दिल्ली-NCR में सर्दियों की शुरुआत के साथ ही हवा की गुणवत्ता तेजी से बिगड़ने लगी है. मंगलवार सुबह हालात ऐसे रहे कि दिल्ली की ऊंची इमारतें धुंध और धुएं के बीच नजर आना बंद हो गईं. नोएडा और गुरुग्राम में भी स्मॉग की मोटी परत छाई रही. कई इलाकों में सुबह की शुरुआत साफ आसमान के बजाय धुंधली हवा के साथ हुई.
दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) मंगलवार सुबह 7 बजे 331 दर्ज किया गया. यह इस सीजन में पहली बार है, जब दिल्ली की हवा 'बहुत खराब' श्रेणी में पहुंची है. वहीं, राजधानी के 8 इलाकों में AQI 400 के पार चला गया, जहां हवा गंभीर श्रेणी में दर्ज की गई. बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए दिल्ली-NCR में GRAP-2 लागू कर दिया गया है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने दिवाली पर दो दिन ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति भी दी है.
दिल्ली के 8 इलाकों में सांस लेना हुआ मुश्किल
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली के 8 मॉनिटरिंग स्टेशनों पर AQI गंभीर श्रेणी में पहुंच गया. इनमें बवाना, पंजाबी बाग, रोहिणी, विवेक विहार, नरेला, जहांगीरपुरी, अलीपुर और दिल्ली टेक्नोलॉजिकल यूनिवर्सिटी शामिल हैं.
वहीं, दिल्ली के 58 मॉनिटरिंग स्टेशनों में से 33 पर हवा बहुत खराब श्रेणी में रही. इनमें कुछ प्रमुख इलाकों का AQI इस तरह दर्ज किया गया:
ITO: 373
बुराड़ी क्रॉसिंग: 382
पटपड़गंज: 379
नॉर्थ कैंपस: 386
पूसा: 390
आरके पुरम: 374
सोनिया विहार: 393
17 अन्य मॉनिटरिंग स्टेशनों पर हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई. इनमें उत्तम नगर का AQI 274, लोधी रोड का 202, IGI एयरपोर्ट का 287 और आनंद विहार का 279 रहा.
नोएडा की हवा भी बहुत खराब, गुरुग्राम में भी प्रदूषण
प्रदूषण का असर सिर्फ दिल्ली तक सीमित नहीं है. NCR के दूसरे शहरों में भी हवा की गुणवत्ता बिगड़ी है. मंगलवार को नोएडा का औसत AQI 307 दर्ज किया गया, जो बहुत खराब श्रेणी में आता है. वहीं, गुरुग्राम में AQI 284 और गाजियाबाद में 259 रहा. इन दोनों शहरों की हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई.
| AQI स्तर | हवा की श्रेणी |
| 0-50 | अच्छी |
| 51-100 | संतोषजनक |
| 101-200 | मध्यम |
| 201-300 | खराब |
| 301-400 | बहुत खराब |
| 401-500 | गंभीर |
GRAP-2 लागू, धूल और गाड़ियों के प्रदूषण पर सख्ती
दिल्ली-NCR में हवा की गुणवत्ता बहुत खराब होने के बाद वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) ने सोमवार को GRAP-2 लागू कर दिया. मौसम विभाग और इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेटियोरोलॉजी के अनुमान के मुताबिक, आने वाले दिनों में भी हवा बहुत खराब श्रेणी में रह सकती है. GRAP-2 के तहत सड़कों की मशीनों से सफाई, पानी का छिड़काव और एंटी स्मॉग गन का इस्तेमाल बढ़ाया जाएगा. निजी गाड़ियों का इस्तेमाल कम करने के लिए पार्किंग शुल्क भी बढ़ाया जा सकता है.
इससे पहले 21 अक्टूबर को हवा खराब श्रेणी में पहुंचने पर GRAP-1 लागू किया गया था. दिल्ली में 1 नवंबर से विंटर एक्शन प्लान भी शुरू हो चुका है. इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर निगरानी, सड़कों की धूल और ट्रैफिक जाम को नियंत्रित करने के लिए कदम उठाए जा रहे हैं.
दिवाली पर 2 दिन ग्रीन पटाखे जला सकेंगे
बढ़ते प्रदूषण के बीच सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-NCR में दिवाली के दौरान 7 और 8 नवंबर को ग्रीन पटाखे जलाने की अनुमति दी है. पटाखे सुबह 6 से 7 बजे और रात 8 से 10 बजे तक ही जलाए जा सकेंगे. 9 नवंबर से पटाखों पर पूरी तरह प्रतिबंध फिर लागू हो जाएगा.
कोर्ट ने साफ किया है कि केवल CSIR-NEERI से मंजूर और PESO से प्रमाणित ग्रीन पटाखे ही बेचे और जलाए जा सकेंगे. अस्पतालों, नर्सिंग होम, स्कूलों, बुजुर्गों के घरों और साइलेंस जोन के 300 मीटर के दायरे में पटाखे जलाने पर रोक रहेगी.
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