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बंगाल में जीत: बीजेपी की टीम यूपी ने दिखाया दम, सुनील बंसल के नेतृत्व में उनकी टीम यूपी ने किया कमाल

उत्तर प्रदेश के संगठन की उसे टीम के चेहरों को जान लीजिए जो सुनील बंसल के साथ चुपचाप महीनो से बंगाल में बीजेपी के लिए माइक्रो मैनेजमेंट में जुटे थे. इन नेताओं के जिम्मे में बूथ का माइक्रो मैनेजमेंट, डाटा प्लानिंग, बूथ प्लानिंग और कार्यकर्ताओं के बीच के मतभेद खत्म कर उन्हें संगठन के एकमात्र लक्ष्य के लिए लगने का काम दिया गया था.

सुनील बंसल, बीजेपी के बंगाल प्रभारी (फाइल फोटो)
कुमार अभिषेक
  • लखनऊ ,
  • 05 मई 2026,
  • अपडेटेड 9:33 AM IST

बंगाल में बीजेपी की इस छप्पर फाड़ जीत का  श्रेय काफी हद तक भूपेंद्र यादव और सुनील बंसल के संगठन कौशल को जाता है, उत्तर प्रदेश से राष्ट्रीय महासचिव बनाए जाने के बाद से ही सुनील बंसल को पश्चिम बंगाल का जिम्मा दे दिया गया था लेकिन सुनील बंसल ने बंगाल चुनाव की जीत के लिए यूपी की अपनी पुरानी टीम पर ही भरोसा जताया. पिछले 6 महीने से उत्तर प्रदेश के दर्जन भर ऐसे भाजपा के चेहरे जो संगठन में अपनी महारत रखते हैं वह सुनील बंसल की कोर टीम के हिस्सा रहे और बंगाल के कोने-कोने में चुपचाप काम करते रहे और सुनील बंसल की इस टीम यूपी ने आखिरकार बंगाल फतह करा ही दी.

उत्तर प्रदेश के संगठन की उसे टीम के चेहरों को जान लीजिए जो सुनील बंसल के साथ चुपचाप महीनो से बंगाल में बीजेपी के लिए माइक्रो मैनेजमेंट में जुटे थे. इन नेताओं के जिम्मे में बूथ का माइक्रो मैनेजमेंट, डाटा प्लानिंग, बूथ प्लानिंग और कार्यकर्ताओं के बीच के मतभेद खत्म कर उन्हें संगठन के एकमात्र लक्ष्य के लिए लगने का काम दिया गया था.

उत्तर प्रदेश से योगी कैबिनेट के चार मंत्री एक पूर्व कैबिनेट मंत्री और तकरीबन डेढ़ हजार प्रमुख कार्यकर्ता बंगाल में पिछले अक्टूबर के बाद से ही जमे थे.

जेपीएस राठौड़ - सहकारिता मंत्री योगी सरकार 
उत्तर प्रदेश में 2017 2019 और 2022 में बीजेपी के चुनावी मैनेजमेंट कंट्रोल रूम का जिम्मा संभालने वाले जेपीएस राठौर पिछले 6 महीने से लखनऊ नहीं लौटे, योगी सरकार में मंत्री हैं लेकिन बंगाल चुनाव की जिम्मेदारी ने उन्हें बंगाल में ही रोक दिया. जीपीएस राठौर माइक्रो लेवल प्लानिंग और माइक्रो लेवल बूथ मैनेजमेंट के सिद्धहस्त माने जाते हैं. जीपीएस राठौर को पूर्वी और पश्चिम मदिनीपुर की 35 विधानसभा चुनाव कीजम्मेदारी दी गई थी. एक दिन पहले ही आज तक से बातचीत में उन्होंने कहा था कि हमारा आंकड़ा 180 के नीचे नहीं रुकेगा लेकिन कहां तक रुकेगा(uper limit)यह नहीं बता सकता.

