कोरोना का कहर मुंबई में सबसे ज्यादा बरपा आज भी ये शहर कोरोना के कहर से डरा हुआ है. ऐसे में सब से खास किरदार हेल्थ वर्कर ने निभाया था, इन हेल्थ वर्कर ने दिन रात लोगों की सेवा में अपनी जिंदगियों को भी कुर्बान कर दिया. इन हेल्थ वर्कर के साथ कोरोना काल में आशा कर्मचारियों का भी योगदान कम नहीं था .अब इन्हीं आशा कार्यकर्ताओं को प्रेरेणा देने के लिए इनका बकाया दोगुना कर दिया गया है. ये फैसला बीएमसी ने लिया है.
आशा कर्मचारियों एक मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ता हैं जो भारत के राष्ट्रीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन में शामिल हो कर स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय की तरफ से नियोजित एक सामुदायिक स्वास्थ्य संगठन है .