देश में एक बार फिर कोरोना का नया वैरिएंट सामने आने के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ गई है. दरअशल, हाल ही में गुजरात में XE वैरिएंट (XE variant of coronavirus)का मामला दर्ज किया गया था. अब नोएडा और गाजियाबाद के चार स्कूलों में भी कोरोना के 19 मामले सामने आए हैं. साथ ही गुजरात में एक बार फिर कोरोना के मामलों में बढ़ोतरी होने लगी है.
गुजरात के गांधीनगर की नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी में दो दिन पहले एक साथ 25 नए मामले सामने आने के बाद पूरी यूनिवर्सिटी को कंटेनमेंट जोन घोषित कर दिया गया था. आज भी यूनिवर्सिटी में टेस्ट के दौरान कोरोना के कुछ मामले सामने आए हैं. वहीं, NCR के चार स्कूलों में कोरोना वायरस के केस मिलने के बाद यहां भी सनसनी फैल गई है.
चार स्कूलों से 19 कोरोना मामले
बता दें कि, नोएडा के सेक्टर 30 के DPS स्कूल में एक छात्र संक्रमित मिला है. वहीं, गाजियाबाद के सेंट फ्रांसिस स्कूल और कुमार मंगलम स्कूल में भी कोरोना के 5 केस मिले हैं. दोनों स्कूलों को तीन दिन के लिए बंद करने का फैसला किया गया है. वहीं, गाजियाबाद स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, जिले में दो स्कूलों में 5 बच्चे संक्रमित मिले हैं. साथ ही नोएडा के खेतान स्कूल को कोरोना मामले सामने आने के बाद ऑनलाइन कर दिया गया है.
कोरोना प्रोटोकॉल का पालन जरूरी
कोरोना को बढ़ने से रोकने के लिए सभी लोगों को मिलकर कोरोना से सभी प्रोटोकॉल का पालन करना बेहद जरूरी है. स्कूल में मास्क पहनना और एक उचित दूरी बनाकर रखना अनिर्वाय होना चाहिए. क्लास को समय-समय पर सैनिटाइज किया जाना चाहिए. हालांकि, सरकार की तरफ से कोरोना प्रतिबंधों में छूट दे दी गई है लेकिन, कोरोना को प्रतिबंधों से ही रोका जा सकता है.
इन बातों का रखें ध्यान
सैनिटाइजेशन और थर्मल स्कैनिंग के बाद ही स्कूल के अंदर प्रवेश दिया जाना चाहिए.
बच्चों को झुंड की जगह लाइन बनाकर प्रवेश करने की आदत डालने की जरूरत.
कक्षाओं में सीट पर बच्चों के बैठने को सीमित कर दिया जाना चाहिए, जिससे उचित दूरी बनाकर रखी जा सके.
असेंबली पर ब्रेक लगाकर क्लास में ही बच्चे अपनी-अपनी सीट पर खड़े होकर प्रार्थना कर सकते हैं.
सैनिटाइजर, मास्क, थर्मल स्कैनर आदि का स्कूल में रखा होना जरूरी
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