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Gold-Silver Price Down: सोने-चांदी में आई बड़ी गिरावट, खरीदारी से पहले यहां देखें रेट लिस्ट

देश के रिटेल बाजार में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई. वहीं MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब 0.4% गिरकर 1,43,545 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा. अक्टूबर और दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट में भी लगभग इतनी ही कमजोरी रही.

gold, silver rate Today
gnttv.com
  • नई दिल्ली ,
  • 29 जून 2026,
  • अपडेटेड 2:59 PM IST

सोमवार, 29 जून को सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली. सर्राफा बाजार से लेकर मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) तक दोनों में गिरावट दिखी. इसकी सबसे बड़ी वजह मध्य-पूर्व में जारी तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में बढ़त और अमेरिका में ब्याज दरों को लेकर बढ़ती आशंकाएं हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक हालात सामान्य नहीं होते, तब तक सोने-चांदी की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है.

सोना-चांदी दोनों सस्ते हुए
देश के रिटेल बाजार में 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई. वहीं MCX पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना करीब 0.4% गिरकर 1,43,545 रुपए प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा. अक्टूबर और दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट में भी लगभग इतनी ही कमजोरी रही. चांदी भी दबाव में रही. सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 518 रुपए टूटकर 2,22,954 रुपए प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई. जुलाई और दिसंबर कॉन्ट्रैक्ट में भी 0.3% तक की गिरावट दर्ज की गई.

फिर बढ़ा मध्य-पूर्व का तनाव
वीकेंड पर अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर सैन्य कार्रवाई हुई. ईरान ने अमेरिका के सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन हमले किए. इसके जवाब में अमेरिका की ओर से भी सख्त चेतावनी दी गई. हालांकि बाद में दोनों देशों ने फिलहाल संघर्ष रोकने और बातचीत जारी रखने पर सहमति जताई. साथ ही होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों की आवाजाही भी फिर शुरू हो गई. इसके बावजूद निवेशकों की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है.

कच्चा तेल महंगा होने लगा
तनाव बढ़ने के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी लौट आई. अमेरिकी WTI क्रूड करीब 1.3% बढ़कर 70 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच गया. वहीं ब्रेंट क्रूड भी करीब 72.5 डॉलर प्रति बैरल के स्तर पर कारोबार करता दिखा. अगर मध्य-पूर्व में हालात फिर बिगड़ते हैं और तेल की सप्लाई प्रभावित होती है, तो कच्चे तेल की कीमतें और बढ़ सकती हैं.

तेल महंगा होने से सोने पर क्यों पड़ता है असर?
पहली नजर में तेल और सोने का सीधा संबंध नहीं दिखता, लेकिन दोनों एक-दूसरे को प्रभावित करते हैं. जब कच्चा तेल महंगा होता है तो दुनिया भर में महंगाई बढ़ने का खतरा रहता है. महंगाई बढ़ने पर केंद्रीय बैंक, खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व, ब्याज दरें ऊंची रख सकते हैं या उन्हें और बढ़ा सकते हैं.

ऊंची ब्याज दरों का सबसे ज्यादा असर सोने पर पड़ता है, क्योंकि सोना कोई ब्याज या रिटर्न नहीं देता. ऐसे में निवेशक सोने की बजाय बॉन्ड और अन्य ब्याज देने वाले निवेश विकल्पों की ओर रुख करने लगते हैं. यही वजह है कि महंगाई की आशंका के बावजूद इस समय सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है.

फेडरल रिजर्व की नीति भी बड़ी वजह
बाजार की नजर अब अमेरिका के फेडरल रिजर्व पर टिकी हुई है. निवेशकों को आशंका है कि अगर महंगाई बढ़ती है तो फेड ब्याज दरों में कटौती करने की बजाय उन्हें लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रख सकता है. इसी संभावना के चलते निवेशक फिलहाल सोने में बड़ी खरीदारी करने से बच रहे हैं. यही कारण है कि भू-राजनीतिक तनाव के बावजूद सोने की कीमतों में बड़ी तेजी देखने को नहीं मिल रही.

चीन-जापान विवाद ने भी बढ़ाई चिंता
इस बीच चीन ने जापान के चार सरकारी रक्षा अनुसंधान संस्थानों को ब्लैकलिस्ट कर दिया है. इसके अलावा कई जापानी कंपनियों पर निर्यात संबंधी नए प्रतिबंध लगाए गए हैं. इससे वैश्विक व्यापार और सप्लाई चेन को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं.

 

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