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G7 vs G20 vs BRICS: कौन है सबसे शक्तिशाली समूह, दुनिया में किसका सबसे ज्यादा है दबदबा... जानें अर्थव्यवस्था से लेकर सेना तक पूरा हिसाब

G7, G20 और BRICS समूहों की आर्थिक ताकत, GDP, सैन्य शक्ति, परमाणु क्षमता, बड़ी आबादी और दुनिया पर काफी प्रभाव है. भारत, चीन, अमेरिका और यूरोपीय देशों की ताकत वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था में काफी योगदान देती है. लेकिन किस समूह का ज्यादा है दबदबा?

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G7 vs G20 vs BRICS G7 vs G20 vs BRICS

दुनिया में कई ऐसे बड़े संगठन हैं, जिनका असर वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था पर पड़ता है. इनमें G7, G20 और BRICS सबसे ज्यादा चर्चा में रहते हैं. इन तीनों समूहों में दुनिया की बड़ी इकॉनॉमी शामिल हैं. लेकिन सवाल यह है कि G7, G20 और BRICS में सबसे ज्यादा ताकतवर कौन है? पैसा, अर्थव्यवस्था, सेना और दुनिया पर असर डालने के मामले में तीनों में सबसे आगे कौन है?

G20 की क्या है खासियत?

अगर दुनिया में राजनीतिक और फाइनेंशियल असर की बात करें तो G20 सबसे बड़ा मंच माना जाता है. इसकी खास बात यह है कि इसमें अलग-अलग तरह की अर्थव्यवस्थाएं शामिल हैं. G7 के अमीर और विकसित देश भी G20 का हिस्सा हैं. वहीं BRICS के कई बड़े विकासशील देश भी इसमें शामिल हैं.

G20 में दुनिया की करीब दो-तिहाई आबादी आती है. इसके सदस्य देश मिलकर दुनिया के करीब 80 फीसदी व्यापार में हिस्सेदारी रखते हैं. इसलिए जब दुनिया के सामने कोई बड़ा आर्थिक मुद्दा आता है, तो G20 की भूमिका काफी अहम हो जाती है.

क्या चीज़ अलग बनाती है G7 को दूसरों से?

G7 में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली, कनाडा और जापान शामिल हैं. ये सभी देश लंबे समय से दुनिया की बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में गिने जाते हैं.

नॉमिनल GDP के हिसाब से G7 की कुल अर्थव्यवस्था करीब 51 से 52 ट्रिलियन डॉलर बताई जाती है. यह दुनिया की कुल आर्थिक ताकत का करीब 44 फीसदी है. तकनीक, AI, सेमीकंडक्टर और वैश्विक वित्त के क्षेत्र में भी इन देशों का बड़ा असर है. इन देशों की प्रति व्यक्ति आय भी काफी ज्यादा है.

BRICS ने छोड़ा G7 को पीछे

BRICS को तेजी से बढ़ती विकासशील अर्थव्यवस्थाओं का समूह माना जाता है. इसमें भारत, चीन, रूस, ब्राजील और दक्षिण अफ्रीका जैसे देश शामिल हैं. इसका उद्देश्य दुनिया में ऐसी व्यवस्था को बढ़ावा देना है, जिसमें किसी एक देश का दबदबा न रहे.

अगर अर्थव्यवस्था को क्रय शक्ति के आधार पर देखें तो BRICS ने G7 को पीछे छोड़ दिया है. वैश्विक GDP में BRICS की हिस्सेदारी करीब 40 फीसदी तक पहुंच चुकी है. इससे इसकी बढ़ती आर्थिक ताकत का अंदाजा लगाया जा सकता है.

पैसे के मामले में कौन आगे?

आर्थिक ताकत को मापने के अलग-अलग तरीके हैं. नॉमिनल GDP के हिसाब से G7 अभी भी आगे है. इसकी वजह इन देशों की मजबूत करेंसी और बड़ी अर्थव्यवस्थाएं हैं.

लेकिन क्रय शक्ति समानता (PPP) के आधार पर BRICS आगे निकल चुका है. वहीं G20 में G7 और BRICS दोनों के कई देश शामिल हैं. इसी वजह से G20 की कुल आर्थिक हिस्सेदारी दुनिया की अर्थव्यवस्था में करीब 85 से 90 फीसदी तक बताई जाती है.

सेना और हथियारों में कौन सबसे आगे?

सैन्य ताकत की बात करें तो G7 का पलड़ा भारी नजर आता है. खासकर अमेरिका की सैन्य ताकत इसे बहुत मजबूत बनाती है. G7 देशों के पास आधुनिक लड़ाकू विमान, युद्धपोत और परमाणु हथियारों की बड़ी क्षमता है.

दूसरी ओर BRICS में भारत और चीन जैसे बड़ी आबादी वाले देश हैं. इसलिए सैनिकों की संख्या के मामले में BRICS काफी मजबूत है. लेकिन आधुनिक हथियार, सैन्य तकनीक और रक्षा बजट की बात करें तो G7 आगे दिखाई देता है.