Advertisement

गुजरात में बनने जा रहा है गगनयान नियंत्रण केंद्र और अंतरिक्ष यात्रियों के पुनर्वास केंद्र, इसरो के वैज्ञानिक की ये है तैयारी

इसरो गुजरात में अपने पहले मिशन गगनयान सहित भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को पूरा करने के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर विचार कर रहा है. हालांकि, 29 नवंबर तक इस संबंध में कोई फैसला नहीं हो पाया है.

इसरो
gnttv.com
  • नई दिल्ली,
  • 30 नवंबर 2021,
  • अपडेटेड 4:47 PM IST
  • नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर 29 नवंबर को हुई थी बैठक लैंडिंग तय करेगी
  • कहां बनेगा पुनर्वास केंद्र

इसरो गुजरात में अपने पहले मिशन गगनयान सहित भारत के मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम को पूरा करने के लिए नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण पर विचार कर रहा है. हालांकि, 29 नवंबर तक इस संबंध में कोई फैसला नहीं हो पाया है. अंग्रेजी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक,  5 महीने पहले गुजरात में नए इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण का विश्लेषण करने के लिए एक बैठक हुई थी. इसमें एक नियंत्रण केंद्र बनाए जाने को लेकर चर्चा हुई थी.

गगनयान के लिए नवीनीकरण शुरू

बेंगलुरु में इसट्रैक ने खास तौर से गगनयान के लिए नवीनीकरण शुरू किया. कुछ हफ्ते बाद गुजरात में संभावित अंतरिक्ष यात्रियों के पुनर्वास केंद्र के बारे में एक और चर्चा हुई. पिछले कई हफ्तों से इसरो के कई वैज्ञानिकों, इंजीनियरों और कर्मचारियों के साथ बात की जा रही है और उन्हें कहा गया है कि कुछ भी बनाने के लिए कोई औपचारिक आदेश नहीं दिया गया है. 

लैंडिंग तय करेगी, कहां बनेगा पुनर्वास केंद्र

अंतरिक्ष यात्रियों के पुनर्वास केंद्र के लिए एक दूसरे वैज्ञानिक ने समझाया, 'लैंडिंग साइट के करीब एक नई सुविधा की जरूरत है. अगर हम अरब सागर में उतरने का फैसला करते हैं तो यह गुजरात में आ सकता है, न कि बंगाल की खाड़ी में.'  मुख्यालय के एक वैज्ञानिक ने कहा, 'क्रू लैंडिंग ज्यादातर गुजरात तट से हो सकती है क्योंकि भारतीय नौसेना ने कहा था कि बंगाल की खाड़ी ऊंची लहरों वाला एक उबड़-खाबड़ समुद्र है, जिसकी वजह से मॉड्यूल पानी के नीचे जा सकता है. लैंडिंग के बाद बचाव कार्य होगा.  लगभग दो घंटे लगते हैं और खाड़ी में लहरों की ऊंचाई को देखते हुए ऐसी आशंका है कि यह क्रू मॉड्यूल हैच से ऊपर जा सकता है जिससे अंतरिक्ष यात्रियों को बचाना मुश्किल हो जाता है. हालाँकि, अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है '.

 

Read more!
Advertisement

RECOMMENDED

Advertisement
Advertisement