राजधानी दिल्ली इस समय भीषण गर्मी की चपेट में है. तापमान लगातार 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच रहा है. ऐसे में इंसानों के साथ-साथ जानवरों और पक्षियों को भी गर्मी से बचाना बड़ी चुनौती बन गया है. इसी को ध्यान में रखते हुए दिल्ली चिड़ियाघर प्रशासन ने यहां रहने वाले जीव-जंतुओं के लिए विशेष इंतजाम किए हैं. जानवरों के खानपान से लेकर उनके रहने की व्यवस्था तक में कई बदलाव किए गए हैं ताकि उन्हें गर्मी से राहत मिल सके.
जानवरों के बाड़ों में कूलर और फव्वारों की व्यवस्था
चिड़ियाघर प्रशासन ने जानवरों के बाड़ों में पंखे, कूलर और एडजस्ट फैन लगाए हैं. इसके साथ ही हर जगह पर्याप्त पानी की व्यवस्था की गई है. पूरे चिड़ियाघर में वाटर स्प्रिंकलर सिस्टम लगाया गया है जिसके जरिए लगातार पानी का छिड़काव किया जा रहा है. इससे जानवरों और पक्षियों को गर्मी से राहत मिल रही है और घास व पौधों को भी सूखने से बचाया जा रहा है. जिन बाड़ों में पेड़-पौधों की छाया नहीं है वहां विशेष रूप से ग्रीन नेट लगाकर छाया की व्यवस्था की गई है ताकि जानवर सीधे धूप के संपर्क में ना आएं.
गर्मी के अनुसार बदला गया जानवरों का खानपान
गर्मी को देखते हुए जानवरों की डाइट में भी बदलाव किया गया है. कई जानवरों को मौसमी फल दिए जा रहे हैं जिनमें तरबूज प्रमुख रूप से शामिल है. सांप, जो सर्दियों में जीरो डाइट पर रहते हैं, उन्हें अब भोजन के रूप में चूजे दिए जा रहे हैं. वहीं अजगर को खरगोश और मगरमच्छ को करीब डेढ़ किलो मछली खिलाई जा रही है. टाइगर की डाइट में भी बदलाव किया गया है. गर्मियों में उसके भोजन की मात्रा लगभग 20 प्रतिशत कम कर दी गई है. एक टाइगर को औसतन 10 किलो मांस दिया जा रहा है. जानवरों के पीने के लिए फिल्टर पानी और ग्लूकोज की भी व्यवस्था की गई है.
नहाने और ठंडक के लिए खास इंतजाम
टाइगर और हाथियों के बाड़ों में तालाब बनाए गए हैं जहां वे नहा सकते हैं. इसके अलावा फव्वारों के जरिए भी पानी का छिड़काव किया जा रहा है. चिड़ियाघर के सभी तालाबों में पर्याप्त पानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं ताकि जानवरों को किसी तरह की परेशानी ना हो. चिड़ियाघर प्रशासन ने पर्यटकों की सुविधा का भी पूरा ध्यान रखा है. पूरे चिड़ियाघर में 15 जगहों पर वाटर कूलर लगाए गए हैं. हर वाटर कूलर पर 9 नल लगाए गए हैं. इस तरह कुल 45 स्थानों पर ठंडे पानी की सुविधा उपलब्ध कराई गई है ताकि गर्मी में घूमने आने वाले लोगों को राहत मिल सके.
रिपोर्टर: आशुतोष कुमार
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