सुरेश राणा -पूर्व कैबिनेट मंत्री योगी सरकार
पश्चिम से आने वाले सुरेश राणा पिछले योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री थे 2022 में अपना चुनाव हार गए लेकिन संगठन कौशल में इनका कोई सानी नहीं है सुरेश राणा के जिम्मे उत्तर 24 परगना के कई विधानसभा थे.

कन्नौज से पूर्व सांसद सुब्रत पाठक मंत्री संजय गंगवार दिनेश खटीक और  दयाशंकर मिश्र दयालु भी पिछले कई महीनो से बंगाल में जमे थे. सुब्रत पाठक के पास हुगली जिले की जिम्मेदारी थी, योगी सरकार में स्वतंत्र प्रभार मंत्रीयाशंकर मिश्र दयालु दमदम लोकसभा के साथ विधानसभा सीटों को देख रहे थे, योगी  सरकार में पूर्व मंत्री उपेंद्र तिवारी को हावड़ा में लगाया गया था जबकि पूर्व मंत्री स्वाति सिंह को कोलकाता की कई विधानसभाओं की जिम्मेदारी थी.

बंगाल में सुनील बंसल की टीम में काम कर रहे ये यूपी के वो तमाम वह चेहरे हैं जिसमें से ज्यादातर उनके साथ एबीवीपी में भी काम कर चुके हैं और 2014 से 2022 तक उत्तर प्रदेश में सुनील बंसल की टीम का भी हिस्सा रहे.  उत्तर प्रदेश की 2017 की जीत में इलेक्शन माइक्रो मैनेजमेंट, साइंटिफिक इलेक्शन इंजीनियरिंग सुनील बंसल की रणनीति का अहम हिस्सा रहा था अपने उसी फार्मूले को उन्होंने यूपी की अपनी टीम के साथ बंगाल में भी दहराया .

बंगाल की जीत के बाद अब सुनील बंसल के लिए आगे क्या? 
माना जा रहा है 2027 उत्तर प्रदेश के चुनाव में भी सुनील बंसल को उत्तर प्रदेश में बड़ी जिम्मेदारी दी जा सकती है हो सकता है उन्हें उत्तर प्रदेश का प्रभार दे दिया जाए क्योंकि अमित शाह के सबसे खासमखास और यूपी को उनसे बेहतर समझने वाला संगठन का चेहरा शायद ही कोई हो.

2014 चुनाव में जब अमित शाह उत्तर प्रदेश के प्रभारी बनकर आए थे तब पहली बार सुनील बंसल के संगठन कौशल को उन्होंने पहचाना था और तब अमित शाह के सबसे करीबी संगठनकर्ता के तौर पर उनके सह प्रभारी बनकर 2014 का लोकसभा चुनाव के शिल्पी रहे 2014 में उत्तर प्रदेश में बड़ी जीत के साथ ही सुनील बंसल का कद काफी बढ़ गया अमित शाह राष्ट्रीय अध्यक्ष हुए लेकिन सुनील बंसल उत्तर प्रदेश के संगठन के सबसे बड़े चेहरे बनते चले गए.

यूपी के संगठन महामंत्री के तौर पर सुनील बंसल के खाते में 2014 का लोकसभा चुनाव 2017 का विधानसभा चुनाव और 2019 लोकसभा चुनाव की प्रचंड जीत दर्ज है 2022 के विधानसभा चुनाव में भी वह बीजेपी के संगठन महामंत्री थे और तब भी भाजपा ने विधानसभा में दो तिहाई बहुमत प्राप्त किया था . 2022 मैं सुनील बंसल को यूपी से मुक्त कर उन्हें राष्ट्रीय दायित्व सौंपा गया जब उन्हें राष्ट्रीय महामंत्री बनाया गया तो बंगाल का प्रभार दिया गया. 2022 में यूपी से चले जाने के बाद 2024 में लोकसभा में भाजपा बुरी तरीके से हार गई.

बंगाल चुनाव के बाद अब यह प्रयास लगाए जाने लगे हैं कि 2027 के यूपी विधानसभा चुनाव में भी उन्हें बड़ी भूमिका दी जा सकती है.

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