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चीन ने चली टेढ़ी चाल! पाकिस्तान के सपोर्ट में उतरा, डैम बनाने में कर रहा मदद, पेशावर के लोगों को होगा फायदा

चीन ने पाकिस्तान में बन रहे मोहमंद डैम प्रोजेक्ट को बनाने का काम तेज कर दिया है. भारत ने सिंधु जल संधि को रद्द कर दिया था. ऐसे में चीन, पाकिस्तान की मदद करने के लिए अपने प्रोजेक्ट को बनाने का काम तेज कर दिया है.

Pakistan dam construction
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 20 मई 2025,
  • अपडेटेड 1:01 PM IST
  • मोहमंद डैम प्रोजेक्ट को बनाने का काम तेज
  • पाकिस्तान की मदद के लिए आगे आया चीन

पहलगाम हमले के बाद भारत ने सिंधु जल संधि को 'निलंबित' कर दिया और पाकिस्तान में 'एक बूंद भी पानी न जाने देने' की बात कही. इस समझौते को रद्द करने के बाद चीन ने पाकिस्तान में एक बड़े डैम प्रोजेक्ट पर काम तेज कर दिया है. यह डैम खैबर पख्तूनख्वा के मोहम्मद जिले में बन रहा है, जिसे चीन की सरकारी कंपनी चाइना एनर्जी इंजीनियरिंग कॉरपोरेशन 2019 से बना रही है. हालांकि पहले इसका काम तेजी से नहीं चल रहा था लेकिन सिंधु जल संधि को निलंबित करने के बाद चीन पाकिस्तान के सपोर्ट में आ खड़ा हुआ है.

डैम पर कंक्रीट भराव का काम शुरू
स्थानीय रिपोर्ट्स की मानें तो डैम पर कंक्रीट भराव का काम शुरू हो गया है. इसे प्रोजेक्ट के लिए एक बड़ा माइलस्टोन माना जा रहा है. अब इस डैम के निर्माण को लेकर तेजी लाई जा रही है ताकि 2026 से पहले यह काम पूरा किया जा सके.

चीन के कई प्रोजेक्ट पाकिस्तान में चल रहे
इस संधि के तहत पाकिस्तान को सिंधु, झेलम और चेनाब नदियों के पानी का अधिकार है, जबकि भारत रावी, सतलुज और ब्यास का इस्तेमाल कर सकता है लेकिन अब भारत सिंधु, झेलम और चेनाब पर जल परियोजनाओं को तेजी से बढ़ा रहा है. 

भले ही चीन ने सार्वजनिक रूप से भारत-पाक विवाद में तटस्थता अपनाने की अपील की हो, लेकिन पाकिस्तान के साथ उसकी 'आयरन ब्रदरहुड' वाली दोस्ती को देखते हुए वह लगातार जल और ऊर्जा क्षेत्र में निवेश बढ़ा रहा है. इससे पहले भी चीन पाकिस्तान में दीयामेर-भाषा डैम जैसी कई परियोजनाओं में भागीदार रह चुका है.

डैम से होगा बिजली, सिंचाई और पेयजल का समाधान
यह डैम सिर्फ बिजली उत्पादन नहीं बल्कि बाढ़ नियंत्रण, सिंचाई और पीने के पानी की आपूर्ति के लिए भी बनाया जा रहा है. इससे 800 मेगावाट बिजली उत्पादन होगा. इससे प्रतिदिन 300 मिलियन गैलन पानी पेशावर को मिलेगा. इससे खैबर पख्तूनख्वा की कृषि भूमि को सिंचाई सुविधा भी मिलेगी. 

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