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दिन में पुलिस की नौकरी, रात में एटीएम चोरी की प्लानिंग... फिर ऐसे खुली कांस्टेबल की काली करतूत

फरीदाबाद में एटीएम चोरी की वारदात की साजिश रचने वाला दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल ही निकला है. पुलिस ने एटम चोरी की तीन वारदातों का खुलासा करते हुए दिल्ली पुलिस के कॉन्स्टेबल समेत 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है.

ATM Theft Case
gnttv.com
  • फरीदाबाद,
  • 05 अगस्त 2026,
  • अपडेटेड 11:31 AM IST

फिल्मों में आपने पुलिस को चोर पकड़ते देखा होगा, लेकिन फरीदाबाद में कहानी बिल्कुल उल्टी निकली. यहां एटीएम काटकर लाखों रुपये उड़ाने वाले गिरोह का मास्टरमाइंड कोई बदमाश नहीं, बल्कि दिल्ली पुलिस का एक कांस्टेबल निकला. हैरानी की बात यह है कि उसने खुद पूरी साजिश रची, साथियों को एटीएम काटने की ट्रेनिंग दी और फिर वारदात को अंजाम दिलाया. चलिए आपको बताते हैं पूरा मामला क्या है.

वर्दी वाले ने रची चोरी की पूरी साजिश
फरीदाबाद पुलिस ने सेक्टर 58 के दो एटीएम और गांव भूपानी के एक एटीएम में चोरी की वारदातों का खुलासा किया है. क्राइम एसीपी अमन यादव के मुताबिक, इस पूरे गिरोह का सरगना दिल्ली पुलिस का कांस्टेबल हुक्म है, जो गांव अटाली का रहने वाला है. उसने पहले एटीएम की रेकी की, फिर अपने साथियों को यह सिखाया कि एटीएम मशीन को किस तरह काटना है और उसमें रखी नकदी कैसे निकालनी है.

पहली चोरी में रहा शामिल, बाद में साथी खुद बन गए खिलाड़ी
पुलिस जांच में सामने आया कि पहली वारदात में कांस्टेबल हुक्म खुद शामिल था. इसके बाद उसके साथी बिना उसकी मौजूदगी के दूसरी और तीसरी वारदात को अंजाम देने पहुंच गए. दूसरी घटना में वे एटीएम से करीब 12 लाख रुपये से ज्यादा की नकदी चुराने में सफल रहे. हालांकि तीसरी कोशिश में उन्हें सफलता नहीं मिली और उनका प्लान फेल हो गया.

5 आरोपी गिरफ्तार, एक और आएगा बिहार से
पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल हुक्म समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है. गिरफ्तार आरोपियों में हुक्म का भतीजा विकास और अरविंद भी शामिल हैं. पूछताछ में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं. पुलिस का कहना है कि इस मामले का एक और आरोपी बिहार की जेल में बंद है. उसे प्रोडक्शन वारंट पर फरीदाबाद लाया जाएगा ताकि उससे भी पूछताछ की जा सके.

पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि इस गिरोह ने कहीं दूसरे राज्यों में भी इसी तरह की वारदातों को अंजाम तो नहीं दिया. साथ ही आरोपियों के नेटवर्क और उनकी पुरानी गतिविधियों की भी जांच जारी है.

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