली हाथियों की मौजूदगी से लोगों की चिंता बढ़ गई है. जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंच रहे हाथियों से किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा का डर सता रहा है. खेतों में काम करने वाले किसानों के लिए भी ऐसी स्थिति चिंता का कारण है.

किसानों ने हाथियों के खेत में घुसने की लाइव वीडियो भी बनाई है. इस घटना ने एक बार फिर जंगल से सटे गांवों में रहने वाले किसानों के सामने खड़ी मुश्किलों को उजागर किया है. किसान चाहते हैं कि उनकी फसलों को जंगली जानवरों से बचाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि उनकी सालभर की मेहनत इस तरह बर्बाद न हो.

आखिर कैसे होगी फसल की सुरक्षा?

घटना की जानकारी मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने प्रभावित खेतों में पहुंचकर किसानों की फसलों को हुए नुकसान का जायजा लिया. अब किसानों को उम्मीद है कि उनके नुकसान का आकलन कर आगे की जरूरी कार्रवाई की जाएगी.

फिलहाल इनायतपुर गांव में जंगली हाथियों द्वारा गन्ने की फसल बर्बाद किए जाने की घटना ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. सबसे बड़ा सवाल यही है कि जंगल से निकलकर खेतों तक पहुंच रहे हाथियों से किसानों की फसल की सुरक्षा कैसे होगी, ताकि अन्नदाता को अपनी मेहनत का नुकसान न झेलना पड़े.

 

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