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दिल्ली में मकान बनाने के नियम क्या हैं? MPD-2021 और Building Bye-Laws में क्या है प्रावधान

जधानी में भवन निर्माण के लिए मुख्य आधार Master Plan for Delhi-2021 (MPD-2021) और Unified Building Bye-Laws-2016 (UBBL-2016) हैं. इनके अलावा समय-समय पर जारी किए गए संशोधन और संबंधित इलाके के विशेष नियम भी लागू होते हैं.

Building Regulations in Delhi
सुशांत मेहरा
  • नई दिल्ली,
  • 07 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 4:05 PM IST

दिल्ली में किसी भी तरह का निर्माण करने से पहले Master Plan for Delhi और Building Bye-Laws के प्रावधानों को समझना बेहद जरूरी है. राजधानी में भवन निर्माण के लिए मुख्य आधार Master Plan for Delhi-2021 (MPD-2021) और Unified Building Bye-Laws-2016 (UBBL-2016) हैं. इनके अलावा समय-समय पर जारी किए गए संशोधन और संबंधित इलाके के विशेष नियम भी लागू होते हैं.

क्या है FAR का नियम?
FAR यानी Floor Area Ratio यह तय करता है कि किसी प्लॉट पर कुल कितने क्षेत्रफल में निर्माण किया जा सकता है. उदाहरण के तौर पर 100 वर्ग मीटर के प्लॉट पर 300 FAR होने का अर्थ है कि कुल 300 वर्गमीटर तक FAR-covered निर्माण किया जा सकता है. हालांकि सिर्फ FAR के आधार पर निर्माण की अनुमति नहीं मिलती. ग्राउंड कवरेज, सेटबैक, बिल्डिंग की ऊंचाई, पार्किंग, फायर सेफ्टी और अन्य नियमों का पालन भी जरूरी है.

Residential Plot पर कितना निर्माण?
MPD-2021 के सामान्य plotted residential norms के अनुसार अलग-अलग प्लॉट आकार के लिए Ground Coverage और FAR अलग-अलग निर्धारित हैं.

  • 50 वर्गमीटर तक के प्लॉट के लिए 90 प्रतिशत तक Ground Coverage और FAR 350 का प्रावधान है.
  • 50 से 100 वर्गमीटर के प्लॉट के लिए भी 90 प्रतिशत Ground Coverage और FAR 350 का प्रावधान है.
  • 100 से 250 वर्गमीटर के प्लॉट के लिए सामान्यतः 75 प्रतिशत Ground Coverage और FAR 300 है.
  • 250 से 750 वर्गमीटर के प्लॉट के लिए 75 प्रतिशत Ground Coverage और FAR 225 निर्धारित है.
  • वहीं बड़े residential plots में Ground Coverage और FAR घटता जाता है.


कितनी मंजिल तक मकान बनाया जा सकता है?
दिल्ली में यह कहना सही नहीं होगा कि हर residential plot पर एक निश्चित संख्या में मंजिल बनाई जा सकती हैं. मंजिलों की संख्या तय करते समय FAR, Ground Coverage, Setback और Building Height सभी को साथ देखा जाता है. सामान्य plotted residential buildings में ऊंचाई के लिए भी सीमा निर्धारित है. कुछ परिस्थितियों में stilt parking के साथ permissible height अलग हो सकती है. इसके अलावा Fire Department और Airport Authority की restrictions भी कुछ इलाकों में लागू हो सकती हैं.

Setback के नियम
Building और plot boundary के बीच छोड़ी जाने वाली खुली जगह को Setback कहा जाता है. इसका कोई एक समान नियम पूरी दिल्ली में लागू नहीं है. Setback मुख्य रूप से प्लॉट के आकार, सड़क की चौड़ाई, building की ऊंचाई, land use और इलाके की category पर निर्भर करता है.

Parking भी जरूरी
Building Bye-Laws में parking को भी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है. Residential, commercial, institutional और अन्य उपयोग के लिए parking की जरूरत अलग-अलग हो सकती है. सिर्फ FAR उपलब्ध होने के आधार पर अतिरिक्त निर्माण नहीं किया जा सकता, यदि parking और दूसरे mandatory requirements पूरे नहीं होते.

Basement का इस्तेमाल
Basement को मनमाने तरीके से residential या commercial floor की तरह इस्तेमाल नहीं किया जा सकता. Basement के निर्माण और उपयोग के लिए ventilation, access, fire safety, drainage और permissible use से जुड़े नियम लागू होते हैं.

Stilt Parking को लेकर भी नियम
Stilt floor का इस्तेमाल मुख्य रूप से parking के लिए किया जाता है. इसे बिना अनुमति पूरी तरह बंद करके residential या commercial floor के रूप में इस्तेमाल करना नियमों के खिलाफ हो सकता है.

Commercial Activity पर भी पाबंदियां
हर residential property में commercial activity की अनुमति नहीं है. दिल्ली में notified Mixed Use Streets और निर्धारित क्षेत्रों के लिए अलग प्रावधान हैं. कुछ निर्धारित professional activities और अन्य अनुमत गतिविधियां residential premises में तय सीमा के भीतर की जा सकती हैं, लेकिन इसे सभी residential properties के लिए blanket permission नहीं माना जा सकता.

Unauthorized और Regularised Colonies के लिए अलग नियम
दिल्ली की unauthorized colonies, regularised unauthorized colonies, Special Areas, Walled City और planned colonies को एक ही category में नहीं रखा जा सकता. इन इलाकों में अलग-अलग notifications, regulations और redevelopment provisions लागू हो सकते हैं. इसलिए किसी मकान की legality जांचते समय केवल सामान्य MPD norms देखना पर्याप्त नहीं है.

Fire और Structural Safety अनिवार्य
Building Bye-Laws में fire safety और structural safety के लिए भी विस्तृत प्रावधान हैं. बड़ी commercial, institutional, assembly और ऊंची इमारतों के लिए Fire Department की मंजूरी और अन्य सुरक्षा मानकों का पालन जरूरी हो सकता है.

Airport के आसपास Height Restriction
दिल्ली में कई इलाकों में Airport-related height restrictions भी लागू होती हैं. ऐसे मामलों में MPD के सामान्य height norms के बावजूद Airport Authority की clearance के कारण निर्माण की अधिकतम ऊंचाई सीमित हो सकती है.

क्या MPD-2041 लागू हो चुका है?
फिलहाल MPD-2041 को लागू Master Plan मानकर निर्माण नहीं किया जा सकता. DDA की वेबसाइट पर MPD-2041 को Draft के रूप में प्रदर्शित किया गया है. इसलिए वर्तमान भवन निर्माण संबंधी मामलों में MPD-2021, UBBL-2016, उनके लागू संशोधन और संबंधित स्थानीय नियमों को देखना जरूरी है.

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