शिक्षिका द्वारा छात्रा को पीटने का आरोप
शिक्षिका द्वारा छात्रा को पीटने का आरोप
पढ़ाई नहीं करने पर ट्यूशन गई एक नाबालिग छात्रा के साथ मारपीट किए जाने का मामला सामने आया है. घटना पश्चिम बंगाल के आसनसोल स्थित सलानपुर थाना क्षेत्र के रूपनारायणपुर इलाके की है. बच्ची के परिवार ने आरोप लगाया है कि ट्यूशन पढ़ाने वाली शिक्षिका ने उसे डंडे से पीटा. परिवार का दावा है कि बच्ची के शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर चोट के निशान मिले हैं. मामले में परिवार की ओर से पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसके बाद जांच शुरू कर दी गई है.
ट्यूशन पढ़ने जाती थी बच्ची
परिवार के मुताबिक, प्रियांशी दास रूपनारायणपुर के दुर्गा मंदिर के पास स्थित विनायक कॉम्प्लेक्स में ट्यूशन पढ़ने जाती थी. आरोप है कि पढ़ाई नहीं करने पर शिक्षिका ने बच्ची को डंडे से पीटा. ट्यूशन खत्म होने के बाद जब बच्ची घर पहुंची, तो उसके शरीर पर चोट के निशान देखकर परिवार के लोग हैरान रह गए. बच्ची के पिता मलय दास का आरोप है कि जब वे ट्यूशन खत्म होने के बाद बच्ची को लेने पहुंचे, तो शिक्षिका ने उसकी आंख के पास चोट लगने की जानकारी दी थी. शिक्षिका की ओर से बताया गया था कि बच्ची को यह चोट किसी चीज से टकराने के कारण लगी है.
घर पहुंचते ही रोने लगी बच्ची
परिवार के मुताबिक, घर पहुंचने के बाद जब बच्ची से चोट लगने के बारे में पूछा गया, तो वह रोने लगी. इसके बाद उसने शिक्षिका द्वारा मारपीट किए जाने की बात बताई. परिवार का कहना है कि बच्ची के शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर भी चोट के निशान दिखाई दिए. इसके बाद परिवार के सदस्यों ने शिक्षिका से फोन पर बात की. परिवार का आरोप है कि शिक्षिका ने चोट लगने की वजह दुर्घटना बताई और पुलिस में शिकायत नहीं करने का अनुरोध किया.
शिक्षिका का इनकार
इस मामले में आरोपी शिक्षिका गार्गी घोष ने बच्ची के साथ मारपीट किए जाने के आरोपों को खारिज किया है. उनका कहना है कि उन्होंने बच्ची को नहीं पीटा है. उनके मुताबिक, बच्ची के शरीर पर मौजूद चोट के निशान किसी अन्य वजह से भी हो सकते हैं. शिक्षिका ने बच्ची की चोटों की तस्वीरें सोशल मीडिया पर प्रसारित किए जाने पर भी आपत्ति जताई है.
मामले को लेकर बच्ची के परिवार ने सलानपुर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है. वहीं, बीजेपी नेता अभिजीत राय ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है. उन्होंने कहा कि यदि जांच में आरोप सही पाए जाते हैं, तो कानून के मुताबिक आरोपी के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए. साथ ही उन्होंने बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन से उचित कदम उठाने की मांग की है.
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की पड़ताल कर रही है. जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि बच्ची को चोट कैसे लगी और शिक्षिका पर लगाए गए मारपीट के आरोपों में कितनी सच्चाई है.
(रिपोर्ट- अनिल गिरी)
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