scorecardresearch

सावधान! बाजार की हल्दी में हो सकती है मिलावट, कानपुर में रंग और चावल के टुकड़ों से तैयार की जा रही थी नकली हल्दी; ऐसे करें असली-नकली की पहचान

कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग की छापेमारी में एक मसाला फैक्ट्री से बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामान मिला है. अधिकारियों को शक है कि चावल के टुकड़ों और रंग की मदद से हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था.

Advertisement
Easy Ways to Spot Fake Turmeric Easy Ways to Spot Fake Turmeric
हाइलाइट्स
  • कानपुर की फैक्ट्री में मिला संदिग्ध स्टॉक

  • असली हल्दी पहचानने के 4 आसान टेस्ट

रसोई में इस्तेमाल होने वाली हल्दी, मिर्च और धनिया अगर मिलावटी निकल जाएं तो यह सेहत के लिए बड़ा खतरा बन सकते हैं. उत्तर प्रदेश के कानपुर में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (FSDA) की टीम ने एक मसाला फैक्ट्री पर छापा मारकर बड़ी मात्रा में संदिग्ध सामग्री बरामद की है. अधिकारियों को शक है कि चावल के टुकड़ों में रंग मिलाकर हल्दी पाउडर तैयार किया जा रहा था. हालांकि, इसकी पुष्टि लैब रिपोर्ट आने के बाद ही होगी.

छापे में क्या-क्या मिला?
खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने पीतांबरा इंटरप्राइजेज में जांच के दौरान देखा कि वहां हल्दी पाउडर बनाया जा रहा था, लेकिन फैक्ट्री में साबुत हल्दी मौजूद नहीं थी. इसके बजाय बड़ी मात्रा में चावल के टुकड़े, रंग और अन्य कच्चा माल मिला. इसी आधार पर अधिकारियों को मिलावट की आशंका हुई. टीम ने हल्दी पाउडर, मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर, चावल के टुकड़े और रंग समेत छह नमूने जांच के लिए लैब भेजे हैं.

करीब 5.86 लाख का संदिग्ध स्टॉक जब्त
कार्रवाई के दौरान विभाग ने 77 बोरी चावल के टुकड़े, 42 बैग हल्दी पाउडर, 30-30 किलो धनिया और मिर्च पाउडर तथा 20 किलो संदिग्ध हल्दी बरामद किया. जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 5.86 लाख रुपए बताई गई है. विभाग ने फैक्ट्री का लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है.

असली और नकली हल्दी की पहचान कैसे करें?
1. एक गिलास पानी में एक चम्मच हल्दी पाउडर डालें और उसे बिना हिलाए कुछ मिनट छोड़ दें. अगर ऊपर का पानी बहुत ज्यादा पीला हो जाए और नीचे सफेद या दूसरे रंग का अवशेष दिखे, तो हल्दी मिलावटी है. शुद्ध हल्दी धीरे-धीरे नीचे बैठती है.

2. थोड़ी-सी हल्दी हथेली पर लेकर रगड़ें. असली हल्दी की खुशबू तेज और प्राकृतिक होती है, जबकि नकली हल्दी में रंग तो चमकीला हो सकता है.

3. अगर शक हो कि हल्दी में स्टार्च या चावल का पाउडर मिलाया गया है, तो हल्दी के घोल में आयोडीन की कुछ बूंदें डालें. रंग नीला या काला पड़ने लगे तो स्टार्च की मिलावट हो सकती है.

4. जहां तक संभव हो, भरोसेमंद ब्रांड का मसाला खरीदें या साबुत हल्दी लेकर घर में पिसवाएं. इससे मिलावट का खतरा काफी कम हो जाता है.

खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान

  • बहुत सस्ती हल्दी खरीदने से बचें.

  • पैक्ड मसाले पर FSSAI लाइसेंस नंबर और पैकिंग की जानकारी जरूर देखें.

  • हल्दी का रंग जरूरत से ज्यादा चमकीला या असामान्य लगे तो सावधान रहें.

  • खुला मसाला खरीदते समय विश्वसनीय दुकान को ही प्राथमिकता दें.

ये भी पढ़ें: