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Ranchi Diwali News: इस दिवाली घरों को रोशन करेंगे गोबर के दीये, 500 से अधिक ग्रामीण महिलाओं पहल में शामिल

रांची में इस दीपावली गोबर और मिट्टी से बने डिजाइनर दीये और सजावटी सामान घरों की रौनक बढ़ाएंगे. कोरोना काल में शुरू हुए 'गोवर क्रॉफ्ट' स्टार्टअप के जरिए आज 500 से अधिक ग्रामीण महिलाएं जुड़ चुकी हैं. गोबर से 41 तरह के उत्पाद तैयार कर ये महिलाएं आत्मनिर्भरता की एक मिसाल पेश कर रही हैं.

Ranchi Diwali News
gnttv.com
  • रांची,
  • 03 नवंबर 2026,
  • अपडेटेड 7:31 PM IST

रांची में इस दीपावली घरों और आंगन में गोबर से बने दीयों की रोशनी दिखाई देगी. इन दीयों की खासियत सिर्फ इनका डिजाइन या सजावट नहीं है, बल्कि इनके पीछे 500 से अधिक ग्रामीण महिलाओं की मेहनत भी जुड़ी है. एक ओर इनसे त्योहार पर घर सजेंगे, तो दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं को रोजगार मिल रहा है. कोरोना काल में शुरू हुई एक छोटी-सी पहल आज महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने का जरिया बन गई है.

जिस गाय के गोबर को पहले बेकार समझकर छोड़ दिया जाता था, उसी से अब कई तरह के उपयोगी और सजावटी सामान बनाए जा रहे हैं. इसमें डिजाइनर दीयों से लेकर लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, झालर और घर सजाने की चीजें शामिल हैं. सोनाली और रोशन ने कोरोना काल में 'गोवर क्रॉफ्ट' नाम से इस स्टार्टअप की शुरुआत की थी. धीरे-धीरे यह काम आगे बढ़ा और आज इससे 500 से अधिक ग्रामीण महिलाएं जुड़ चुकी हैं.

कोरोना काल में आया गोबर से उत्पाद बनाने का आइडिया
गोवर क्रॉफ्ट की शुरुआत कोरोना काल में हुई थी. सोनाली और रोशन ने गाय के गोबर को उपयोग में लाकर उससे अलग-अलग तरह के उत्पाद तैयार करने का विचार किया. इस छोटे से आइडिया को उन्होंने स्टार्टअप का रूप दिया. समय के साथ इस पहल से ग्रामीण महिलाएं भी जुड़ती गईं और उनके लिए रोजगार का एक जरिया तैयार हुआ.

आज इस स्टार्टअप से 500 से ज्यादा ग्रामीण महिलाएं जुड़ी हुई हैं. महिलाएं गोबर से बनने वाले उत्पादों को तैयार करने के काम में योगदान दे रही हैं. इस तरह एक ओर पारंपरिक रूप से बेकार समझे जाने वाले गोबर का इस्तेमाल हो रहा है, तो दूसरी ओर ग्रामीण महिलाओं को काम मिल रहा है.

गोबर और मिट्टी से तैयार होते हैं 41 तरह के उत्पाद
इस स्टार्टअप में गाय के गोबर के साथ थोड़ी मिट्टी मिलाकर अलग-अलग उत्पाद बनाए जाते हैं. सबसे पहले इस मिश्रण को सांचों में डालकर मनचाहा आकार दिया जाता है. इसके बाद तैयार सामान को सुखाया जाता है और फिर आकर्षक रंगों से सजाया जाता है. इस प्रक्रिया से डिजाइनर दीये, लक्ष्मी-गणेश की मूर्तियां, झालर और घर सजाने के कई तरह के सामान तैयार किए जाते हैं. फिलहाल गोवर क्रॉफ्ट के पास 41 तरह के उत्पादों की श्रृंखला है.

त्योहार की सजावट के साथ महिलाओं की आत्मनिर्भरता की पहल
इस दीपावली गोबर से बने दीये और सजावटी सामान घरों की रौनक बढ़ाने के साथ इस पहल से जुड़ी महिलाओं की मेहनत को भी सामने लाएंगे. कोरोना काल में शुरू हुआ यह स्टार्टअप अब 500 से अधिक ग्रामीण महिलाओं को जोड़ चुका है. गोबर से 41 तरह के उत्पाद तैयार करने की यह पहल रोजगार और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक उदाहरण बन रही है.

(रिपोर्ट- आकाश कुमार)
 

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