Talks between PM Modi and Xi Jinping: 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के पहले दिन का समापन हो गया है. भारत मंडपम में आयोजित ब्रिक्स समिट 2026 के इतर शनिवार शाम को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच द्विपक्षीय वार्ता हुई. इस मुलाकात में दोनों नेताओं ने भारत और चीन के बीच सहयोग को आगे बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. पीएम मोदी ने जिनपिंग से कहा- ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में आपकी सकारात्मक बातों के लिए बहुत-बहुत धन्यवाद. पीएम मोदी ने कहा कि भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के दौरान चीन से मिले समर्थन और सहयोग के लिए वे आभारी हैं. उन्होंने कहा कि अब दोनों देशों के पास द्विपक्षीय सहयोग पर चर्चा करने का अवसर है. द्विपक्षीय बातचीत के दौरान पीएम मोदी ने सीमा विवाद को लेकर स्पष्ट बात कही. उन्होंने चीन के राष्ट्रपति से जोर देकर कहा कि सीमावर्ती इलाकों में शांति जरूरी है.
एक-दूसरे की ताकत से सीख सकते हैं भारत-चीन
पीएम मोदी से बातचीत के दौरान चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन और भारत एक-दूसरे की ताकत से सीख सकते हैं और साझा विकास हासिल कर सकते हैं. चीनी समाचार एजेंसी शिन्हुआ के मुताबिक, वार्ता के दौरान चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने कहा कि चीन भारत के साथ अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक नजरिए से देखता है. जिनपिंग ने पीएम मोदी से कहा कि चीन भारत के साथ अपने संबंधों को रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण से देखता है. शी जिनपिंग ने चीन और भारत से आग्रह किया है कि वे ब्रिक्स देशों के बीच बेहतर सहयोग को बढ़ावा देने के लिए मिलकर काम करें. जिनपिंग ने कहा, बदलती और अस्थिर अंतरराष्ट्रीय स्थिति का सामना करते हुए दुनिया के दो सबसे अधिक आबादी वाले देशों और ‘ग्लोबल साउथ’ के प्रमुख सदस्यों के रूप में चीन और भारत पर महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां हैं. चीन, भारतीय पक्ष के साथ मिलकर काम करने को तैयार है. पीएम मोदी और जिनपिंग की यह बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि भारत और चीन ने हाल के वर्षों में सीमा पर तनाव के बाद द्विपक्षीय संबंधों को स्थिर करने का प्रयास किया है. दोनों नेताओं ने संबंधों को सुधारने और सीमा पर शांति और स्थिरता बनाए रखने के उद्देश्य से कई बैठकें की हैं.
ब्रिक्स सहयोग तंत्र लगातार बढ़ा और फैला
शी जिनपिंग ने कहा कि भारत और चीन को 'ग्रेटर BRICS सहयोग' के तहत उच्च गुणवत्ता वाले विकास के लिए मिलकर काम करना चाहिए.चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि ब्रिक्स सहयोग तंत्र उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच सहयोग के लिए दुनिया का सबसे प्रभावशाली मंच बन गया है. उन्होंने कहा कि करीब दो दशकों में ब्रिक्स सहयोग तंत्र लगातार बढ़ा और फैला है. शी ने कहा कि ये 20 साल आत्मनिर्भरता और खुद को मजबूत करने वाले रहे हैं. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स देशों ने अपनी राष्ट्रीय परिस्थितियों के अनुकूल विकास के रास्तों की सक्रिय रूप से पहचान की है. उनका कहना है कि उभरते बाजारों और विकासशील देशों के बीच एकता के माध्यम से BRICS देशों ने खुद को मजबूत करने का उदाहरण पेश किया है.
ब्रिक्स देशों ने सर्वसम्मति से अपनाया नई दिल्ली घोषणापत्र
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को नई दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 को सर्वसम्मति से अपनाए जाने की घोषणा की. पीएम मोदी ने शिखर सम्मेलन में कहा कि किसी भी सदस्य ने कोई आपत्ति नहीं जताई है. नई दिल्ली घोषणापत्र 2026 को सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया है.
नई दिल्ली घोषणापत्र में क्या-क्या
1. नई दिल्ली घोषणापत्र में पश्चिम एशिया में लगातार बढ़ते तनाव पर गहरी चिंता जताते हुए सभी पक्षों से अधिकतम संयम बरतने और ऐसी कार्रवाइयों से बचने का आह्वान किया गया, जिससे स्थिति और बिगड़ सकती है.
2. घोषणापत्र में कहा गया, हम संयुक्त राष्ट्र चार्टर के उद्देश्यों और सिद्धांतों के अनुरूप नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे की सुरक्षा सुनिश्चित करने का आग्रह करते हैं. इसमें राज्यों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान भी शामिल है. घोषणापत्र में एक ऐसे बहुपक्षीय दृष्टिकोण की वकालत की गई जो महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर विभिन्न राष्ट्रीय दृष्टिकोणों और स्थितियों का सम्मान करता है.
3. घोषणापत्र में ब्रिक्स देशों ने एकतरफा टैरिफ के बढ़ते प्रचलन पर गंभीर चिंता जताई. इसे विश्व व्यापार संगठन (WTO) के नियमों के खिलाफ बताया गया है. साथ ही अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ एकतरफा दबाव डालने वाले प्रयासों की भी निंदा की गई.
4. नई दिल्ली घोषणापत्र में युद्धों को रोकने के लिए पहले से अधिक पहल करने की जरूरत पर जोर दिया गया. इस गुट में शामिल सभी देशों ने सलाह मशविरे और कूटनीति के जरिए अंतरराष्ट्रीय विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाने के अपने संकल्प को भी दोहराया है. ब्रिक्स देशों ने एक ऐसे बहुपक्षीय दृष्टिकोण की वकालत की जो बड़े वैश्विक मुद्दों पर अलग-अलग देशों के नजरिए और रुख का सम्मान करता हो.
19वें BRICS समिट की मेजबानी करेगा चीन
चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता माओ निंग ने बताया कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने घोषणा की है कि अगले साल चीन BRICS की अध्यक्षता संभालेगा और 19वें BRICS समिट की मेजबानी करेगा. माओ निंग के मुताबिक, चीन इस मौके का इस्तेमाल BRICS देशों के बीच आम सहमति बनाने और भविष्य की योजनाओं पर मिलकर काम करने के लिए करेगा.