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BRICS Summit: भारत-चीन के बीच आज अहम बैठक, ग्लोबल साउथ में साथ आने पर दुनिया की नजर

भारत और चीन के रिश्तों में सीमा विवाद सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है. दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लंबे समय से तनाव रहा है. हालांकि, हाल के वर्षों में तनाव कम करने और संवाद बहाल करने के लिए दोनों पक्षों के बीच कई स्तरों पर बातचीत हुई है.

India-China Bilateral Meeting
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 12 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 11:32 AM IST
  • भारत मंडपम में होगी बातचीत
  • ग्लोबल साउथ पर रहेगा फोकस

नई दिल्ली में चल रहे 18वें BRICS शिखर सम्मेलन के दौरान भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय बैठक होने जा रही है. दोनों देशों की यह बातचीत ऐसे समय में हो रही है, जब सीमा विवाद और आपसी अविश्वास के बावजूद भारत-चीन रिश्तों में संवाद बढ़ाने की कोशिशें जारी हैं. दोनों देशों की बैठक पर इसलिए भी नजर है, क्योंकि BRICS अब ग्लोबल साउथ के देशों के लिए एक महत्वपूर्ण मंच बन चुका है.

भारत मंडपम में होगी बातचीत
भारत और चीन के बीच द्विपक्षीय बैठक नई दिल्ली के भारत मंडपम में BRICS सम्मेलन से इतर होगी. यह बैठक दोनों देशों के लिए कई मायनों में अहम मानी जा रही है. चीन और भारत एशिया की दो बड़ी उभरती अर्थव्यवस्थाएं हैं और दोनों की BRICS में महत्वपूर्ण भूमिका है. चीनी मीडिया ने भी भारत और चीन के एक सुर में बोलने को ग्लोबल साउथ के लिए सकारात्मक संकेत बताया है. दोनों देशों के बीच सहयोग बढ़ने से विकासशील देशों के मंच पर साझा आवाज मजबूत हो सकती है.

सीमा विवाद के बीच बढ़ा महत्व
भारत और चीन के रिश्तों में सीमा विवाद सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ है. दोनों देशों के बीच वास्तविक नियंत्रण रेखा पर लंबे समय से तनाव रहा है. हालांकि, हाल के वर्षों में तनाव कम करने और संवाद बहाल करने के लिए दोनों पक्षों के बीच कई स्तरों पर बातचीत हुई है. ऐसे में BRICS सम्मेलन के दौरान होने वाली यह बैठक दोनों देशों के रिश्तों को सामान्य बनाने की दिशा में एक और अहम कदम के तौर पर देखी जा रही है.

ग्लोबल साउथ पर रहेगा फोकस
BRICS के विस्तार के बाद समूह की भूमिका विकासशील देशों के बीच और महत्वपूर्ण हुई है. भारत लगातार ग्लोबल साउथ के देशों की आवाज को वैश्विक मंचों पर मजबूत करने की बात करता रहा है.

भारत और चीन अगर आर्थिक सहयोग, व्यापार और विकास जैसे मुद्दों पर साझा रुख बनाते हैं, तो इससे ग्लोबल साउथ के मंच पर BRICS की भूमिका और मजबूत हो सकती है. हालांकि, दोनों देशों के बीच मौजूद रणनीतिक मतभेदों के कारण यह राह आसान नहीं होगी.

चीनी विमान दिल्ली पहुंचा
इसी बीच चीन का एक विमान बीजिंग-दिल्ली रूट पर उड़ान भरते हुए भारतीय हवाई क्षेत्र में दाखिल हुआ है. यह विमान पालम एयर फोर्स स्टेशन पर उतरने वाला है. BRICS सम्मेलन के दौरान इसकी दिल्ली में मौजूदगी को भारत-चीन संपर्क के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है. 18वां BRICS शिखर सम्मेलन ऐसे समय में हो रहा है, जब वैश्विक स्तर पर व्यापार, सुरक्षा और भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है.

 

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