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सावधान! चोरी हुए iPhone को ढूंढने के नाम पर ठग रहे साइबर अपराधी, Fake Apple Support बनकर मांग रहे पासवर्ड और 2FA कोड!

Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) और CyberDost की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, ठग Apple Support का अधिकारी बनकर पीड़ितों को मैसेज, ईमेल, SMS, WhatsApp और यहां तक कि AI-generated voice calls के जरिए संपर्क कर रहे हैं.

Fake Apple Support Messages
जितेंद्र बहादुर सिंह
  • दिल्ली,
  • 24 सितंबर 2026,
  • अपडेटेड 3:15 PM IST

साइबर अपराधियों ने चोरी या गुम हुए iPhone को निशाना बनाने के लिए ठगी का एक नया तरीका अपनाया है. Indian Cyber Crime Coordination Centre (I4C) और CyberDost की ओर से साझा की गई जानकारी के मुताबिक, ठग Apple Support का अधिकारी बनकर पीड़ितों को मैसेज, ईमेल, SMS, WhatsApp और यहां तक कि AI-generated voice calls के जरिए संपर्क कर रहे हैं. उनका मकसद iPhone मालिक से बेहद संवेदनशील जानकारी हासिल करना है, जिसमें Device Passcode, Apple ID Password और 2FA Code शामिल हैं.

दरअसल, iPhone चोरी या गुम होने के बाद मालिक स्वाभाविक तौर पर अपने डिवाइस को लेकर परेशान होता है. इसी चिंता और जल्दबाजी का फायदा साइबर अपराधी उठाते हैं. पहले यूजर को यह विश्वास दिलाया जाता है कि उसका iPhone मिल गया है या उसकी लोकेशन ट्रैक कर ली गई है. इसके बाद उसे एक फर्जी लिंक भेजा जाता है. लिंक देखने में Apple की आधिकारिक वेबसाइट जैसा लग सकता है, लेकिन वास्तव में वह ठगों द्वारा तैयार की गई नकली वेबसाइट होती है.

'Your device has been found' का मैसेज भेजकर शुरू होता है खेल
साइबर ठगों का तरीका बेहद सामान्य लेकिन प्रभावी होता है. चोरी या गुम हुए iPhone के मालिक को एक संदेश भेजा जा सकता है, जिसमें दावा किया जाता है कि 'Your device has been found' यानी आपका डिवाइस मिल गया है. पीड़ित को उम्मीद होती है कि उसका महंगा फोन मिल गया है. इसी भरोसे में वह संदेश में दिए गए लिंक पर क्लिक कर सकता है. लिंक पर जाने के बाद उसे एक ऐसी वेबसाइट दिखाई जा सकती है, जो देखने में Apple की आधिकारिक वेबसाइट जैसी हो. कई बार नकली वेबसाइट पर iPhone की लोकेशन दिखाने के लिए नक्शा भी प्रदर्शित किया जाता है. इससे पीड़ित को लगता है कि वास्तव में उसके फोन को ट्रैक कर लिया गया है. लेकिन यह लोकेशन भी फर्जी हो सकती है और इसका इस्तेमाल केवल भरोसा पैदा करने के लिए किया जाता है.

Fake Apple Support लिंक से असली जानकारी चुराने की कोशिश
फर्जी वेबसाइट पर पहुंचने के बाद ठग अगला कदम उठाते हैं. यहां पीड़ित से iPhone से जुड़ी जानकारी मांगी जा सकती है. इसके बाद उसे यह भरोसा दिलाया जाता है कि जानकारी देने के बाद फोन को सुरक्षित तरीके से वापस पाया जा सकता है. यहीं से असली खतरा शुरू होता है. साइबर अपराधी Device Passcode, Apple ID Password और 2FA Code जैसी संवेदनशील जानकारी हासिल करने की कोशिश करते हैं. यदि यूजर ये जानकारियां साझा कर देता है तो उसके Apple Account और डिवाइस की सुरक्षा पर गंभीर खतरा पैदा हो सकता है. विशेषज्ञों की ओर से लगातार सलाह दी जाती है कि किसी भी अनजान व्यक्ति या लिंक के साथ ऐसे संवेदनशील कोड और पासवर्ड साझा नहीं किए जाने चाहिए.

