ग्रेटर नोएडा में परी चौक के पास ऐचेर स्तिथ एक पेट्रोल पंप पर गाड़ियों में पेट्रोल की जगह पानी भर जाने का मामला सामने आया है. तेल टंकी में पानी भरे जाने के कारण 10 वाहन खराब हो गए, जिसके बाद ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया. सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को शांत कराया.
वाहन अचानक हो गए बंद
यह घटना बीटा 2 थाना क्षेत्र के सेक्टर पाई वन स्थित इंडियन ऑयल पेट्रोल पंप पर शनिवार दोपहर को हुई. कई लोग अपनी गाड़ियों और मोटरसाइकिलों में पेट्रोल भरवाकर वहां से निकले, लेकिन कुछ ही दूरी पर जाकर उनके वाहन अचानक बंद पड़ गए. वाहन खराब होने के बाद ग्राहक वापस पेट्रोल पंप पर लौटे और कर्मचारियों व मैनेजर से शिकायत की.
जांच करने पर पता चला कि पेट्रोल पंप के टैंक में लीकेज के कारण पानी चला गया था और वही पानी वाहनों की टंकी में भर गया था. इस खुलासे के बाद ग्राहकों ने पेट्रोल पंप पर हंगामा शुरू कर दिया. स्थिति बिगड़ती देख पुलिस को मौके पर बुलाया गया. पुलिस ने हस्तक्षेप कर लोगों को शांत कराया और मामले की जांच शुरू की. पेट्रोल की जगह पानी भरने के कारण 4 कारें और 6 मोटरसाइकिलें खराब हो गईं. कई वाहनों को मौके पर ही मैकेनिक बुलाकर ठीक कराना पड़ा. ग्राहकों ने मुआवजे की मांग की, जिस पर पेट्रोल पंप के मैनेजर ने सहमति जताई.
...तो ऐसे पेट्रोल में पानी भर गया
पेट्रोल पंप पर मौजूद ग्राहक ने बताया कि वह अपनी बाइक में पेट्रोल डलवा कर निकाला तो बाइक बीच में बंद होने लगी फिर उसने जब चेक किया तो पेट्रोल में पानी मिक्स था. यह पूरी पेट्रोल पंप की गलती है क्योंकि पेट्रोल को हमेशा चेक किया जाता है. पेट्रोल पंप पर काम करने वाले आईजीएल टेक्नीशियन संदीप ने बताया कि पेट्रोल से भरा हुआ जब टैंकर आया था, तो टैंकर बैक करते समय पानी के पाइप टूट गए. शाम को जब बारिश आई तो इन पाइप के अंदर पानी भर गया, जिससे पेट्रोल में भी पानी भर गया.
बारिश के कारण पाइपलाइनकल ठीक नहीं हो पाई थी, जिन लोगों के वाहन खराब हुए हैं, उनको ठीक करवाया जा रहा है. टैंक में से पानी भी बाहर निकाला जा रहा है. अब इसमें नया फ्यूल डलवाया जाएगा, जिन वाहनों में दिक्कत आई है उनकी संख्या 20 से 25 है. करीबन 12000 लीटर फ्यूल खराब हो गया है. फिलहाल, कई खराब वाहन अभी भी पेट्रोल पंप पर ही हैं और उन्हें ठीक किया जा रहा है. इस पूरे मामले की जांच के लिए जिला पूर्ति विभाग की टीम भी मौके पर पहुंचकर पड़ताल की.
(अरुण त्यागी की रिपोर्ट)