Plane Crash: शांभवी ने बारामती हादसे से पहले अपनी दादी को भेजा था आखिरी मैसेज... जानिए क्या कहना चाहती थी कैप्टन

बारामती प्लेन क्रैश हादसे के बाद अब शांभवी का उनकी दादी को लिखा मैसेज सोशल मीडिया पर जम कर वायरल हो रहा है.

शांभवी का भेजा दादी को आखिरी मैसेज
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 29 जनवरी 2026,
  • अपडेटेड 12:28 PM IST

महाराष्ट्र से आने वाली प्लेन दूरघटना की दर्दनाक खबर ने पूरे देश को झकझोर दिया है. 28 जनवरी 2026 की सुबह महाराष्ट्र की कैप्टन शांभवी पाठक ने अपनी दादी को "Hi Dadda Good Morning…" मैसेज भेजा था. इसके जवाब में उनकी दादी ने लिखा, "Good Morning Cgeeni". लेकिन किसको पता था कि शांभवी का उनके परिवार को लिखा ये आखिरी मैसेज बन जाएगा. 

कल हुए हादसे ने पूरे देश को झकझोर दिया 
मैसेज भेजने के लगभग दो घंटे बाद यानी, बुधवार सुबह 8.45 बजे बारामती एयरपोर्ट पर लैंडिंग के दौरान अजित पवार जिस विमान में सवार थे वह चार्टर्ड प्लेन क्रैश हो गया. इस हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री के साथ 4 और लोगों की मौत हो गई. हादसे में शांभवी पाठक, जो कि विमान की को-पायलट थीं उनकी भी मौत हो गई. इस हादसे ने महाराष्ट्र के साथ पूरे देश को स्तब्ध कर दिया.

कैसे मिली परिवार को सूचना 
दरअसल मुंबई में रह रहे घर के छोटे बेटे ने सूचना दी कि आज हुए विमान क्रैश में उनकी बेटी शांभवी पाठक की भी मौत हो गई है. इसके बाद क्या था, पूरा परिवार शौक में डूब गया. जब से दादी मीरा पाठक को इस घटना का पता चला है तब से रो-रो कर उनकी आंखें नहीं थक रही. किसी भी परिवार के लिए उनके घर के बच्चों का दुनिया से चले जाना किसी बड़े दर्द से कम नहीं है. यह दुख ऐसा है जो जिंदगी भर के लिए उनके दिल में नासूर बन कर चुभता रहेगा.

कौन थी शांभवी पाठक 
शांभवी पाठक का ग्वालियर से गहरा नाता था. उन्होंने ग्वालियर स्थित एयरफोर्स नंबर-1 स्कूल से अपनी पढ़ाई की थी और यहीं उन्होंने अपना बचपन भी बिताया. शांभवी एक एयरफोर्स परिवार से थीं और बचपन से ही उनका सपना आसमान में उड़ान भरने का था. दरअसल, पायलट शांभवी पाठक ने वर्ष 2016 से 2018 के बीच ग्वालियर के एयरफोर्स नंबर-1 स्कूल में पढ़ाई की थी. वह मध्य प्रदेश फ्लाइंग क्लब की सदस्य भी रह चुकी थीं, जहां से उन्होंने उड़ान की बारीकियां सीखीं. शांभवी के पिता भारतीय वायुसेना में अधिकारी थे और इसी वजह से उनका परिवार लंबे समय तक ग्वालियर की एयरफोर्स कॉलोनी में रहा. ग्वालियर में ही शांभवी ने अपना बचपन गुजारा और यहीं से उनके भीतर पायलट बनने का सपना आकार लेने लगा. कल हुई उनकी असामयिक मृत्यु से न केवल परिवार, बल्कि ग्वालियर और पूरा देश शोक में डूबा हुआ है. 

 

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