AI-generated voice call से भी बढ़ रहा खतरा
इस साइबर फ्रॉड का एक और चिंताजनक पहलू है AI-generated voice का इस्तेमाल. ठग फोन करके खुद को Apple Support का कर्मचारी बता सकते हैं और बेहद भरोसेमंद अंदाज में बातचीत कर सकते हैं. AI आधारित आवाज तकनीक के कारण ऐसी कॉल पहले की तुलना में अधिक वास्तविक लग सकती है. कॉल करने वाला व्यक्ति दावा कर सकता है कि आपके iPhone की लोकेशन मिल गई है, आपका डिवाइस किसी स्थान पर सक्रिय हुआ है या उसे सुरक्षित करने के लिए कुछ जरूरी जानकारी देनी होगी. ऐसे समय में पीड़ित यह सोच सकता है कि सामने वाला वास्तव में Apple Support से बात कर रहा है. लेकिन केवल फोन पर किसी व्यक्ति के Apple Support होने का दावा करने से उसकी पहचान प्रमाणित नहीं हो जाती. सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Device Passcode, Apple ID Password या 2FA Code किसी अनजान व्यक्ति को फोन पर नहीं बताना चाहिए.

2FA Code क्यों होता है बेहद महत्वपूर्ण?
Two-Factor Authentication यानी 2FA का उद्देश्य अकाउंट की सुरक्षा को मजबूत करना है. सामान्य तौर पर पासवर्ड के अलावा एक अतिरिक्त सत्यापन की जरूरत होती है.
यही वजह है कि अगर कोई व्यक्ति आपके पासवर्ड के साथ 2FA Code भी हासिल कर लेता है, तो वह आपके अकाउंट तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश कर सकता है.
साइबर अपराधी इसलिए बातचीत को इस तरह आगे बढ़ाते हैं कि पीड़ित खुद ही OTP या 2FA Code बता दे. वे इसे 'verification code', 'security code' या 'device recovery code' जैसे नामों से मांग सकते हैं'
यूजर को यह समझना जरूरी है कि कोई भी व्यक्ति केवल इसलिए भरोसे के लायक नहीं हो जाता क्योंकि वह खुद को Apple Support बताता है.

Find My से खुद करें डिवाइस की स्थिति की जांच
अगर iPhone खो गया है या चोरी हो गया है तो किसी अनजान लिंक पर क्लिक करने के बजाय डिवाइस की स्थिति को Find My के जरिए खुद जांचना चाहिए.
Find My के माध्यम से यूजर अपने Apple डिवाइस की स्थिति और उपलब्ध लोकेशन संबंधी जानकारी को आधिकारिक तरीके से देख सकता है. यदि कोई मैसेज या कॉल यह दावा करता है कि आपका iPhone मिल गया है, तो उसके बताए लिंक पर जाने के बजाय स्वयं आधिकारिक माध्यम से जानकारी की पुष्टि करना ज्यादा सुरक्षित तरीका है.

साइबर अपराधी अक्सर पीड़ित को जल्दी निर्णय लेने के लिए मजबूर करते हैं. इसलिए 'अभी क्लिक करें', 'तुरंत वेरिफाई करें' या 'कुछ मिनट में लिंक बंद हो जाएगा' जैसे संदेशों को लेकर विशेष सावधानी बरतनी चाहिए'

Unknown link पर क्लिक करने से बचें
CyberDost की ओर से साझा की गई सलाह में भी संदिग्ध लिंक से सावधान रहने पर जोर दिया गया है.
अगर किसी यूजर को 'Device मिल गया' जैसे संदेश के साथ कोई लिंक प्राप्त होता है तो उसे तुरंत खोलने के बजाय पहले उसकी सत्यता की जांच करनी चाहिए.
विशेष रूप से ऐसे लिंक से सावधान रहें जिनका डोमेन Apple की आधिकारिक वेबसाइट से अलग हो या जिनमें Apple के नाम का इस्तेमाल करके अतिरिक्त शब्द, अक्षर या अलग-अलग डोमेन जोड़े गए हों.
सिर्फ वेबसाइट का डिजाइन देखकर उस पर भरोसा नहीं करना चाहिए. आज के समय में फर्जी वेबसाइट को असली वेबसाइट जैसा दिखाना साइबर अपराधियों के लिए मुश्किल नहीं है.

