स्वास्थ्य मंत्रालय के सचिव और अन्य विशेषज्ञों के साथ मीटिंग में निर्वाचन आयोग ने निर्देश दिया कि पांचों चुनावी राज्यों में कोविड और इसके नए अवतार ओमिक्रॉन संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए टीकाकरण की रफ्तार बढ़ाएं. पांच में से सिर्फ दो राज्यों में असरदार ढंग से टीकाकरण हो पाया है. जबकि तीन राज्यों को अभी काफी जोर लगाना पड़ेगा.
पंजाब में 77 फीसदी को टीके की खुराक
अभी तक के आंकड़ों के मुताबिक यूपी में करीब 83 फीसद और पंजाब में सिर्फ 77 फीसद लोगों को ही टीके की खुराक मिली हैं. आयोग के साथ बैठक में दिए गए प्रेजेंटेशन के मुताबिक केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने उन दस राज्यों में अतिरिक्त विशेष टीमें भेजी थीं जहां टीकाकरण का औसत कम है. इसी सिलसिले में टीकाकरण की रफ्तार तेज करने के लिए उत्तर प्रदेश और पंजाब में भी विशेष टीमें भेजी गई हैं.
उत्तराखंड और गोवा में सौ फीसद पहुंच रहा टीकाकरण
उत्तर प्रदेश में अब तक 19 करोड़ 47 लाख वैक्सीन खुराक लगाई जा चुकी हैं. इस हिसाब से राज्य में 83 फीसदी आबादी ने पहली डोज लगवा ली है. यानी यूपी में 46 फीसदी लोगों ने दोनों डोज लगा कर पूरी तरह से टीकाकरण करवा चुके हैं. पंजाब में कुल 2 करोड़ 60 लाख डोज लगाई गई है. वहां भी अब तक सिर्फ 77 फीसदी लोगों ने ही पहली डोज ली है. इन 77 फीसदी में से 41 फीसदी ने ही दोनों डोज ली हैं. जबकि उत्तराखंड और गोवा में ये आंकड़ा सौ फीसदी के करीब पहुंच रहा है.
निष्पक्ष के साथ सुरक्षित चुनाव कराने का प्रयास
ऐसे में आयोग की कोशिश तो ये है कि टीकाकरण की रफ्तार और गाइड लाइन के पालन में सख्ती बढ़ाकर चुनाव कराने की संभावना तलाशी जाए, ताकि स्वतंत्र और निष्पक्ष के साथ-साथ सुरक्षित चुनाव कराए जा सकें. आयोग के इस कदम से ये साफ होता जा रहा है कि विधानसभा चुनाव समय से करवाने के लिए आयोग हरसंभव एहतियाती उपाय कर रहा है.
जल्द जारी होगी गाइडलाइन
आयोग से जुड़े उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक चुनाव प्रचार के लिए न्यूनतम समय दिए जाने पर विचार हो रहा है. इससे लोगों के आपसी संपर्क को भी न्यूनतम किया जा सकेगा. इसके अलावा जनसभा, रैली, रोड शो पर भी नई सख्तियों, पाबंदियों वाली गाइडलाइन आएगी. सूत्रों के मुताबिक सब कुछ होगा लेकिन आचार संहिता लागू होने के बाद आचार संहिता लागू होगी. चुनावी कार्यक्रम के ऐलान के साथ-साथ, यानी जनवरी के दूसरे हफ्ते में संभव है पहले चुनावी कार्यक्रम का ऐलान हो, और फिर नई सख्त गाइड लाइन का. इस बार ऑब्जर्वर और ऑब्जरवेशन दोनों ही ज्यादा सख्त होंगे.