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सबसे कम उम्र के प्रत्याशी हैं सौरभ परमार, फतेहपुर सीकरी से लड़ रहे हैं चुनाव

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. सभी राजनैतिक पार्टियां अपने-अपने प्रत्याशियों के प्रचार में जुटी हैं. वहीं कुछ ऐसे प्रत्याशी भी हैं जो बिना किसी पार्टी की सपोर्ट के चुनावी मैदान में उतरें हैं. 

सौरभ परमार
वरुण सिन्हा
  • नई दिल्ली ,
  • 23 जनवरी 2022,
  • अपडेटेड 12:37 PM IST
  • सबसे कम उम्र के प्रत्याशी
  • बाइक पर गांव-गांव जाकर मांग रहे हैं वोट

उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव की तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं. सभी राजनैतिक पार्टियां अपने-अपने प्रत्याशियों के प्रचार में जुटी हैं. वहीं कुछ ऐसे प्रत्याशी भी हैं जो बिना किसी पार्टी की सपोर्ट के चुनावी मैदान में उतरें हैं. 

न तो ये किसी पार्टी से जुड़े हुए हैं और न ही इनका कोई राजनैतिक बैकग्राउंड है. अगर कुछ है तो वह है जज़्बा, जिसके दम पर वह बदलाव लाना चाहते हैं. आज गुड न्यूज़ टुडे पर जानिए 28 वर्षीय सौरभ परमार के बारे में. सौरभ आगरा में फतेहपुर सिकरी विधानसभा से बतौर निर्दलयी प्रत्याशी खड़े हुए हैं. 

वोट मांगने का अंदाज है अलग: 

आगरा की फतेहपुर सीकरी सीट के लिए 28 साल के निर्दलीय प्रत्याशी सौरभ चर्चा में हैं. हर दिन नाइके पर बैठकर गांव-गांव जाते हैं और लोगों से वोट मांगते हैं. लेकिन उनके वोट मांगने का तरीका अलग है. दरअसल, सौरभ गांव-गांव पहुंचकर लोगों को जागरूक करते हैं. 

ग्रामीणों से सिर्फ वोट नहीं मांगते हैं बल्कि उन्हें समझाते भी है कि उन्हें क्यों वोट दिया जाए. सौरभ ने बताया है कि अब तक वह 100 गांवों का दौरा कर चुके हैं. और इस दौरान उन्होंने गांवों की परेशानियों को भी समझा है. और उनका वादा है कि वह इन परेशानियों का हल करेंगे. 

उनका कहना है कि वह सबसे कम उम्र के प्रत्याशी हैं. 

मां के साथ से बढ़ रहे हैं आगे: 

सौरभ के साथ प्रचार के लिए हर दिन उनकी मां मीरा परमार भी जाती हैं. उनका कहना है कि उनके बेटे ने समाज सेवा की ठानी है और इसमें वह उनका पूरा साथ दे रही हैं. उन्होंने चुनाव के लिए अपनी जमीन भी बेच दी है. उनका कहना है कि गर इस बार हार गए तो अगली बार फिर से चुनाव लड़ेंगे. 

सौरभ पहले ग्राम पंचायत में ब्लॉक का चुनाव जीत चुके हैं. लेकिन जब उन्होंने ब्लॉक प्रमुख का चुनाव लड़ने का प्रयास किया तो उन्हें चुनाव नही लड़ने दिया गया. उनका कहना है कि चुनावो में बड़ी पार्टिया उन जैसे नए लोगो को टिकट नही देगी इसलिए उन्होंने अपना पहला बड़ा चुनाव निर्दलीय लड़ने का फैसला किया। 

सौरभ और उनकी माँ मीरा परमार दोनों ने फतेह पुर सीकरी से चुनाव लड़ने के नामांकन भर दिया है. अब बस इंतजार इस बात का है कि जिसका भी नामांकन फाइनल होगा, दूसरा नाम वापस लेकर सपोर्ट करेगा. 

 

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