दिल्ली सरकार ने सर्दियों के लिए पहले ही जारी किया प्रदूषण नियंत्रण रोडमैप, PUC बिना नहीं मिलेगा ईंधन

सर्दियों के लिए दिल्ली सरकार ने पहले ही प्रदूषण कंट्रोल रोडमैप जारी कर दिया है. दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों पर केवल वैध PUC वाले वाहनों को ही ईंधन मिलेगा. इसके साथ ही 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा. इसके अलावा भी कई और प्रावधान किए गए हैं.

Delhi Winter Pollution
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 19 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:45 PM IST

दिल्ली सरकार ने आगामी सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए ‘प्रोएक्टिव विंटर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट फ्रेमवर्क’ अधिसूचित कर दिया है. मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि इस बार सरकार प्रदूषण बढ़ने के बाद नहीं, बल्कि महीनों पहले संभावित प्रतिबंधों और व्यवस्थाओं की जानकारी दे रही है, ताकि नागरिकों, उद्योगों, संस्थानों और निर्माण एजेंसियों को तैयारी के लिए पर्याप्त समय मिल सके.

सरकार के अनुसार नवंबर से फरवरी के बीच दिल्ली में वायु गुणवत्ता अक्सर ‘बहुत खराब’ और ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंच जाती है. इसी को देखते हुए यह नई व्यवस्था अग्रिम तैयारी, समयबद्ध हस्तक्षेप और बेहतर समन्वय पर आधारित है.

क्या होंगे प्रमुख बदलाव?

  • दिल्ली के सभी पेट्रोल पंपों पर केवल वैध PUC (Pollution Under Control Certificate) वाले वाहनों को ही ईंधन मिलेगा.
  • 1 नवंबर से 31 जनवरी तक दिल्ली के बाहर पंजीकृत गैर-BS-VI वाणिज्यिक वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध रहेगा.
  • 1 नवंबर से 28 फरवरी तक अधिकृत पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना किया जाएगा.
  • सरकारी और निजी कार्यालयों में अधिकतम 50% भौतिक उपस्थिति तथा शेष कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम का प्रावधान लागू किया जा सकेगा.
  • CNG, इलेक्ट्रिक, आपातकालीन सेवाओं और सरकारी कार्यों से जुड़े वाहनों को छूट मिलेगी.

निर्माण कार्यों पर भी रहेगी नजर-
दिल्ली सरकार ने निर्माण और ध्वस्तीकरण गतिविधियों के लिए भी अग्रिम दिशा-निर्देश जारी किए हैं. 1 नवंबर से 31 जनवरी तक सभी परियोजनाओं को सख्त धूल नियंत्रण मानकों का पालन करना होगा. वहीं 10 दिसंबर से 20 जनवरी के बीच उच्च प्रदूषण की स्थिति में अतिरिक्त प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं.

बड़े निर्माण स्थलों और ऊंची वाणिज्यिक इमारतों पर एंटी-स्मॉग गन, मिस्ट सप्रेशन सिस्टम और अन्य धूल नियंत्रण उपाय अनिवार्य होंगे.

खुले में कचरा जलाने पर सख्ती-
सरकार ने आरडब्ल्यूए, संस्थानों और एजेंसियों को खुले में कचरा, पत्तियां या अन्य सामग्री जलाने से रोकने के निर्देश दिए हैं. निगरानी के लिए ड्रोन और फील्ड सर्विलांस को और मजबूत किया जाएगा. नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति सहित दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने क्या कहा?
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि वायु प्रदूषण से लड़ाई केवल सरकारी प्रयासों से नहीं जीती जा सकती. इसके लिए नागरिकों, आरडब्ल्यूए, उद्योगों और संस्थानों की साझी भागीदारी जरूरी है. उन्होंने कहा कि अग्रिम सूचना देने का उद्देश्य लोगों को समय रहते तैयारी का अवसर देना और प्रदूषण नियंत्रण प्रयासों को अधिक प्रभावी बनाना है.

दिल्ली सरकार का यह नया विंटर एयर क्वालिटी फ्रेमवर्क हर वर्ष 1 नवंबर से 28 फरवरी तक लागू रहेगा और ग्रैप (GRAP) के साथ समानांतर रूप से प्रभावी होगा.

(सुशांत की रिपोर्ट)

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