एपिलेप्सी (Epilepsy), आम भाषा में कहें तो मिर्गी का दौरा…. एक ऐसी बीमारी है कि अगर किसी को हो जाए तो कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है, जिससे जिंदगी सही ढंग से नहीं चल पाती है. लेकिन अब इसे मात देते हुए एक शख्स विनय जानी ने इस धारणा को तोड़ दिया हैं. डॉक्टर ने उन्हें एपिलेप्सी में दवाइयों को डोज बढ़ाने की सलाह दी गयी थी, इसपर विनय ने अपनी फिटनेस बढ़ाने का फैसला किया और कम डोज के साथ ही ये मुकाम हासिल क्या.
दरअसल, विनय को 21 साल की उम्र में पता चला कि उन्हें एपिलेप्सी है, मिर्गी के दौरे का उनका इलाज जब शुरू हुआ तो उस दौरान डॉक्टर ने उन्हें या तो वजन कम करने के लिए कहा या फिर दवाइयों की डोज को बढ़ाने की बात कहीं, लेकिन उन्होंने अपनी फिटनेस को बढ़ाने का फैसला किया और इस सफर की शुरुआत की. विनय का सफर आज 1000 किलोमीटर साइकिलिंग तक आ पहुंचा है.
परिवार ने दिया खूब साथ
विनय ने सबसे पहले हाफ मैराथन में हिस्सा लिया और उसके बाद फुल मैराथन में. वे कई बार 200 किलोमीटर साइकिलिंग, 300 किलोमीटर साइकिलिंग, 400 किलोमीटर साइकिलिंग और 500 किलोमीटर साइकिलिंग कर चुके हैं. वे कहते हैं कि उन्होंने एपिलेप्सी को खुद पर हावी नहीं होने दिया, उन्होंने फिटनेस को चुना है. वे बताते हैं कि उनके को-राइडर्स और परिवार वालों ने उनका खूब साथ दिया है जिसकी वजह से आज वह एपिलेप्सी होते हुए भी आगे बढ़ रहे हैं.
सही इलाज मिलने पर हो सकता है आराम
एम्स में न्यूरोलॉजी की प्रोफेसर डॉ. मंजरी त्रिपाठी बताती हैं कि एपिलेप्सी कोई पागलपन नहीं है या फिर जिसको मिर्गी के दौरे पड़ रहे हैं, उस पर कोई भूत प्रेत नहीं आ रहा है. एपिलेप्सी एक सिर के दर्द की तरह है जो आपको कभी भी हो सकता है और इसका इलाज भी संभव है. सही इलाज मिलने पर एपिलेप्सी से पीड़ित इंसान रोजमर्रा की चीजें आराम से कर सकता है.”
10 दिसंबर से करेंगे नए अभियान की शुरुआत
विनय ने एपिलेप्सी से जुड़े जागरूकता के संदेश को सिर्फ भारत में ही नहीं फैलाया है बल्कि उन्होंने पेरिस-ब्रेस्ट-पेरिस में भी हिस्सा लिया है. जिसमें लंबी दूरी तक साइकिलिंग की जाती है. बता दें, विनय 10 दिसंबर से गुड़गांव में दूसरी बार 1000 किलोमीटर साइकिलिंग की शुरुआत करेंगे ताकि जो भी भ्रम एपिलेप्सी से जुड़े हुए हैं उन्हें मिटा सकें और उनको लेकर वे संदेश दे सकें कि एपिलेप्सी का मरीज कोई भी काम कर सकता है.
भारत में हैं इसके 12 मिलियन से अधिक मरीज
गौरतलब है कि भारत में 12 मिलियन से ज्यादा लोग एपिलेप्सी का शिकार हैं, लेकिन भारत में इससे जुड़ी कई तरह की भ्रांतियां भी मौजूद हैं. डॉक्टरों के अनुसार, मिर्गी के दौरे पड़ने पर मरीज को किसी भी तरफ करवट में लिटा देना चाहिए, मिर्गी के दौरे का वक्त नोट करना चाहिए अगर 2 मिनट से ज्यादा मिर्गी का दौरा पड़ रहा है तो उसे तुरंत अस्पताल ले कर जाना चाहिए.