बंगाल की खाड़ी से उठ रहा साइक्लोन अर्नब अब आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ रहा है. मौसम विभाग के मुताबिक, यह तूफान 28 अक्टूबर की सुबह बापटला और विशाखापत्तनम के बीच तट से टकरा सकता है. इस दौरान 115 से 125 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है. आंध्र प्रदेश के 16 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है. विशाखापत्तनम में ऑरेंज अलर्ट के बीच हल्की बारिश शुरू हो गई है. ओडिशा समेत कई दूसरे राज्यों में भी भारी बारिश की चेतावनी है. लेकिन इस तूफान का नाम अर्नब क्यों रखा गया, इसका मतलब क्या है और चक्रवातों के नाम तय करने का तरीका क्या है? चलिए जानते हैं.
बांग्लादेश ने रखा अर्नब नाम
साइक्लोन अर्नब का नाम बांग्लादेश ने दिया है. यह नाम अप्रैल 2020 में विश्व मौसम विज्ञान संगठन (WMO) और संयुक्त राष्ट्र के एशिया-प्रशांत आर्थिक एवं सामाजिक आयोग (ESCAP) के क्षेत्रीय पैनल से मंजूर चक्रवातों की लिस्ट में शामिल है.
इस लिस्ट में भारत समेत 13 देशों के नाम हैं. हर देश ने 13 नाम दिए थे, यानी कुल 169 नामों की लिस्ट तैयार की गई. बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाले चक्रवातों के नाम इसी लिस्ट के क्रम के अनुसार रखे जाते हैं.
क्या होता है अर्नब का मतलब?
अर्नब बंगाली भाषा का शब्द है, जिसका अर्थ समुद्र या महासागर से जुड़ा है. हालांकि, मौसम विभाग की आधिकारिक नामों की सूची में इसके अर्थ की अलग से व्याख्या नहीं दी गई है. यह नाम बांग्लादेश की ओर से प्रस्तावित किया गया था.
चक्रवातों के नाम कौन रखता है?
भारत में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर में बनने वाले उष्णकटिबंधीय चक्रवातों के नाम रखने की जिम्मेदारी भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के पास है. दिल्ली स्थित इसका क्षेत्रीय विशेषीकृत मौसम विज्ञान केंद्र इस प्रक्रिया को संभालता है.
किसी तूफान का नाम इस आधार पर नहीं रखा जाता कि वह किस देश की ओर बढ़ रहा है. नाम पहले से तय क्षेत्रीय सूची और उसके क्रम के अनुसार दिया जाता है.
चक्रवातों को नाम क्यों दिए जाते हैं?
चक्रवातों को नाम देने से मौसम विभाग, प्रशासन और आम लोगों के लिए किसी तूफान की पहचान करना आसान होता है. जब एक से ज्यादा मौसम प्रणालियां सक्रिय हों, तो नाम से भ्रम कम होता है. चेतावनी जारी करने और लोगों तक जानकारी पहुंचाने में भी मदद मिलती है. उत्तर हिंद महासागर क्षेत्र में चक्रवातों के नाम रखने की व्यवस्था सितंबर 2004 में शुरू हुई थी. शुरुआत में आठ देश इसमें शामिल थे. बाद में पांच और देश जुड़े और अप्रैल 2020 में नई सूची अपनाई गई.
आंध्र प्रदेश में 28 अक्टूबर को टकरा सकता है तूफान
IMD के 26 अक्टूबर के बुलेटिन के मुताबिक, साइक्लोन अर्नब बंगाल की खाड़ी के मध्य-पश्चिमी हिस्से में सक्रिय था. विभाग ने इसके और तेज होकर 28 अक्टूबर की सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट के बीच बापटला से विशाखापत्तनम के आसपास पहुंचने का अनुमान जताया. आंध्र प्रदेश में प्रशासन अलर्ट पर है. ओडिशा में भी राहत और बचाव दलों को तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं. मौसम विभाग ने तटीय इलाकों में तेज हवाओं और भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका जताई है.
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