नोएडा की बल्ले-बल्ले... केंद्रीय मंत्रिमंडल ने शहर के लिए नए मेट्रो कॉरिडोर को दी मंजूरी, दिल्ली-टू-ग्रेटर नोएडा होगा आसान

यह नया कॉरिडोर खासतौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे दिल्ली से नोएडा होते हुए ग्रेटर नोएडा जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी.

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gnttv.com
  • नोएडा,
  • 15 फरवरी 2026,
  • अपडेटेड 8:26 AM IST

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में नोएडा मेट्रो के सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक 11.56 किलोमीटर लंबे नए कॉरिडोर को मंजूरी दे दी है. इस कॉरिडोर में कुल आठ एलिवेटेड स्टेशन बनाए जाएंगे. इसके शुरू होने के बाद नोएडा और ग्रेटर नोएडा का पूरा मेट्रो नेटवर्क 61.62 किलोमीटर तक पहुंच जाएगा, जो अब तक का सबसे बड़ा विस्तार माना जा रहा है. यह परियोजना आने वाले समय में शहर की कनेक्टिविटी, यातायात व्यवस्था और आर्थिक गतिविधियों पर व्यापक प्रभाव डालेगी.

दिल्ली-टू-ग्रेटर नोएडा हुआ आसान
यह नया कॉरिडोर खासतौर पर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे दिल्ली से नोएडा होते हुए ग्रेटर नोएडा जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी. वर्तमान में दिल्ली से ग्रेटर नोएडा पहुंचने के लिए सेक्टर-51 में इंटरचेंज या फिर सड़क मार्ग का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन नई लाइन शुरू होने के बाद यात्री बॉटेनिकल गार्डन पर उतरकर सीधे सेक्टर-142 तक जाएंगे और वहां से ग्रेटर नोएडा के डिपो स्टेशन तक बिना किसी परेशानी के पहुंच सकेंगे. इसका मतलब है कि दिल्ली (ब्लू लाइन/मैजेंटा लाइन) से सिर्फ एक इंटरचेंज में पूरा ग्रेटर नोएडा आसानी से कवर किया जा सकेगा.

कई कंपनियों के कर्मचारियों को मिलेगा फायदा
इस रूट के विकसित होने से नोएडा के कई बड़े व्यावसायिक और आईटी सेक्टर सीधे मेट्रो से जुड़ जाएंगे, जिनमें सेक्टर-142 का एडवांट बिजनेस पार्क, सेक्टर-98 का स्काईमार्क वन मॉल और सेक्टर-93 का मॉल ऑफ नोएडा जैसे प्रमुख केंद्र शामिल हैं. इसके साथ ही क्षेत्र में मौजूद प्रमुख मल्टीनेशनल कंपनियां जैसे Microsoft, TCS, Infosys, Cognizant, Adobe और Oracle को भी तीव्र परिवहन सुविधा मिलेगी, जिससे हजारों कर्मचारियों की दैनिक यात्रा काफी आसान होगी. इसके अलावा सेक्टर-125 स्थित Amity University, विभिन्न स्कूल और सेक्टर-128 का Max Super Specialty Hospital जैसे संस्थान भी इस कॉरिडोर से सीधे लाभान्वित होंगे.

प्रदूषण में कमी, रोजगार में इज़ाफा
यही नहीं नए मेट्रो कॉरिडोर से शहर की सड़कों पर वाहनों का दबाव कम होगा, जिससे ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी. साथ ही साथ प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है. सार्वजनिक परिवहन मजबूत होने से लोग निजी वाहनों पर निर्भरता कम करेंगे, जिससे ईंधन की बचत होगी और पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा.

वहीं इस नए मेट्रो कॉरिडोर से यात्रा समय कम होने और शहर के विभिन्न हिस्सों के बीच तेज आवाजाही से व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा, और नए स्टेशन खुलने से आसपास के इलाकों में रोजगार और विकास के अवसर भी बढ़ेंगे.

कुल मिलाकर, सेक्टर-142 से बॉटेनिकल गार्डन तक का यह नया मेट्रो कॉरिडोर नोएडा और ग्रेटर नोएडा के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने जा रहा है. यह न केवल यात्रा को तेज और सुरक्षित बनाएगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर की पूरी शहरी गतिशीलता को एक नई दिशा देगा.

- भूपेंद्र चौधरी की रिपोर्ट

 

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