Apple Support होने का दावा करने वाले व्यक्ति पर तुरंत भरोसा न करें
साइबर अपराधी अब केवल SMS या ईमेल तक सीमित नहीं हैं. वे फोन कॉल के जरिए भी खुद को Apple Support का प्रतिनिधि बता सकते हैं.
अगर कोई व्यक्ति फोन करके कहता है कि आपका iPhone मिल गया है और वह आपसे पासवर्ड, पिन कोड या 2FA Code मांगता है तो बिना सत्यापन के कोई जानकारी साझा न करें.
किसी भी संदिग्ध कॉल के दौरान बातचीत को आगे बढ़ाने के बजाय कॉल काटकर आधिकारिक माध्यम से स्वयं सहायता प्राप्त करना ज्यादा सुरक्षित है.
यह भी ध्यान रखना चाहिए कि साइबर अपराधी बातचीत के दौरान पीड़ित की भावनात्मक स्थिति को समझने की कोशिश करते हैं. चोरी हुए महंगे फोन के वापस मिलने की उम्मीद व्यक्ति को जल्दबाजी में निर्णय लेने के लिए प्रेरित कर सकती है.

ठगों को जानकारी मिल गई तो क्या खतरा है?
अगर कोई यूजर गलती से Device Passcode, Apple ID Password या 2FA Code साझा कर देता है तो मामले को गंभीरता से लेना चाहिए.
ऐसी स्थिति में तुरंत अपने अकाउंट की सुरक्षा जांचनी चाहिए और आधिकारिक माध्यम से पासवर्ड बदलने तथा उपलब्ध सुरक्षा विकल्पों को सक्रिय करने की प्रक्रिया अपनानी चाहिए.
अगर बैंकिंग, UPI, ईमेल या अन्य महत्वपूर्ण सेवाओं से जुड़ी कोई जानकारी भी साझा हो गई है तो संबंधित सेवा प्रदाता को तत्काल सूचित करना चाहिए.
साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि, अनधिकृत लॉगिन या अकाउंट में हुए बदलाव पर नजर रखनी चाहिए.

iPhone यूजर्स के लिए CyberDost की अहम सलाह
इस पूरे फ्रॉड से बचने के लिए कुछ बुनियादी सावधानियां बेहद महत्वपूर्ण हैं.
अपना Device Passcode किसी के साथ साझा न करें.
Apple ID Password किसी व्यक्ति को फोन, SMS या WhatsApp पर न बताएं.
2FA Code किसी के साथ शेयर न करें.
'Device मिल गया' जैसे संदेश के साथ आए अनजान लिंक पर क्लिक न करें.
डिवाइस की स्थिति खुद Find My के जरिए जांचें.
Apple Support होने का दावा करने वाले व्यक्ति के निर्देशों पर तुरंत कार्रवाई न करें.
संदिग्ध ईमेल, SMS, WhatsApp संदेश और फोन कॉल को लेकर सावधान रहें.

चोरी हुए iPhone के मामले में जल्दबाजी सबसे बड़ा जोखिम
चोरी या गुम हुए iPhone के मालिक के लिए फोन वापस मिलने की खबर स्वाभाविक रूप से राहत देने वाली होती है. साइबर अपराधी इसी भावनात्मक प्रतिक्रिया का फायदा उठाने की कोशिश कर रहे हैं.
'Your device has been found' जैसा एक छोटा-सा संदेश पीड़ित को फर्जी वेबसाइट तक पहुंचा सकता है. वहां नकली लोकेशन दिखाई जा सकती है और फिर धीरे-धीरे उससे ऐसी जानकारी मांगी जा सकती है, जो उसके अकाउंट और डिवाइस की सुरक्षा से सीधे जुड़ी हो.
इसके बाद AI-generated voice call इस ठगी को और विश्वसनीय बनाने की कोशिश कर सकती है.
इसलिए सबसे जरूरी नियम यही है, फोन चोरी होने के बाद मिलने वाली किसी भी सूचना पर उत्साहित या घबराकर तुरंत कार्रवाई न करें. पहले आधिकारिक माध्यम से उसकी पुष्टि करें.
Apple Support कभी भी आपके Device Passcode, Apple ID Password या 2FA Code को किसी संदिग्ध मैसेज, कॉल या लिंक के जरिए साझा करने के लिए नहीं कहता.
संदिग्ध लिंक पर क्लिक न करें, संवेदनशील जानकारी साझा न करें और अपने डिवाइस की स्थिति की जांच आधिकारिक माध्यम से खुद करें. यही सावधानी चोरी हुए iPhone को वापस पाने की कोशिश के दौरान होने वाले एक बड़े साइबर फ्रॉड से बचा सकती है.

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