नई दिल्ली के भारत मंडपम मे आयोजित 18वें ब्रिक्स समिट का समापन हो गया है. समापन भाषण में पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ का भरोसा बढ़ा है, क्योंकि इसमें उनकी आवाज सुनी जाती है. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी विविधता हमारी पहचान रहे. हमारा सहयोग हमारी प्रेरणा बने और हमारी प्रगति पूरी मानवता के काम आए.
दुनिया को सिर्फ आइडिया नहीं, कंक्रीट रिजल्द की उम्मीद- पीएम
पीएम मोदी ने कहा कि ब्रिक्स केवल देशों का समूह नहीं है, बल्कि सॉल्यूशंस का एक इकोसिस्टम है. हम आशा करते हैं कि समिट में अपनाया गया न्यू दिल्ली डिक्लेरेशन साझा विजन और भविष्य के सहयोग को स्पष्ट दिशा देगा. हमें सभी आउटकम्स को समयबद्ध एक्शन और लास्ट माइल इम्पैक्ट से जोड़ना होगा, ताकि फ्रेमवर्क फाइल्स से आगे बढ़कर रियल वर्ल्ड में असर पैदा कर सके. उन्होंने कहा कि ब्रिक्स अब तीसरे दशक में प्रवेश करने जा रहा है और दुनिया अब समूह से केवल आइडिया और कमिटमेंट नहीं, बल्कि कंक्रीट रिजल्ट की उम्मीद करती है. हमें विश्वास है कि साझा प्रयासों से इन अपेक्षाओं को पूरा किया जाएगा.
ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ का भरोसा बढ़ा है- पीएम मोदी
पीएम मोदी ने कहा कि मैं मेरे निजी अनुभव के साथ कह सकता हूं कि ब्रिक्स में ग्लोबल साउथ के देशों का विश्वास बढ़ा है, क्योंकि ब्रिक्स में उनकी आवाज सुनी जाती है, उनके अनुभव का सम्मान होता है और सॉल्यूशन उनके लिए ही नहीं, उनके साथ मिलकर बनाए जाते हैं. ब्रिक्स की शक्ति हमारी डायवर्टी और को-ऑपरेशन में है.
विविधता हमारी पहचान- पीएम मोदी
उन्होंने कहा कि भले ही हम अलग-अलग परिस्थितियों से जुड़े हों, लेकिन सहयोग के जरिए हम साथ मिलकर आगे बढ़ते हैं और मानवता के लिए फलते-फूलते हैं. प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि हमारी विविधता हमारी पहचान रहे. हमारा सहयोग हमारी प्रेरणा बने और हमारी प्रगति पूरी मानवता के काम आए. आप सबका बहुत बहुत धन्यवाद.
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