mAadhaar App में मिलेगा e-KYC का ऑप्शन, जानें कैसे करें पेपरलेस ऑफलाइन वेरीफिकेशन

mAadhaar App में पेपरलेस ऑफलाइन e-KYC फीचर, पहचान सत्यापन के लिए एक फंक्शन है. यह फीचर, आधार नंबर देने की जरूरत के बिना, ऑफलाइन वेरीफिकेशन के लिए डॉक्यूमेंट इकट्ठा करता है. 

mAadhaar App eKYC (symbolic photo)
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 01 जनवरी 2024,
  • अपडेटेड 11:43 PM IST
  • केवाईसी का मतलब है नो योर कस्मटर
  • ई-केवाईसी का अर्थ है इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी

आधार कार्ड एक आइडेंटिटी सर्टिफिकेट है, जो भारतीय नागरिकों की पहचान के लिए दिया जाता है. इसका इस्तेमाल सिविलाइजेशन की पुष्टि करने और सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का फायदा उठाने के लिए किया जाता है. जिसको ध्यान में रखते हुए UIDI ने mAadhaar ऐप में नया पेपरलेस ऑफलाइन ई-केवाईसी फीचर जोड़ा है. जिसके बाद आधार उपयोगकर्ता को केवाईसी के लिए फिजिकल उपस्थित नहीं होना पड़ेगा. आइए जानते हैं क्या होता है केवाईसी और ई-केवाईसी, कैसे कर सकते हैं पेपरलेस ऑफलाइन ई-केवाईसी? 

क्या होता है केवाईसी 
केवाईसी (KYC) से आपका बराबर पाला पड़ता होगा. केवाईसी का मतलब है 'नो योर कस्मटर', यानी अपने ग्राहक को जानो. बैंक में खाता खुलवाना हो या मोबाइल फोन का सिम कार्ड लेना हो, आपको केवाईसी की एक पूरी प्रक्रिया से गुजरना होता है. इसमें आपसे कुछ जरूरी जानकारी मांगी जाती है. यह जानकारी दस्तावेज के रूप में होती है. जहां आप केवाईसी कराते हैं, वह संस्थान उसी दस्तावेज की मदद से आपके बारे में जानकारी जुटाता है. संस्थान फिर उस जानकारी या दस्तावेज को सबूत के तौर पर अपने पास रख लेता है. आगे किसी प्रकार की गड़बड़ी होने पर उसी दस्तावेज के आधार पर कार्रवाई की जाती है. 

ई-केवाईसी क्या है
ई-केवाईसी  का सीधा अर्थ है इलेक्ट्रॉनिक केवाईसी. यानी ऐसी केवाईसी जो इलेक्ट्रॉनिक तरीके से होती है. यह ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीके से हो सकती है. इससे इतर फिजिकल केवाईसी होती है जिसमें ग्राहक को बैंक या मोबाइल की दुकान पर अपने दस्तावेज खुद जमा कराने होते हैं. इसमें ग्राहक अपने आधार, पैन, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, मतदाता पहचान पत्र जैसे कागजों का प्रिंटआउट जमा करता है. ग्राहक अगर यही काम इलेक्ट्रॉनिक तरीके से ऑनलाइन या ऑफलाइन करें तो उसे ई-केवाईसी कहेंगे. 

क्या हैं इसके फायदे
ई-केवाईसी के जरिए कागजी कार्रवाई पूरी तरह से खत्म हो जाती है. इससे पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहती है. ग्राहकों को अपने दस्तावेजों की फोटो कॉपी नहीं साझा करनी होती. इससे चोरी और धोखाधड़ी की संभवानाएं खत्म हो जाती है. फिजिकल केवाईस में जहां 5-7 दिन लग जाते हैं तो वहीं ई-केवाईसी में कुछ ही मिनट का समय लगता है.

mAadhaar ऐप में मिलती हैं ये सुविधाएं
mAadhaar ऐप में UIDI पेपरलेस ऑफलाइन ई-केवाईसी के आलावा निकटतम नामांकन केंद्र, ईआईडी/यूआईडी पुनर्प्राप्ति, आधार डाउनलोड, बायोमेट्रिक वेरीफिकेशन और ई-मेल वेरीफिकेशन जैसी सुविधाएं मिलती हैं.

mAadhaar ऐप में पेपरलेस ऑफलाइन e-KYC फीचर क्या है
mAadhaar ऐप में पेपरलेस ऑफलाइन e-KYC फीचर, पहचान सत्यापन के लिए एक फंक्शन है. यह फीचर, आधार नंबर देने की जरूरत के बिना, ऑफलाइन वेरीफिकेशन के लिए डॉक्यूमेंट इकट्ठा करता है. यह प्रोसेस, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के मुताबिक, पूरी तरह से सुरक्षित है. इस फीचर के जरिए यूजर खुद दस्तावेज बना सकते हैं और उन्हें ऑफलाइन सत्यापन के लिए इस्तेमाल कर सकते हैं. इस सुविधा का इस्तेमाल करने के लिए, यूआईडीएआई की वेबसाइट पर जाकर, अपना डिजिटल हस्ताक्षरित ऑफलाइन एक्सएमएल तैयार करना होता है.

पेपरलेस ऑफलाइन e-KYC के स्टेप्स
1. सबसे पहले अपने मोबाइल में Play Store या Apple App Store से mAadhaar ऐप डाउनलोड करें.
2. इसके बाद mAadhaar एप्लीकेशन लॉगइन करें.
3. इसके बाद एप्लीकेशन में आधार कार्ड में रजिस्टर्ड मोबइल नंबर फिल करें.
4. इसके बाद आपके नंबर पर एक ओटीपी आएगा, जिसे फिल करके सुरक्षित लॉगिन कर सकते हैं.
5. लॉग इन के बाद एप्लीकेशन में नीचे दिए सर्विसेज का टैब दिखाई देगा.
6. जिसमें आपको पेपरलेस ऑफलाइन ई-केवाईसी का ऑप्शन भी दिखेगा.
7. इस पर क्लिक करके अपना आधार नंबर डालना होगा और सिक्योरिटी कोड कैप्शन में फिल करना होगा.
8. जिसके बाद आपके पास फिर से एक ओटीपी आएगा, जिसे फिल करके वेरीफाई बटन पर क्लिक करें.
9. इसके बाद आप शेयर ई-केवाईसी बटन पर क्लिक करके जिसको भी दस्तावेज भेजना चाहते हैं भेज सकते हैं. 
10. डॉक्यूमेंट को जिप फाइल में कन्वर्ट करके काई सारे ऑर्गेनाइजेशन या फिर सर्विस प्रोवाइडर के साथ शेयर किया जा सकता है. 
11. ऑफलाइन वेरीफिकेशन के लिए इन डॉक्यूमेंट के साथ आपको शेयर कोड और रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर भी देना होगा.

 

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