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ओमिक्रॉन पर दिल्ली की बड़ी तैयारी, बनाया गया स्पेशल वार्ड, दवाइयों का दो महीने का बफर स्टॉक रखेगी सरकार

दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल ने विशेषकर ओमिक्रॉन के इलाज के लिए 40 बिस्तरों की स्थापना की है. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 32 किस्म की दवाइयां हैं, जिनका अलग-अलग तरीके से कोरोना के दौरान इस्तेमाल किया जाता है. इन सारी दवाइयों का दो महीने का बफर स्टॉक भी ऑर्डर किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह से दवाइयों की कमी न पड़े.

Arvind Kejriwal
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 01 दिसंबर 2021,
  • अपडेटेड 2:24 PM IST
  • एलएनजेपी अस्पताल में ओमिक्रॉन के लिए बनाया गया स्पेशल वार्ड
  • 32 किस्म की दवाइयों का बफर स्टॉक किया जा रहा ऑर्डर 
  • ऑक्सीजन बनाने के लिए तैयार हैं पीएसए प्लांट
  • 15,370 मेडिकल स्टाफ को मिला है विशेष प्रशिक्षण
  • दिल्ली के 93 प्रतिशत लोगों को मिल चुकी है पहली डोज

केजरीवाल सरकार कोरोना के नए वेरिएंट ओमिक्रॉन से निपटने के लिए एक्शन में है और इसके खतरे को देखते हुए अपनी तैयारियों को पुख्ता करने में जुट गई है. इस संबंध में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दिल्ली सचिवालय में उच्च स्तरीय बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए. मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने बताया कि दिल्ली सरकार ने 30,000 बेड तैयार कर लिए हैं, जिसमें 10,000 आईसीयू बेड शामिल हैं. साथ ही, फरवरी तक और 6,800 आईसीयू बेड तैयार हो जाएंगे.

एलएनजेपी अस्पताल में ओमिक्रॉन के लिए बनाया गया स्पेशल वार्ड 

दिल्ली के एलएनजेपी अस्पताल ने विशेषकर ओमिक्रॉन के इलाज के लिए 40 बिस्तरों की स्थापना की है. स्वास्थ्य विभाग ने सोमवार को जारी एक आदेश में अस्पताल से ऐसे मरीजों को आइसोलेट करने और उनका इलाज करने के लिए वार्ड चिन्हित करने को कहा था. विभाग ने यह भी कहा था कि नए स्ट्रेन से संक्रमित किसी भी मरीज को किसी भी आधार पर अस्पतालों में प्रवेश से वंचित नहीं किया जाना चाहिए.

32 किस्म की दवाइयों का बफर स्टॉक किया जा रहा ऑर्डर 

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने कहा कि 32 किस्म की दवाइयां हैं, जिनका अलग-अलग तरीके से कोरोना के दौरान इस्तेमाल किया जाता है. इन सारी दवाइयों का दो महीने का बफर स्टॉक भी ऑर्डर किया जा रहा है, ताकि किसी भी तरह से दवाइयों की कमी न पड़े. उन्होंने आगे कहा, “होम आइसोलेशन के लिए भी सारी तैयारियां दुरूस्त की जा रही हैं. काफी तैयारियां पूरी की जा चुकी हैं, ताकि अगर कोरोना तीसरी लहर या ओमिक्रॉन वेरिएंट आता है, तो होम आइसोलेशन के लिए भी हम लोग तैयार रहें.

ऑक्सीजन बनाने के लिए तैयार हैं पीएसए प्लांट

 पिछली बार सबसे ज्यादा दिक्कत ऑक्सीजन स्टोरेज और वितरण की थी. उससे निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने 442 मीट्रिन टन की अतिरिक्त स्टोरेज क्षमता बना ली है. अब राज्य सरकार के पास 442 मीट्रिन टन ऑक्सीजन भंडारण के लिए टैंक तैयार हैं, जो कि पहले नहीं थे. दिल्ली में पहले ऑक्सीजन बनाने की क्षमता शून्य थी. लेकिन अब ऑक्सीजन बनाने के लिए पीएसए प्लांट बनाए जा चुके हैं. इन प्लांट्स की मदद से दिल्ली में अब 121 मीट्रिक टन ऑक्सीजन बननी चालू हो गई हैं.

15,370 मेडिकल स्टाफ को मिला है विशेष प्रशिक्षण 

दिल्ली सरकार कोविड प्रबंधन के लिए मैन पावर बढ़ाने पर भी फोकस कर रही है, जिससे कि अगर संक्रमण में तेजी आती है, तो डॉक्टर, नर्स और पैरामेडिक्स स्टॉफ की कमी न हो. इसके लिए दिल्ली सरकार ने विशेषज्ञ डॉक्टरों के साथ मेडिकल स्टूडेंट्स, नर्सेज और पैरामेडिकल स्टॉफ को कोविड प्रबंधन का विशेष प्रशिक्षण दिया है. सरकार द्वारा कुल 15,370 डॉक्टर, नर्सेज, मेडिकल स्टूडेंट्स और पैरामेडिक्स को ऑक्सीजन थेरेपी, कोविड प्रबंधन, पीडियाट्रिक वार्ड कोविड प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया गया है.

दिल्ली के 93 प्रतिशत लोगों को मिल चुकी है पहली डोज

मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने जानकारी दी कि दिल्ली में वैक्सीनेशन की स्थिति अच्छी है. 93 प्रतिशत लोग पहली डोज लगवा चुके हैं, जबकि 57 प्रतिशत लोग दूसरी डोज लगवा चुके हैं. उन्होंने  सभी लोगों से दूसरी डोज जल्द से जल्द लगवाने की गुजारिश की. केजरीवाल ने कहा, “मैं उम्मीद करता हूं कि कोरोना की तीसरी लहर न आए, ओमिक्रॉन वायरस न आए. बड़ी मुश्किल से पूरे देश ने कोराना का मुकाबला किया. लेकिन अगर कोरोना की लहर आती है, तो हम तैयार हैं, आपको चिंता करने की जरूरत नहीं है.

पंकज जैन की रिपोर्ट

 

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